बच्चों में नींद के दौरान सांस लेने में तकलीफ या अश्वसन की स्थिति उनमें व्यवहारगत समस्याओं की जोखिम बढ़ा देती है। साथ ही साथ उनमें सीखने और अनुकूलन में समस्या भी पैदा कर सकती है।
अमेरिकी अनुसंधानकर्ताओं ने पाया है कि नींद के दौरान सांस लेने में खलल स्लीप-डिसऑर्डर्ड ब्रीदिंग (एसडीबी) का ही एक सामान्य रूप है और यह अटेंशन डेफिसिट-हायपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (एपीएचडी) से जुड़ा है। एपीएचडी में बच्चों में व्यवहारगत समस्याएं देखी जाती हैं।
टेक्सॉस में यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना के इस अध्ययन के प्रमुख लेखक माइकल परफेक्ट ने कहा कि यह अध्ययन उन मेडिकल प्रोफेशनलों को कुछ सहायक जानकारियां देता है, जो एसडीबी पीड़ित बच्चों के माता-पिता को परामर्श देते हैं। यह साफ है एसडीबी ग्रस्त बच्चों में व्यवहारगत समस्याओं की जोखिम होती हैं। स्कूल प्रबंधन को इस बात पर विचार करना चाहिए कि एसडीबी के कारण बच्चों में क्लासरूम में हायपरएक्टिविटी होती है। उनमें सीखने और व्यवहारगत इमोशन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। यह अध्ययन पांच साल तक किया गया और 'जर्नल स्लीप" में प्रकाशित हुआ है।
263 बच्चों पर अध्ययन
अध्ययन में 6 से 11 साल उम्र के 263 बच्चों को शामिल किया गया। इसमें बच्चों पर एसडीबी की मौजूदगी और इसके न्यूरोबिहेवियरल फंक्शनिंग पर प्रभावों का अध्ययन किया।
अमेरिकी अनुसंधानकर्ताओं ने पाया है कि नींद के दौरान सांस लेने में खलल स्लीप-डिसऑर्डर्ड ब्रीदिंग (एसडीबी) का ही एक सामान्य रूप है और यह अटेंशन डेफिसिट-हायपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (एपीएचडी) से जुड़ा है। एपीएचडी में बच्चों में व्यवहारगत समस्याएं देखी जाती हैं।
टेक्सॉस में यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना के इस अध्ययन के प्रमुख लेखक माइकल परफेक्ट ने कहा कि यह अध्ययन उन मेडिकल प्रोफेशनलों को कुछ सहायक जानकारियां देता है, जो एसडीबी पीड़ित बच्चों के माता-पिता को परामर्श देते हैं। यह साफ है एसडीबी ग्रस्त बच्चों में व्यवहारगत समस्याओं की जोखिम होती हैं। स्कूल प्रबंधन को इस बात पर विचार करना चाहिए कि एसडीबी के कारण बच्चों में क्लासरूम में हायपरएक्टिविटी होती है। उनमें सीखने और व्यवहारगत इमोशन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। यह अध्ययन पांच साल तक किया गया और 'जर्नल स्लीप" में प्रकाशित हुआ है।
263 बच्चों पर अध्ययन
अध्ययन में 6 से 11 साल उम्र के 263 बच्चों को शामिल किया गया। इसमें बच्चों पर एसडीबी की मौजूदगी और इसके न्यूरोबिहेवियरल फंक्शनिंग पर प्रभावों का अध्ययन किया।

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