बढ़ती उम्र में कई तरह की शारीरिक परेशानियां होने लगती हैं। इंसान मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर महसूस करने लगता है। यह सच है कि बुढ़ापा कई बीमारियों का कारण बनता है लेकिन उम्र के इस पड़ाव में भी कुछ बातों का ख्याल रखा जाए तो लंबे समय तक स्वस्थ रहा जा सकता है।
एक्सरसाइज जरूरी
इस उम्र में खुद को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से एक्टिव रखने की जरूरत होती है। हर दिन 10 मिनट का व्यायाम अल्जाइमर की आशंका को काफी कम कर देता है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के डायरेक्टर गैरी स्मॉल का कहना है कि बादाम, हरी पत्तेदार सब्जियां और ब्लूबैरीज् जैसे एंटीऑक्सीडेंट युक्त भोजन बुढ़ापे में काफी लाभदायक होते है। साथ ही ओमेगा 3 फैटी एसिड के लिए सप्लीमेंट्स लेना भी जरूरी होता है।
त्वचा की खास देखभाल
रोजाना एक कप ग्रीन टी लें, यह एंटीऑक्सीडेंट का बेहतर स्रोत माना जाता है। वि
टामिन सी और ई की पर्याप्त मात्रा लें। कई एंटी एजिंग प्रोडक्ट में ग्रीन टी, विटामिन सी और ई का प्रयोग किया जाता है। साथ ही ध्ाूप से बचाव के लिए ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन जो यूवीए और यूवीबी दोनों किरणों से बचाता हो, इस्तेमाल करना चाहिए।
दांतों की रक्षा
जब भी कुछ खाते हैं बैक्टीरिया दांतों से चिपक जाते हैं। इसलिए खाने के बाद जितनी जल्दी हो सके ब्रश करें। ब्लूबैरीज, कॉफी, चाय जैसी चीजों को लेने के बाद दांतों पर उसके निशान रह जाते हैं और उन्हें इस तरह छोड़ देने पर दांत जल्दी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। दांतों की बेहतर सफाई के लिए जरूरी है कि कम से कम दो मिनट तक उनकी सफाई जरूर करें। नियमित रूप से अपने दंत चिकित्सक से दांतों की जांच करवाते रहें।
टहलना ही काफी
बुढ़ापे में भारी-भरकम व्यायामों की जरूरत नहीं, केवल नियमित रूप से टहलने पर भी काफी लाभ मिल सकता है। लेकिन कोई भी नया व्यायाम करने से पहले अपने चिकित्सक की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।
सही नाप के जूते
अमेरिकन पोडियाट्रिक मेडिकल एसोसिएशन की प्रवक्ता और पोडियाट्रिक जेने एंडरसन का कहना है कि बुढ़ापे में कई बार लिगामेंट्स के रिलेक्स हो जाने के कारण फुटवेयर के साइज में अंतर आ जाता है इसलिए कोई भी नया फुटवेयर खरीदने से पहले सही नाप जरूर देख लें। इस उम्र में गलत साइज के जूते पैरों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
दिल की हिफाजत
अपनी डाइट में कम नमक और सैचुरेटेड फैट वाले भोजन लें। फल, सब्जियां और साबुत अनाज ही इस उम्र में खाने के लिए बेहतर माने जाते हैं। इससे दिल की बीमारियों से बचे रहेंगे।
आंखों को बचाएं
मैरीलैंड के नेशनल आई इंस्ट्टीयूट में एपिडेमियोलॉजी और क्लिनिकल रिसर्च की डायरेक्टर एमली च्यू के अनुसार चालीस की उम्र के बाद लोगों में प्रेसबायोपिया की समस्या आम हो जाती है। इस उम्र के बाद आंखों की जांच नियमित रूप से करवानी चाहिए। हरी पत्तेदार सब्जियां और ओमेगा 3 व ओमेगा 6 को सप्लीमेंट के रूप में लें। मोतियाबिंद के खतरे को कम करने के लिए आंखों को ध्ाूप से बचाकर रखें।
एक्सरसाइज जरूरी
इस उम्र में खुद को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से एक्टिव रखने की जरूरत होती है। हर दिन 10 मिनट का व्यायाम अल्जाइमर की आशंका को काफी कम कर देता है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के डायरेक्टर गैरी स्मॉल का कहना है कि बादाम, हरी पत्तेदार सब्जियां और ब्लूबैरीज् जैसे एंटीऑक्सीडेंट युक्त भोजन बुढ़ापे में काफी लाभदायक होते है। साथ ही ओमेगा 3 फैटी एसिड के लिए सप्लीमेंट्स लेना भी जरूरी होता है।
त्वचा की खास देखभाल
रोजाना एक कप ग्रीन टी लें, यह एंटीऑक्सीडेंट का बेहतर स्रोत माना जाता है। वि
टामिन सी और ई की पर्याप्त मात्रा लें। कई एंटी एजिंग प्रोडक्ट में ग्रीन टी, विटामिन सी और ई का प्रयोग किया जाता है। साथ ही ध्ाूप से बचाव के लिए ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन जो यूवीए और यूवीबी दोनों किरणों से बचाता हो, इस्तेमाल करना चाहिए।
दांतों की रक्षा
जब भी कुछ खाते हैं बैक्टीरिया दांतों से चिपक जाते हैं। इसलिए खाने के बाद जितनी जल्दी हो सके ब्रश करें। ब्लूबैरीज, कॉफी, चाय जैसी चीजों को लेने के बाद दांतों पर उसके निशान रह जाते हैं और उन्हें इस तरह छोड़ देने पर दांत जल्दी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। दांतों की बेहतर सफाई के लिए जरूरी है कि कम से कम दो मिनट तक उनकी सफाई जरूर करें। नियमित रूप से अपने दंत चिकित्सक से दांतों की जांच करवाते रहें।
टहलना ही काफी बुढ़ापे में भारी-भरकम व्यायामों की जरूरत नहीं, केवल नियमित रूप से टहलने पर भी काफी लाभ मिल सकता है। लेकिन कोई भी नया व्यायाम करने से पहले अपने चिकित्सक की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।
सही नाप के जूते
अमेरिकन पोडियाट्रिक मेडिकल एसोसिएशन की प्रवक्ता और पोडियाट्रिक जेने एंडरसन का कहना है कि बुढ़ापे में कई बार लिगामेंट्स के रिलेक्स हो जाने के कारण फुटवेयर के साइज में अंतर आ जाता है इसलिए कोई भी नया फुटवेयर खरीदने से पहले सही नाप जरूर देख लें। इस उम्र में गलत साइज के जूते पैरों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
दिल की हिफाजत
अपनी डाइट में कम नमक और सैचुरेटेड फैट वाले भोजन लें। फल, सब्जियां और साबुत अनाज ही इस उम्र में खाने के लिए बेहतर माने जाते हैं। इससे दिल की बीमारियों से बचे रहेंगे।
आंखों को बचाएं
मैरीलैंड के नेशनल आई इंस्ट्टीयूट में एपिडेमियोलॉजी और क्लिनिकल रिसर्च की डायरेक्टर एमली च्यू के अनुसार चालीस की उम्र के बाद लोगों में प्रेसबायोपिया की समस्या आम हो जाती है। इस उम्र के बाद आंखों की जांच नियमित रूप से करवानी चाहिए। हरी पत्तेदार सब्जियां और ओमेगा 3 व ओमेगा 6 को सप्लीमेंट के रूप में लें। मोतियाबिंद के खतरे को कम करने के लिए आंखों को ध्ाूप से बचाकर रखें।
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