शनिवार, 2 नवंबर 2013

अधूरा न रहे आपका पोषण

भोजन में हर प्रकार के पोषक तत्व शामिल हों, तभी उसे संपूर्ण कहा जा सकता है। खाने में कोई एक तत्व अध्ािक और कोई कम हो, तो आपके शरीर में किसी न किसी पोषक तत्व की कमी रह जाएगी। केवल विटामिन सी या कैल्शियम जैसे तत्व ही भोजन के आवश्यक घ्ाटक नहीं हैं, जो आपको बीमारियों से बचाए रखते हैं। कई और भी ऐसे तत्व हैं, जिनके बिना आपका पोषण अध्ाूरा है।
आयरन : अध्ािकांश महिलाओं में इस जरूरी मिनरल की कमी पाई जाती है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार आयरन की कमी भोजन के द्वारा इसे पर्याप्त मात्रा में नहीं लेने या मासिक चक्र की वजह से होती है। आयरन लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायक होता है, जिनके जरिए शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है। मस्तिष्क की क्रियाओं और इम्यून सिस्टम के लिए भी यह एक आवश्यक खनिज तत्व है।
स्रोत : अंडे का पीला भाग, मछली, चिकन, मटर और हरी पत्तेदार सब्जियां आयरन के अच्छे स्रोत माने जाते हैं।
सेलेनियम : यह एंटीऑक्सीडेंट मिनरल विटामिन ए, सी, ई और जिंक के साथ मिलकर कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाने का कार्य करता है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना, और यूएस डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर में हुई रिसर्च के मुताबिक सेलेनियम प्रोस्टेट, कोलन और फेफड़ों के कैंसर के खतरे को कम करता है।  लेकिन इसकी अत्यध्ािक मात्रा से त्वचा में सूजन, शरीर में ऐंठन के साथ-साथ कई अन्य समस्याएं
हो जाती हैं।
स्रोत : मांस, सीफूड, अनाज और सीड्स में भरपूर सेलेनियम होता है। लेकिन इसकी मात्रा इस बात पर निर्भर करती है कि संबंधित खाद्य किस मिट्टी में उगाया गया है। सेलेनियम प्राकृतिक रूप से मिट्टी में पाया जाता है और जिस मिट्टी में इसकी मात्रा अध्ािक होगी, वहां उगने वाली फसलों में यह स्वाभाविक रूप से अध्ािक होगा।
विटामिन डी : यदि आप पर्याप्त विटामिन डी पाना चाहते हैं, तो धूप में कुछ वक्त बिताएं। आपकी त्वचा द्वारा सूर्य की रोशनी को सोखने के बाद लिवर इस विटामिन का निर्माण कर देता है। यह विटामिन कैल्शियम को मेटोबॉलाइज करने और हड्डियों को मजबूत करने में मददगार होता है।
स्रोत : इसके सबसे अच्छे स्रोत हैं दूध्ा और सूर्य की रोशनी।
विटामिन के  :यह विटामिन रक्त का थक्का जमने में मदद करता है, साथ ही कैल्श्ाियम और विटामिन डी के साथ मिलकर हडि्डयों को मजबूती प्रदान करने का काम करता है। पाचन तंत्र में मौजूद सामान्य बैक्टीरिया विटामिन के  बनाने में मदद करता है।
स्रोत : हरी पत्तेदार सब्जियां, अंडे, दूध्ा और मांस।
जिंक : यह मिनरल शरीर में कई सारी कार्यप्रणालियों में सहायक की तरह काम करता है। वैसे इसकी कमी से तत्काल कोई प्रभाव नजर नहीं आता, लेकिन भोजन में इसकी पर्याप्त मात्रा नहीं लेने से वृद्धि में रुकावट, डर्मेटाइटिस, जन्मजात विकार, शुक्राणुओं में कमी और इम्यून सिस्टम में गड़बड़ी जैसे प्रभाव सामने आ सकते हैं।
स्रोत : जिंक मुख्य रूप से रेड मीट, बादाम, मूंगफली बटर और ट्यूना में पाया जाता है। मांसाहारियों की तुलना में शाकाहारी लोगों को इसकी पूर्ति के लिए अतिरिक्त प्रयास की जरूरत होती है।   

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