शनिवार, 24 मई 2014

दुनिया की सबसे शक्तिशाली मांओं में दो भारतीय मूल की महिलाएं

 आइएएनएस : दक्षिणी कैरोलिना रिपब्लिकन की गवर्नर निक्की हाले और सेंटर फॉर अमेरिकन प्रोग्रेस के लिबरल थ्ािंक टैंक की प्रमुख नीरा टंडन को दुनिया की सबसे शक्तिशाली मांओं में श्ाुमार किया गया है। वर्किंग मदर मैगजीन ने 2014 में दुनिया की 50 सबसे शक्तिशाली  मांओं की सूची तैयार की है।
भारत से आए भारतीय माता-पिता की संतान निक्की रंधावा हाले ने कई राजनीतिक आधारों को पार कर इस सूची में जगह बनाई है। वर्किंग मदर मैगजीन ने इस बात का भी उल्लेख किया है कि निक्की सबसे कम उम्र में गवर्नर बनने के साथ्ा ही दक्षिण्ा कैरोलिना की पहली महिला गवर्नर भी हैं। निक्की 2010 में गवर्नर बनी थ्ाीं। निक्की के अलावा गवर्नर के पद पर एकमात्र भारतीय मूल के बॉबी जिंदल हैं। जिंदल लुइसियाना के गवर्नर हैं। गवर्नर बनने से पहले निक्की 2005 से 2010 तक दक्षिण्ा कैरोलिना के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कार्यरत रही थ्ाीं। वहीं, हिलेरी क्लिंटन के राष्ट्रपति पद के चुनावी अभियान के दौरान पॉलिसी डायरेक्टर रही टंडन को इससे पहले फॉर्च्यून ने राजनीति की सबसे ताकतवर महिलाओं की सूची में भी श्ाामिल किया थ्ाा।  

जिसे कीट-पतंगा समझा, वो ड्रोन भी हो सकता है

आइएएनएस : चौंकिएगा मत अगर कभी आपको पता लगे कि आपके आसपास उड़ रहे कीट-पतंगो में कोई ड्रोन भी है। जी हां, पिज्जा डिलीवरी से लेकर आपके कुत्ते को मॉर्निंग वॉक कराने वाला ड्रोन अब आपको इस नए रूप में भी दिखाई दे सकता है। बचाव कार्यों के वक्त इन छोटे पतंगो के आकार के ड्रोन का प्रयोग किया जाएगा या फिर किसी बड़ी जगह की छानबीन के लिए चिड़िया की तरह उड़ते ड्रोन का इस्तेमाल करने की तैयारी है। सटीक लैंडिंग और बेहतर नियंत्रण्ा के कारण्ा ये उड़ने वाले रोबोट भविष्य में श्ाहरी इलाकों में छानबीन का श्ाानदार माध्यम बन सकेंगे। दुनियाभर के श्ाोधकर्ता इस समय अगली पीढ़ी का ड्रोन बनाने के लिए चिड़िया, चमगादड़, पतंगों और सांपों से प्रेरण्ाा ले रहे हैं। श्ाोधकर्ता इस प्रयास में हैं अगली पीढ़ी के ड्रोन तपती गर्मी, जमा देने वाली ठंड, बारिश्ा या तूफान में भी काम करने में सक्षम हों। हंगरी की एक श्ाोधकर्ता टीम ने एक ऐसी पद्धति इजाद की है जिसके जरिए एक से ज्यादा ड्रोन एक साथ्ा चिड़िया की तरह उड़ान भर सकेंगे। इस पद्धति को हाल ही में एक कार का पीछा करते नौ क्वाडकॉप्टरों पर सफलतापूर्वक परखा भी गया थ्ाा। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के श्ाोधकर्ताओं ने मिलीमीटर के आकार के ड्रोन भी तैयार किए हैं। इनका इस्तेमाल अति सघ्ान क्षेत्रों में किया जा सकेगा। इन छोटे उड़ने वाले रोबोट के सामने सबसे बड़ी समस्या तेज हवाओं और चक्रवात से आती है। श्ाोधकर्ता इस परेश्ाानी के निदान के लिए पतंगों के उड़ान के तरीकों का अध्ययन कर रहे हैं।