शनिवार, 5 अक्टूबर 2019

बाधा बने बाजार से आखिर विधायक कालोनीवासियों को मिला रास्ता

करीब डेढ़ साल से ज्यादा लंबी लड़ाई लड़ने के बाद विधायक कालोनीवासियों को राहत भरा रास्ता मिल ही गया। बुधवार और  शनिवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार से कैद हो जाने वाले विधायक कालोनीवासियों को आखिर जीडीए ने राहत का मार्ग प्रशस्त कराया। हालांकि, बाजार से हम सभी को कभी कोई शिकायत नहीं थी और न ही हमने कभी बाजार हटाने की मांग की। हम सभी का सिर्फ एक ही आग्रह था कि हमें बाजार वाले दिन आने-जाने का रास्तभर मिल जाए। इसके लिए बाजार को दूसरी तरफ शिफ्ट करने या तीन लेयर में लगने वाले बाजार को दो लेयर में लगाने का सुझाव दिया गया था। जीडीए ने दो लेयर में बाजार लगाने वाले सुझाव पर अमल किया और बाजार के बीच लगने वाली दुकानों ( ठेला) को हटाने पर जोर दिया। इस काम में स्थानीय पार्षद मीना भंडारी जी का भी सराहनीय सहयोग रहा।
बाजार से रास्ता दिलाने के लिए पिछले साल मार्च 2018  में जीडीए को पहला पत्र लिखा गया था। इसका जवाब 31 मार्च 2018 आने के बाद समाधान नहीं किया गया तो छह और पत्र जीडीए उपाध्यक्ष, कलेक्टर गाजियाबाद, पुलिस अधीक्षक गाजियाबाद और मेरठ मंडल के आयुक्त के लिखे गए। इनके जवाब  26 अप्रैल 2018, 27 अप्रैल 2018, 23 जून 2018,  15 जुलाई 2018, 31 मई 2019 और 15 जुलाई 2019 को आए। 31 मई 2019 और 15 जुलाई 2019 को दिए गए जबाव के बाद जीडीए सक्रिय हुआ और आज परिणाम दिखने लगा।
इसके साथ ही स्थानीय लोगों के बीच  हस्ताक्षर अभियान चलाकर वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजे गए। बाजार से रास्ता दिलाने के लिए अपेक्स के साथी भी आदरणीय रमेश रैना जी की अगुवाई में सक्रिय रहे।









विधायक कालोनी के स्थानीय लोगों द्वारा हस्ताक्षर अभियान के  दौरान लिखा गया पत्र। 

शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2019

घी खाएं और पेट से गैस भगाएं

पेट में गैस बन रही हो तो अदरक के एक चम्मच रस में एक चम्मच देशी घी मिलाकर खा लें। इससे पेट में बन रही गैस से राहत मिल जाएगी। 

मासिक धर्म की रुकावट हो जाएगी दूर

मासिक धर्म यदि समय पर नहीं आता है तो सुबह-सुबह आधा कप मूली का रस पीने से लाभ हो सकता है। पांच चम्मच मूली के बीज कूटकर दो गिलास पानी में उबाल लें। जब पानी एक गिलास रह जाए तो छान कर पीने से मासिक धर्म समय पर आना शुरू हो जाता है। करीब 100 ग्राम गुड़ और इसका आधा साबुत धनिया एक गिलास पानी में उबाल लें। पानी आधा रह जाने पर छान लें और इसके सेवन करें। इससे भी मासिक धर्म में लाभ होता है। एक उपाय और है। मूली के बीच का एक चम्मच चुर्ण सुबह-शाम गरम पानी से लेने से रुका हुआ मासिक धर्म शुरू हो जाता है। 

पायरिया अब नहीं रहेगा

पायरिया से छुटकारा पाने के लिए सुबह ब्रुश करने के बाद सरसों (राई) के तेल में नमक मिलाकर उंगली से दांतों और मसूढ़ों  की मालिश करें। इससे पायरिया में आराम मिलता है। तिल के तेल को मुंह में करीब पंद्रह मिनट रखकर गरारे करने से भी पायरिया में आराम  मिलता है। रोग दूर होने के साथ ही हिल रहे दांत भी मजबूत हो जाते हैं। 

