वैज्ञानिकों द्वारा हाल ही में किए एक शोध में इस बात का दावा किया गया है कि नारियल तेल का सेवन याददाश्त दुरुस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके साथ ही यह अल्जाइमर्स जैसी बीमारी से ग्रसित मरीजों के लिए बेहद मददगार साबित हो सकता है।
नारियल के तेल के इस्तेमाल की परंपरा हमारे यहां प्राचीनकाल से चली आ रही है। उत्तर भारत में जहां आमतौर पर इसका इस्तेमाल सिर और बदन की मालिश करने में होता है, वहीं देश के तटीय इलाकों, विशेषकर दक्षिण भारत में खाने में नारियल तेल का इस्तेमाल बहुतायत में होता है। लेकिन अब वैज्ञानिकों ने सेहत के लिए इसके फायदों पर भी गहन जानकारी दी है। जिसमें अल्जाइमर्स रोगियों के लिए ज्यादा फायदेमंद बताया है। अल्जाइमर्स, याद न रहने की ऐसी समस्या है जो व्यक्ति में गंभीर बीमारी के रूप में सामने आती है। इसमें व्यक्ति की याददाश्त कम हो जाती है।
गुणों से भरपूर
हाल ही में हुए एक शोध में नारियल तेल के स्वास्थ्यप्रद गुणों की ओर इशारा किया गया है। लंदन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा इस तेल की गुणवत्ता को देखते हुए शोध किया गया। इसमें बताया कि नारियल तेल न सिर्फ याददाश्त दुरुस्त रखने में मदद करता है बल्कि यह शरीर को पुष्ट रखने में भी मदद करता है। शोध में इस बात का दावा किया गया है कि नारियल तेल में अल्जाइमर्स से लड़ने की क्षमता होती है।
कैसे किया अध्ययन
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी व कार्डियक मेटाबॉलिज्म रिसर्च ग्रुप के अध्यक्ष व प्रमुख शोधकर्ता केरिएन क्लार्क ने बताया कि हमारे शरीर की तरह हमारा दिमाग भी ऊर्जा के लिए कार्बोहाइड्रेट पर ही निर्भर होता है। जब कई बार उसे पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट नहीं मिलता तो ब्रेन सेल्स शरीर में जमे फैट्स का उपयोग करती हैं।
यह ऊर्जा छोटे मॉलिक्यूल्स के जरिए उन्हें मिलती है, जिन्हें कीटोन्स कहा जाता है। नारियल के तेल में ऐसे यौगिक बहुत अधिक मात्रा में पाए जाते हैं, जो कीटोन्स उत्पन्ना करने में मदद करते हैं।
नारियल में एमसीटी
नारियल में एमसीटी (मीडियम चैन ट्राईग्लीसरॉइड्स) का पाया जाना इसका विशेष गुण होता है, जो अन्य तरह के फैट्स में नहीं पाया जाता है। अमेरिका में एमसीटी के लिए पूरक आहार दिए जाते हैं। लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि नारियल के तेल से इस कमी को पूरा किया जा सकता है।
नारियल के तेल के इस्तेमाल की परंपरा हमारे यहां प्राचीनकाल से चली आ रही है। उत्तर भारत में जहां आमतौर पर इसका इस्तेमाल सिर और बदन की मालिश करने में होता है, वहीं देश के तटीय इलाकों, विशेषकर दक्षिण भारत में खाने में नारियल तेल का इस्तेमाल बहुतायत में होता है। लेकिन अब वैज्ञानिकों ने सेहत के लिए इसके फायदों पर भी गहन जानकारी दी है। जिसमें अल्जाइमर्स रोगियों के लिए ज्यादा फायदेमंद बताया है। अल्जाइमर्स, याद न रहने की ऐसी समस्या है जो व्यक्ति में गंभीर बीमारी के रूप में सामने आती है। इसमें व्यक्ति की याददाश्त कम हो जाती है।
गुणों से भरपूर
हाल ही में हुए एक शोध में नारियल तेल के स्वास्थ्यप्रद गुणों की ओर इशारा किया गया है। लंदन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा इस तेल की गुणवत्ता को देखते हुए शोध किया गया। इसमें बताया कि नारियल तेल न सिर्फ याददाश्त दुरुस्त रखने में मदद करता है बल्कि यह शरीर को पुष्ट रखने में भी मदद करता है। शोध में इस बात का दावा किया गया है कि नारियल तेल में अल्जाइमर्स से लड़ने की क्षमता होती है।
कैसे किया अध्ययन
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी व कार्डियक मेटाबॉलिज्म रिसर्च ग्रुप के अध्यक्ष व प्रमुख शोधकर्ता केरिएन क्लार्क ने बताया कि हमारे शरीर की तरह हमारा दिमाग भी ऊर्जा के लिए कार्बोहाइड्रेट पर ही निर्भर होता है। जब कई बार उसे पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट नहीं मिलता तो ब्रेन सेल्स शरीर में जमे फैट्स का उपयोग करती हैं।
यह ऊर्जा छोटे मॉलिक्यूल्स के जरिए उन्हें मिलती है, जिन्हें कीटोन्स कहा जाता है। नारियल के तेल में ऐसे यौगिक बहुत अधिक मात्रा में पाए जाते हैं, जो कीटोन्स उत्पन्ना करने में मदद करते हैं।
नारियल में एमसीटी
नारियल में एमसीटी (मीडियम चैन ट्राईग्लीसरॉइड्स) का पाया जाना इसका विशेष गुण होता है, जो अन्य तरह के फैट्स में नहीं पाया जाता है। अमेरिका में एमसीटी के लिए पूरक आहार दिए जाते हैं। लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि नारियल के तेल से इस कमी को पूरा किया जा सकता है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें