न्यूयॉर्क(प्रेट्र)। भारतीय मूल के एक वैज्ञानिक समेत श्ाोधकर्ताओं के एक दल ने मानव मस्तिष्क की तरह काम करने वाली एक चिप ईजाद की है। इस कंप्यूटर चिप का आकार एक पोस्टेज स्टांप जितना है।
इस चिप में 5.4 अरब ट्रांजिस्टर लगे हैं जो कि 10 लाख न्यूरॉन और 25.60 करोड़ न्यूरल कनेक्श्ान के समतुल्य क्षमता रखते हैं। दिमाग के अंदर की प्रक्रियाओं की नकल करने के लिए अलग-अलग चिप को एक-दूसरे के साथ्ा ठीक उसी तरह जोड़कर सर्किट बनाया जा सकता है, जैसा मस्तिष्क के अंदर होता है। लाइव साइंस में छपी रिपोर्ट में कहा गया है कि श्ाोधकर्ताओं ने 'ट्रूनॉथर््ा" चिप की मदद से तस्वीरों के अंदर व्यक्तियों और वस्तुओं को पहचानने का प्रयोग सफलतापूर्वक किया। पारंपरिक कंप्यूटरों में ऐसा करना बेहद चुनौतीपूणर््ा कार्य है। अध्ययन के प्रमुख श्ाोधकर्ता धर्मेंद्र मोधा ने कहा, 'हमने दिमाग नहीं बनाया है। मस्तिष्क की रचना और कार्यप्रण्ााली से सीखने का प्रयास किया है।" धर्मेंद्र कैलिफोर्निया स्थ्ाित आइबीएम रिसर्च के कॉग्निटिव कंप्यूटिंग ग्रुप के प्रमुख श्ाोधकर्ता हैं।
इस चिप में 5.4 अरब ट्रांजिस्टर लगे हैं जो कि 10 लाख न्यूरॉन और 25.60 करोड़ न्यूरल कनेक्श्ान के समतुल्य क्षमता रखते हैं। दिमाग के अंदर की प्रक्रियाओं की नकल करने के लिए अलग-अलग चिप को एक-दूसरे के साथ्ा ठीक उसी तरह जोड़कर सर्किट बनाया जा सकता है, जैसा मस्तिष्क के अंदर होता है। लाइव साइंस में छपी रिपोर्ट में कहा गया है कि श्ाोधकर्ताओं ने 'ट्रूनॉथर््ा" चिप की मदद से तस्वीरों के अंदर व्यक्तियों और वस्तुओं को पहचानने का प्रयोग सफलतापूर्वक किया। पारंपरिक कंप्यूटरों में ऐसा करना बेहद चुनौतीपूणर््ा कार्य है। अध्ययन के प्रमुख श्ाोधकर्ता धर्मेंद्र मोधा ने कहा, 'हमने दिमाग नहीं बनाया है। मस्तिष्क की रचना और कार्यप्रण्ााली से सीखने का प्रयास किया है।" धर्मेंद्र कैलिफोर्निया स्थ्ाित आइबीएम रिसर्च के कॉग्निटिव कंप्यूटिंग ग्रुप के प्रमुख श्ाोधकर्ता हैं।