टीबी रोग का इलाज संभव है

टीबी को लोग घातक बीमारी बताते हैं, मगर उसका भी घरेलू उपचार है। कच्चे केले या केले के पेड़ के तने से एक-दो कप रस निकाल लें। इस रस को सुबह-दोपहर और शाम को पीयें। यह प्रक्रिया कुछ महीने करने से टीबी के रोग में राहत मिलेगी। 

दूर हो जाएगी पाचन क्रिया में गड़बड़ी

यदि आपकी पाचन क्रिया में गड़बड़ी रहती है तो गन्ने को चबाकर चूसें, इससे लाभ होगा। गन्ने के रस में नींबू मिलाकर गुनगुना करके सुबह-सुबह पीयें तो कब्ज नहीं होगी। यदि गन्ने के रस को उबालने के बाद नींबू, काला नमक और अदरक मिलाकर पीयें को गैस नहीं बनेगी। आपको तो जानकारी होगी ही कि गन्ने के रस से ही गुड़ बनता है। गुड़ बनने की अंतिम स्टेज से पहले की स्थिति को शीरा कहा जाता है। करीब 25 ग्राम शीरा खाने से मल (स्टूल) की रुकावट दूर हो जाती है। इसके सेवन से कब्ज भी दूर होती है। 

नकसीर फूटने पर क्या करें

नकसीर फूटने पर घबराने की जरूरत नहीं है। एेसी स्थिति में नाक से खून बहने पर उस व्यक्ति के सिर पर पानी डालें। लेकिन, ध्यान रहे पानी धार बनाकर डालना है। कुछ समय एेसा करने पर नाक से खून बहना बंद हो जाएगा। यह घरेलू उपचार है, जिससे तात्कालिक लाभ हो सकता है, मगर स्थाई उपचार के लिए एक बार डाक्टर को जरूर दिखाएं। 

योनी रोग में लाभदायक है अनार

योनी रोग में अनार की जड़ काफी कारगर होती है। करीब 50 ग्राम अनार की जड़ की छाल और जौं को कूट करके करीब एक गिलास पानी में उबाल लें। पानी जब आधा रह जाए तो ठंडा कर लें और उसके बाद छानकर उसमें आधा चम्मच फिटकरी मिला लें। इसके बाद तैयार  हुए पानी से योनी को अंदर तक साफ करें। एेसा करने से योनी रोग दूर होंगे। योनी की शिथिलता दूर होगी। श्वेत प्रदर रोग से निजात मिलेगी। 

अमरूद से करें बवासीर का इलाज

पके हुए अमरूद में छेद करके उसमें करीब पांच ग्राम आजमाइन का चूर्ण भर लें। इसके बाद छेद को अमरूद के उसी हिस्से से भर दें, जिसे छेद करते समय बाहर निकाला था। इसके बाद इसको कपड़े से बांध दें और उसके ऊपर मिट्टी की पतली लेयर चढ़ा दें। इसके बाद इसको कंड़ों (उपले) में भून लें। पक जाने पर उसको बाहर निकाल लें और रात को ओस में रख दें। सुबह मिट्टी को हटाकर अमरूरद खाने से बवासीर में लाभ होता है। अनानास के गूदे को महीन पीसकर बवासीर के मस्सों पर लगाने से लाभ मिलता है।

खांसी से मिलेगा छुटकारा

गरम रेत में अमरूद को भूनकर खाने से खांसी में आराम  मिलता है। अमरूद के पत्तों को एक कप पानी में उबाल लें। पानी गुनगुना होने पर छान लें और उसमें दूध व शक्कर मिलाकर पी लें।  इससे भी खांसी में आराम मिलता है। अमरूद के दानों को सुखा लें। सूख जाने के बाद पीस लें और शहद के साथ सेवन करें। सुबह-शाम इसका सेवन करने से खांसी में आराम मिलता है। अमरूद के रस में शहद मिलाकर पीने से सूखी खांसी में राहत मिलती है। 

