एक भारतीय अमेरिकी उद्यमी दंपति ने यूनिवर्सिटी ऑफ डलास को 1.2 करोड़ डॉलर (करीब 74 करोड़ रुपए) दान में दिए हैं। यह यूनिवर्सिटी के 57 साल के इतिहास में दिया गया अब तक का सबसे बड़ा दान है। यह दान एक नए अकादमिक भवन के निर्माण के लिए दिया गया है। दानदाता
सतीश और यास्मीन गुप्ता दोनों ने इरविंग यूनिवर्सिटी से एमबीए किया है। उनकी दान की गई राशि से इमारत का निर्माण वर्ष 2015 में शुरू होगा। इसका नाम 'सतीश एंड यास्मीन गुप्ता कॉलेज ऑफ बिजनेस" होगा।
सतीश ने बताया कि अभी तक कॉलेज ऑफ बिजनेस की कक्षाएं इधर-उधर लगती हैं। हमें उम्मीद है कि नई इमारत बनने के बाद सभी कक्षाएं एक ही भवन में लगेंगी। भारत से अमेरिका आने के बाद दोनों ने सबसे पहले यूनिवर्सिटी ऑफ डलास में दाखिला लिया था।
भारत में थे पड़ोसी
वर्ष 1979 में भारत में सतीश और यास्मीन का परिवार पड़ोसी हुआ करता था। 1981 में सतीश्ा ने 'एसबी इंटरनेशनल इंक" नामक कंपनी की स्थापना की थी। निजी स्वामित्व वाली विश्व स्तरीय स्टील कंपनी का मुख्यालय डलास में है। यास्मीन इसकी कार्यकारी उपाध्यक्ष हैं।
सतीश और यास्मीन गुप्ता दोनों ने इरविंग यूनिवर्सिटी से एमबीए किया है। उनकी दान की गई राशि से इमारत का निर्माण वर्ष 2015 में शुरू होगा। इसका नाम 'सतीश एंड यास्मीन गुप्ता कॉलेज ऑफ बिजनेस" होगा।
सतीश ने बताया कि अभी तक कॉलेज ऑफ बिजनेस की कक्षाएं इधर-उधर लगती हैं। हमें उम्मीद है कि नई इमारत बनने के बाद सभी कक्षाएं एक ही भवन में लगेंगी। भारत से अमेरिका आने के बाद दोनों ने सबसे पहले यूनिवर्सिटी ऑफ डलास में दाखिला लिया था।
भारत में थे पड़ोसी
वर्ष 1979 में भारत में सतीश और यास्मीन का परिवार पड़ोसी हुआ करता था। 1981 में सतीश्ा ने 'एसबी इंटरनेशनल इंक" नामक कंपनी की स्थापना की थी। निजी स्वामित्व वाली विश्व स्तरीय स्टील कंपनी का मुख्यालय डलास में है। यास्मीन इसकी कार्यकारी उपाध्यक्ष हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें