करीब डेढ़ साल से ज्यादा लंबी लड़ाई लड़ने के बाद विधायक कालोनीवासियों को राहत भरा रास्ता मिल ही गया। बुधवार और शनिवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार से कैद हो जाने वाले विधायक कालोनीवासियों को आखिर जीडीए ने राहत का मार्ग प्रशस्त कराया। हालांकि, बाजार से हम सभी को कभी कोई शिकायत नहीं थी और न ही हमने कभी बाजार हटाने की मांग की। हम सभी का सिर्फ एक ही आग्रह था कि हमें बाजार वाले दिन आने-जाने का रास्तभर मिल जाए। इसके लिए बाजार को दूसरी तरफ शिफ्ट करने या तीन लेयर में लगने वाले बाजार को दो लेयर में लगाने का सुझाव दिया गया था। जीडीए ने दो लेयर में बाजार लगाने वाले सुझाव पर अमल किया और बाजार के बीच लगने वाली दुकानों ( ठेला) को हटाने पर जोर दिया। इस काम में स्थानीय पार्षद मीना भंडारी जी का भी सराहनीय सहयोग रहा।
बाजार से रास्ता दिलाने के लिए पिछले साल मार्च 2018 में जीडीए को पहला पत्र लिखा गया था। इसका जवाब 31 मार्च 2018 आने के बाद समाधान नहीं किया गया तो छह और पत्र जीडीए उपाध्यक्ष, कलेक्टर गाजियाबाद, पुलिस अधीक्षक गाजियाबाद और मेरठ मंडल के आयुक्त के लिखे गए। इनके जवाब 26 अप्रैल 2018, 27 अप्रैल 2018, 23 जून 2018, 15 जुलाई 2018, 31 मई 2019 और 15 जुलाई 2019 को आए। 31 मई 2019 और 15 जुलाई 2019 को दिए गए जबाव के बाद जीडीए सक्रिय हुआ और आज परिणाम दिखने लगा।
इसके साथ ही स्थानीय लोगों के बीच हस्ताक्षर अभियान चलाकर वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजे गए। बाजार से रास्ता दिलाने के लिए अपेक्स के साथी भी आदरणीय रमेश रैना जी की अगुवाई में सक्रिय रहे।
बाजार से रास्ता दिलाने के लिए पिछले साल मार्च 2018 में जीडीए को पहला पत्र लिखा गया था। इसका जवाब 31 मार्च 2018 आने के बाद समाधान नहीं किया गया तो छह और पत्र जीडीए उपाध्यक्ष, कलेक्टर गाजियाबाद, पुलिस अधीक्षक गाजियाबाद और मेरठ मंडल के आयुक्त के लिखे गए। इनके जवाब 26 अप्रैल 2018, 27 अप्रैल 2018, 23 जून 2018, 15 जुलाई 2018, 31 मई 2019 और 15 जुलाई 2019 को आए। 31 मई 2019 और 15 जुलाई 2019 को दिए गए जबाव के बाद जीडीए सक्रिय हुआ और आज परिणाम दिखने लगा।
इसके साथ ही स्थानीय लोगों के बीच हस्ताक्षर अभियान चलाकर वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजे गए। बाजार से रास्ता दिलाने के लिए अपेक्स के साथी भी आदरणीय रमेश रैना जी की अगुवाई में सक्रिय रहे।
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| विधायक कालोनी के स्थानीय लोगों द्वारा हस्ताक्षर अभियान के दौरान लिखा गया पत्र। |