मोच से मिलेगी राहत

मोच आ गई हो तो इसका गूलर के जरिये उपचार किया जा सकता है। 15 से 20 ग्राम गेहूं को शाम को भिगो दीजिएगा। सुबह गेहूं और उसकी दोगुनी मात्रा में गूलर की छाल बारीक पीस लें। इसके बाद उसको गेहूं की समान मात्रा में देशी घी में गरम कर लें। बाद में गुनगुना हो जाने पर मोच वाली जगह पर लगा लें और कपड़े से बांध दें। करीब दो से तीन घंटे बाद कपड़ा हटा दें। कुछ समय खुल रहने दें। एेसा सुबह-दोपहर और शाम को करें। इससे मोच में आराम मिलेगी। यह विधि हट्टी जोड़ने में भी कारगर है, मगर हमारा सुझाव है कि हट्टी टूटने की स्थिति में डाक्टर को दिखाएं। एेसा न हो कि घरेलू इलाज के चक्कर में गलत जगह हट्टी जुड़ जाए और समस्या का समाधान होने के बजाय मुसीबत बढ़ जाए। 

क्या आप थका-थका सा महसूस करते हैं

यदि आप थका-थका सा महसूस करते हैं तो आपको खजूर खाना चाहिए। रोजाना दस  से पंद्रह खजूर खाने और एक गिलास दूध पीने से थकान पास भी नहीं आती है। हां, ख्याल रहे कि खजूर चबा-चबाकर खाना चाहिए। इससे शरीर में शक्ति और स्फूर्ति आती है। चेहरे पर निखार आता है। त्वचा चमकदार होती है। बाल घने  और लंबे होने में भी यह सहायक होता है। 

गर्भावस्ता में महिलाओं का रखे ख्याल

गर्भावस्ता में सलाद पत्ता (पालक की तरह दिखने वाली सब्जी) काफी कारगर होता है। इसके नियमित सेवन से गर्भ की आशंका जहां बहुत कम हो जाती है, वहीं यह महिलाओं को भरपूर पोषण देता है। यदि गर्भावस्ता में महिलाएं इसका नियमित सेवन करें तो रक्त की कमी नहीं होती है और अनेक रोक भी पास नहीं आते हैं।  इससे महिलाओं के साथ ही गर्भस्त शिशु को भी बेहतर पोषण मिलता है। 

सिरदर्द को कहें बाय-बाय

गाजर और चुकंदर का रस निकाल लें। इसके बाद दोनों के रस में आधा नींबू निचोड़ दें। तीनों का जो मिश्रण तैयार हो वह पी जाएं। एेसे सुबह-शाम करें। दो-तीन दिन एेसा करने पर सिरदर्द में आराम मिल जाएगा। 

नवजात शिशु को दें बेहतर पोषण

नवजात शिशु के लिए चौलाई एक बेहतर पोषण साबित होता है। जन्म के पंद्रह दिन बाद से बच्चे को चौलाई के साग से रस निकालकर शहद में मिलाकर देने से बेहतर पोषण मिलता है। इससे बच्चे के शरीर का बेहतर विकास होता है। 

क्या पेशाब के दौरान जलन होती है

पेशाब के दौरान जलन होती है तो 25 ग्राम प्याज को करीब आधा लीटर पानी में उबालें और जब पानी आधा रह जाए तो छानकर ठंडा कर लें। इसके बाद पानी का सेवन करें। इससे पेशाब में जलन की समस्या कम हो जाएगी। 

पेट में दर्द है

नींबू के रस में अदरक और आजमाइन को भिगो लें और फिर उनको छाया में सुखा लें। सूख जाने पर पीस लें और फिर उसमें थोड़ा सा नमक मिला लें। इस मिश्रण को सुबह-शाम पानी के साथ एक चुटकी खाने से पेट के विकार दूर हो जाते हैं। इससे पेट दर्द में भी आराम  मिलता है। 

