शनिवार, 2 नवंबर 2013

रोजमेरी की खुशबू बढ़ा सकती है याददाश्त

रोजमेरी (केशवास) की हर्ब्स के बारे में शेक्सपीयर भी जानते थे, तभी तो उन्होंने अपने नाटक में इसका जिक्र अक्सर किया है। कहा जाता है  रोजमेरी से तैयार ऑयल की खुशबू याददाश्त बढ़ा सकती है। एक नए अध्ययन में अब यह बात साबित हो गई है। रोजमेरी के तेल की उम्दा खुशबू वयस्कों में याददाश्त को न सिर्फ बढ़ाती है बल्कि भविष्य के टास्क को बेहतर तरीके से करने के लिए उन्हें सक्षम भी बनाती है। रोजमेरी का रिश्ता प्रारंभ से ही याददाश्त और स्वामीभक्ति से जुड़ा है। इसी वजह से इनका प्रयोग प्राचीनकाल में मिस्रवासी शादियों और अंतिम संस्कार के अवसर पर करते थे। रोजमेरी के इन गुणों से परिचित अंग्रेजी के महान लेखक और कवि विलियम शेक्सपीयर ने  भी अपने नाटक 'हेमलेट" में इसका जिक्र किया।
 हेमलेट में ओफेलिया कहती हैं 'यह है रोजमेरी, जो स्मरण के लिए होती है।"
'टेलीग्राफ" की रिपोर्ट के अनुसार नए अध्ययन में शामिल प्रतिभागियों की याददाश्त में सुधार का संबंध उनके मूड से नहीं देखा गया, मगर यह पाया गया कि रोजमेरी ऑयल में स्थित एक विशेष केमिकल के प्रभाव के कारण इसका असर याददाश्त पर पड़ता है।शोधकर्ता इस शोध को ब्रिटेन के हैरोगेट स्थित 'ब्रिटिश साइकोलॉजिकल सोसाइटी" की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत करेंगे। इस शोध के निष्कर्ष लोगों में उम्र के साथ रोजमर्रा की जिंदगी में कम हो रही याददाश्त के मामले में कारगर सिद्ध होंगे।
इस अध्ययन के मुख्य शोधकर्ता डॉ. मार्ग मोस ने कहा कि हम अपने प्रारंभिक शोध को और मजबूती देना चाहते हैं जिसमें बताया गया है कि रोजमेरी अरोमा से दीर्घकाल के लिए याददाश्त अच्छी होती है। मेंटल एरिथमेटिक के लिए भी यह बेहतर है।
कैसे किया अध्ययन
इस अध्ययन में 66 प्रतिभागियों को शामिल किया गया। इन्हें दो समूहों में  विभाजित किया गया और इन्हें अलग-अलग कमरों में इंतजार करने के लिए कहा गया। इनमें से एक कमरे को रोजमेरी ऑयल से सेंटेड किया गया। इसके बाद इनका मेमरी टेस्ट लिया गया, जिसमें कमरे में छिपे ऑब्जेक्ट्स को ढूंढने के साथ कई अन्य टास्क दिए गए।
इसमें पाया गया कि जो लोग रोजमेरी ऑयल से सेंटेड कमरे में थे वे अपने मेमरी टास्क को बेहतर तरीके से कर पाए और इनके ब्लड में याददाश्त को बढ़ाने वाले एक हार्मोन का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया।
शोध का निष्कर्ष : इस शोध से यह निष्कर्ष निकला कि रोजमेरी ऑयल की खुशबू शरीर के केमिकल सिस्टम पर प्रभाव डालती है और इसका असर याददाश्त पर भी पड़ता है।  

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