आर्थराइटिस पर काफी समय से चल रहे अनुसंधान के तहत एक नए शोध में वैज्ञानिकों ने एक ऐसे नए सिंथेटिक ज्वाइंट लुब्रिकेंट को विकसित करने का दावा किया है, जो जोड़ों के लिए लुब्रिकेंट का काम करेगा। इससे आर्थराइटिस के मरीजों को काफी राहत मिलेगी। इसलिए आर्थराइटिस के दर्द से परेशान मरीजों के लिए वैज्ञानिकों का यह दावा बेहद अच्छी खबर हो सकती है।
बोस्टन यूनिवर्सिटी के बायोमेडिकल इंजीनियर के नेतृत्व में एक टीम ने यह ज्वाइंट लुब्रिकेंट बनाने में कामयाबी हासिल की है, जो दुनियाभर में आर्थराइटिस के लाखों मरीजों के लिए राहत का काम कर सकता है।
क्या है सिंथेटिक पॉलीमर में
इस नए सिंथेटिक पॉलीमर में सिनोविल फ्लूइड (तरल पदार्थ) होता है, जो जोड़ों में प्राकृतिक तौर पर लुब्रिकेंट का काम करता है। यह तरीका अभी तक मौजूद परंपरागत तरीकों
के मुकाबले अधिक कारगर साबित होने की उम्मीद है। बोस्टन यूनिवर्सिटी के बायोमेडिकल इंजीनियर प्रोफेसर मार्क डब्ल्यू. ग्रिनस्टाफ ने बताया कि इस समय जो बाजार में सर्वश्रेष्ठ लुब्रिकेंट मौजूद हैं, वह आर्थराइटिस के लक्षणों से अस्थायी रूप से राहत तो दिलाते हैं, लेकिन वे अपर्याप्त मात्रा में लुब्रिकेशन पैदा कराते हैं। इससे जोड़ों के कार्टिलेज (उपास्थि) को नुकसान पहुंचता रहता है।
कारगर साबित हो सकता है
'साइंस डेली" की रिपोर्ट के अनुसार दोनों लक्ष्यों को हासिल करने के लिए ग्रिनस्टाफ और उनके साथियों की टीम ने मिलकर यह अति उपयोगी सिंथेटिक सिनोविल फ्लूइड बनाया है। 'अमेरिकन केमिकल सोसाइटी" के जर्नल में प्रकाशित इस शोध में उन्होंने इस खास तत्व की कार्यक्षमता के बारे में भी बताया है। ग्रिनस्टाफ ने बताया कि जब हमने इस नए पॉलीमर का इस्तेमाल किया तो जाेडों के कार्टिलेज के बीच घर्षण (फ्रिक्शन) कम था। तब हमने जाना कि इससे जोड़ों के कार्टिलेज को कम नुकसान होगा और यह एक प्रकार से जोड़ों के लिए ऑयल की तरह काम करेगा।
बोस्टन यूनिवर्सिटी के बायोमेडिकल इंजीनियर के नेतृत्व में एक टीम ने यह ज्वाइंट लुब्रिकेंट बनाने में कामयाबी हासिल की है, जो दुनियाभर में आर्थराइटिस के लाखों मरीजों के लिए राहत का काम कर सकता है।
क्या है सिंथेटिक पॉलीमर में
इस नए सिंथेटिक पॉलीमर में सिनोविल फ्लूइड (तरल पदार्थ) होता है, जो जोड़ों में प्राकृतिक तौर पर लुब्रिकेंट का काम करता है। यह तरीका अभी तक मौजूद परंपरागत तरीकों
के मुकाबले अधिक कारगर साबित होने की उम्मीद है। बोस्टन यूनिवर्सिटी के बायोमेडिकल इंजीनियर प्रोफेसर मार्क डब्ल्यू. ग्रिनस्टाफ ने बताया कि इस समय जो बाजार में सर्वश्रेष्ठ लुब्रिकेंट मौजूद हैं, वह आर्थराइटिस के लक्षणों से अस्थायी रूप से राहत तो दिलाते हैं, लेकिन वे अपर्याप्त मात्रा में लुब्रिकेशन पैदा कराते हैं। इससे जोड़ों के कार्टिलेज (उपास्थि) को नुकसान पहुंचता रहता है।
कारगर साबित हो सकता है
'साइंस डेली" की रिपोर्ट के अनुसार दोनों लक्ष्यों को हासिल करने के लिए ग्रिनस्टाफ और उनके साथियों की टीम ने मिलकर यह अति उपयोगी सिंथेटिक सिनोविल फ्लूइड बनाया है। 'अमेरिकन केमिकल सोसाइटी" के जर्नल में प्रकाशित इस शोध में उन्होंने इस खास तत्व की कार्यक्षमता के बारे में भी बताया है। ग्रिनस्टाफ ने बताया कि जब हमने इस नए पॉलीमर का इस्तेमाल किया तो जाेडों के कार्टिलेज के बीच घर्षण (फ्रिक्शन) कम था। तब हमने जाना कि इससे जोड़ों के कार्टिलेज को कम नुकसान होगा और यह एक प्रकार से जोड़ों के लिए ऑयल की तरह काम करेगा।

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