सीने में दर्द नहीं होगा

गाजर का किसी भी प्रकार से सेवन करने से लाभ होता है। यदि आप गाजर को भूनकर शहद के साथ खाते हैं तो इससे सीने के दर्द में लाभ होगा। सीने में दर्द रहता है तो आप गाजर के एक  गिलास रस में दो चम्मच शहद मिलाकर पीयें।  इससे भी सीने का दर्द दूर हो जाएगा। गाजर  को उबालकर उसका भी रस पीने से लाभ होता है। 

बादाम और गाजर दूर करते हैं खून की कमी

खून की कमी को दूर करने में गाजर और बादाम काफी लाभदायक होते हैं। शाम को सात-आठ बादाम  पानी में भिगो दीजिएगा। सुबह इनको छीलकर खाली पेट खा लीजिएगा। इसके साथ ही गाजर का एक कप रस और  दूध पीने से खून की कमी दूर होती है। यदि आप गाजर के रस में दूध और शहद मिलाकर पीते हैं तो यह भी लाभदायक होता है। इससे शारीरिक कमजोरी भी दूर होती है। 

क्या आपका गला बैठ गया है

गले के लिए शलजम काफी फायदेमंद होता है। शलजम को पानी में उबाल लें। इसके बाद इस पानी में शक्कर मिलाकर गरमा-गरम पीयें। इससे बैठा हुआ गला ठीक हो जाएगा। 

मुंह की बदबू होगी दूर दांत चमक उठेंगे

मुंह की बदबू दूर करने के साथ ही दांतों को चमकाने का एक अचूक इलाज है मेथी। इसको पानी में उबाल लें। इसके बाद छान लें। गुनगुना हो जाने पर इस पानी को दांतों पर मलें। इससे दांत चमक उठेंगे। इसके साथ ही दांतों में मजबूती भी आएगी। मुंह की बदबू भी इससे दूर हो जाएगी। 

गुरुवार, 3 अक्टूबर 2019

आसानी से उतार दें किसी का भी नशा

यदि किसी ने किसी भी प्रकार का नशा कर लिया हो तो उसको घरेलू इलाज कर आसानी से उतारा जा सकता है। इसके लिए नींबू की शिकंजी बनाएं और पालक के पत्तों को पीसकर उसमें मिला लें। इस मिश्रण को नशा करने वाले व्यक्ति को पिला दें। कुछ समय बाद धीरे-धीरे नशे का असर कम हो जाएगा।  इमली का शर्बत पिलाने या इमली चुसाने से भी लाभ होता है। 

बच्चों के दांत निकलने में नहीं होगा कष्ट

बच्चों के जब दांत निकलते हैं तो उनको काफी कष्ट होता है। एेसे में बच्चों को जब दांत निकल रहे हों, उस समय आंवले का रस उनके मसूढ़ों पर मलने से उनके दांत आसानी से बिना दर्द के निकल आते हैं। यदि किसी व्यक्ति के दातों में दर्द हो रहा हो तो आंवले के रस को कपूर में मिलाकर लगाने से दर्द दूर हो जाता है। 

आसान तरीके से ब्लड प्रेशर करें कंट्रोल

ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) की  बीमारी आज के समय में ज्यादातर लोगों को हो रही है। अनियमित खान-पान के साथ ही अन्य कारण हैं, जिस वजह से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में नहीं रहता है। इससे निजात के लिए आपको चाहिए गन्ने का ताजा रस, जिसमें अदरक का रस मिलाकर पीने से आराम मिलता है। यह एेसा सहज उपाय है, जिसे आसानीे से करके ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकत है। 

घरेलू इलाज से भरें घाव

किसी प्रकार की चोट या कटने आदि से घाव हो गया है तो आप उसका घरेलू तरीके से इलाज कर सकते हैं। इसके लिए आपको चाहिए होगा बेलपत्र ( बेलुआ) । बेलपत्र को पानी में उबाल लें। इसके बाद पानी को गुनगुना हो जाने पर उससे घाव को सावधानीपूर्वक धो लें। इसके बाद बेलपत्र के पत्ते पीसकर घाव पर बांध दें। इससे  घाव जल्द से जल्द ठीक हो जाएगा। यह प्रक्रिया कुछ दिन आपको करनी पड़ेगी।  

खांसी में लाभ दायक है बेर

आपने आमतौर पर सुना होगा कि बेर खाने से खांसी हो जाती है, मगर इसके पत्ते खांसी में कारगर हैं। बेर के पत्ते पीसकर देशी घी में भून लें। इसके बाद थोड़ा सा नमक मिलाकर इसको खा जाएं। एेसा करने से खांसी में आराम मिलेगा। यदि लगा बैठ (आवाज दब गई है) गया है तो उसमें भी लाभ होगा। 

क्या आपको भरपूर नींद नहीं आती है

क्या आपको भरपूर नींद नहीं आती है। यदि एेसा है तो यह एक बीमारी का संकेत है। इससे जितना जल्द हो छुटकारा पा लेना चाहिए। अनिंद्रा की बीमारी से बचने के लिए आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन मौसमी के रस का सेवन करें। यह आपको भरपूर नींद आने में मदद करेगा। 

जामुन की छाल है बहुत कमाल

जामुन की छाल बहुत ही कमाल की चीज है। जामुन की छाल को छाया में सुखाकर पीस लें। इसके बाद इसके चुटकी भर चूर्ण को सुबह-शाम गाय या बकरी के दूध के साथ खाया जाएं तो इससे महिलाओं के दोनों प्रदर (श्वेत प्रदर व रक्त प्रदर) नष्ट हो जाते हैं। 

पेट के घाव से मुक्ति दिलाती है नाशपाती

पेट में हो जाने वाले घाव से नाशपाती काफी आराम दिलाती है। यदि प्रतिदिन नाशपाती के रस का सेवन किया जाए तो  पेट के घाव, फोड़े और जलन में काफी राहत मिलती है। यदि रस नहीं मिलता है तो इसको चबाकर खाना चाहिए, क्योंकि इसका गूदा भी आंतों में होने वाली जलन को कम करता है। 

दांत का दर्द हो जाएगा छूमंतर

यदि आपके दातों या मसूढ़ों में दर्द है तो कच्चे  पपीते को काटें और उससे निकलने वाले दूध को रूई की मदद से उस जगह पर लगाएं, जहां दर्द हो रहा है। इससे मसूढ़ों या दातों का दर्द कुछ ही समय में कम हो जाएगा। 

पायरियाः गन्ना और शहद है न

पायरिया के इलाज में गन्ने की छाल बहुत कारगर होती है। छाल को जलाकर भस्म बने लें और उसमें शहद मिलकर दांतों पर मंजन करें। इससे पायरिया में काफी फायदा होगा। 

गुड़-दही खाएं नजला से निजात पाएं

नजले से निजात पाने के लिए दही में गुड़ और काली मिर्च मिलाकर सेवन करें। एक कप दूध में दो ग्राम सोंठ का चुर्ण मिलाकर पीने से भी नजला में आराम मिलता है। लौंग के तेल के भीगे हुए फाहे को सूंघने से भी इसमें लाभ मिलता है। 

मुंह की बदबू को करें दूर

मुंह की सफाई के साथ साथ नीम की दातून करने से बदबू नहीं आती है। बबूल की दातून भी फायदेमंद होती है। इसके साथ ही सूखा धनियां चबाने से मुंह की  बदबू से छुटकारा पाया जा सकता है। खाना खाने के बाद सौंफ चबाने से भी मुंह की दुर्गंध दूर हो जाती है।

शीघ्रपतन की समस्या हो जाएगी दूर

आज की युवा पीढ़ी में शीघ्रपतन की गंभीर समस्या है। मुसीबत यह भी है कि लोकलाज में लोग इस बारे में खुलकर बात नहीं करते हैं। कई तो डाक्टर के पास भी जाने से कतराते हैं। एेसे में यह घरेलू इलाज आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है। करीप पांच सौ ग्राम पकी हुई इमली लें और पानी में भिगो दें। जब तक कि इमली से छिलके नहीं निकल जाते तब तक इसको भिगो कर रखें। हां, प्रतिदिन इसका पानी जरूर बदलते रहें। सछिलके निकल जाने पर इसके बीजों को छाया में सुखाकर पीस लें। इसके बाद जितना चूर्ण है, उतनी ही मिश्री पीसकर इसमें मिला लें। इसके बाद सुबह-शाम एक-एक चम्मच चूर्ण गुनगुने दूध के साथ पीयें। इससे शीघ्रपतन में उत्साहजनक लाभ होगा। हालांकि, इसका सेवन करीब दो महीने करना पड़ेगा। 

दाद से पाएं छुटकारा

दाद एक एेसी समस्या है, जो परेशान तो करती ही है साथ ही शर्मसार भी। इसके चलते जब खुजली (इचिंग) शुरू होती है तो रोकना मुश्किल हो जाता है। एेसे में कई बार असहज स्थिति का भी सामना करना पड़ता है। बड़ी हरण को सिरका में घिसकर उस जगह पर लगाएं, जहां दाद है। इससे फायदा होगा। एलोवीरा के बीज को भी छाछ के साथ पीसकर दाद वाली जगह पर लगाने से आराम मिलता है। 

जुकाम का हो जाएगा काम तमाम

यदि आप जुकाम से परेशान हैं तो फिटकरी को गरम तबे पर भून लें। इसके बाद इसको बारीक पीस लें। गुनगुने पानी के साथ एक चुटकी फिटकरी को फांक लें। एेसा  सुबह-दोपहर और शाम को करें। तरीब तीन दिन एेसा करने पर नजला-जुकाम में लाभ होता है। 

पीलिया का घरेलू इलाज

पीलिया एक एेसी बीमारी है, जिसमें व्यक्ति की पाचन क्रिया प्रभावित हो जाती है। पीलिया के घरेलू इलाज में गन्ने का रस, शहद और आंवला काफी  उपयोगी होता है। एक चम्मच शहद में करीब तीन चम्मच आंवले का मिला लें और उसको पी जाएं। एेसा  सुबह-दोपहर और शाम को करें। इससे पीलिया में फायदा होगा। इसके अलावा आंवले के ताजे रस में गन्ने का रस और शहद मिलाकर पीने से भी लाभ होता है। 

वीर्य विकार से पाएं पार

वीर्य विकार से निजात पाने के लिए आपको आंवला और शहद का सेवन करना होगा। इसके लिए आप आमले का रस और शहद लें। दोनों को समान मात्रा में तीन-तीन चम्मच लेकर मिला लें और उसे एक कप गुनगुने पानी में मिलाकर पी जाएं। इससे न केवल वीर्य विकार दूर होंगे बल्कि शुक्राणुओं में भी बढ़ोतरी होगी। 

लीची खाएं, रोग भगाएं

लीची हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होती है। पेट के लिए तो यह रामवाण होती है। यदि खाना खाने के बाद लीची का सेवन किया जाए तो भोजन जल्द और आसानी से पच जाता है। लीची के नियमित सेवन से कब्ज की समस्या दूर हो जाती है। पेट से संबंधित रोगों के दूर करने के लिए लीजी के बीज बहुत उपयोगी होते हैं। 

गर्भावस्था के दैरान यदि उल्टी आए तो

गर्भावस्था के दैरान उल्टी आना सामान्य बात है, मगर  कुछ महिलाएं इससे परेशान हो जाती हैं। आज हम आपको एेसा घरेलू इलाज बताते हैं, जिससे आप घर पर ही इसका उपचार कर सकते हैं, वह भी बिना किसी दवाई के। आम तौर पर हम लोग सेब खाते हैं तो उसके बीज निकाल कर फेंक देते हैं, जबिक यह बहुत काम के होते हैं। गर्भावस्था के दैरान उल्टी के इलाज में यह सेब के बीच बहुत कारगर होते हैं। करीब आधा चम्मच सेब के बीज को दो कप पानी में उबाल लें। जब पानी आधा रह जाए, मसलन एक कप तो गैस बंद कर दें। ठंड़ा होने पर पानी को छान लें और सुबह-शाम इसका सेवन करें। इससे गर्भावस्था के दैरान उल्टी आए नहीं आएगी। 

सेब से आखों की समस्या हो जाएगी दूर

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि सेब खाने में ही नहीं  बल्कि बाह्य उपयोग में भी कारगर साबित होता है। यह जितना स्वास्थ्यवर्धक होता है, उतना ही यह बाह्य उपयोगी भी होता है। आंखों की समस्या के लिए तो यह वरदान से कम नहीं है। आंखों में धुंधलापन, भारीपन, लाली छाना या दर्द होने पर आप सेब का उपयोग कर राहत पा सकते हैं। उक्त कोई भी समस्या होने पर आप सेब को कंडों (उपले) की गरम राख में भून लें। ठंड़ा होने पर इसको मसलकर बारीक कर लें। इसके बाद इसको आंखें बंदकर उसके ऊपर किसी से पुल्टिस की तरह बंधवा लें। करीब एक घंटे बाद इसको खोलकर आंखों को सामान्य पानी से धो लें। कुछ दिनों तक इस तरह प्रयोग करने पर आखों को जबर्दस्त लाभ होगा। 

क्या आपके पेट में कीड़े हो गए हैं

क्या आप पेट के कीड़ों से परेशान हैं। इससे निजात पाने  का बहुत ही सरल उपाय है। इसके लिए आप केले की जड़  लें और उसको धोने के बाद सुखा लें। सूख जाने पर उसको पीस लें। इसके बाद जो चूर्ण तैयार होगा, उसे रात को सोने से पहले गुनगुने पानी से फांक लें। ख्याल रहे प्रतिदिन एक चुटकी से ज्यादा का सेवन न करें। 

कान का दर्द हो जाएगा दूर

यदि आप कान के दर्द से परेशान हैं तो एक नींबू को लेकर उसके थोड़े से रस में कैथ (कैथा) के रस को मिला लें। मिलाने  के बाद मिश्रण को गुनगुना कर लें और कान में बूंद-बूंद कर डाल लें। एेसा करने से कान के दर्द में आराम मिलेगा। 

पायरिया होने पर क्या करें

यदि आपको पायरिया है तो आपके लिए आंवला काफी फायेदमंद साबित होगा। आंवले को आग में भून लें। इसके बाद इसको पीसकर इसमें सेंधा नमक मिला लें। बनने वाले मिश्रण में तीन-चार बंद सरसों के तेल की मिला लें और फिर इसको मंजन की तरह दातों पर मलें। इससे पायरिया में आराम मिलता है। 

आंखों की बढ़ जाएगी रोशनी


नेत्र रोग में सहजन काफी कारगर होता है। सहजन के पत्तों को तोड़कर उसका रस निकाल लें। इसको शहद में मिलाकर आंखों में काजल की तरह लगाएं, इससे आंखों के रोग में आराम मिलता है। आंखों की दृष्टि बढ़ने की संभावना रहती है। इससे आंखों का दर्द भी दूर होता है।

स्वप्नदोष का समाधान

स्वपनदोष से छुटकारे के लिए आपको चाहिए सफेद प्याज, अदरक और शहद। आठ से दस ग्राम अदरक का रस, दस ग्राम प्याज का रस और करीब पांच ग्राम शहद को आपस में मिल लें। इसके बाद इसमें थोड़ा सा देशी घी भी मिले लें। इस मिश्रण का रात को सोने से पहले सेवन करें। इससे स्वप्नदोष में राहत मिलेगी। इससे वीर्य का क्षय नहीं होगा।  

बुधवार, 2 अक्टूबर 2019

क्या फोड़ा नासूर बन गया

फोड़ा-फुंसी सुनने में तो बहुत छोटी समस्या लगते हैं, मगर इनका दर्द जीना मुशि्कल कर देता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए आप प्याज को आग पर भून लें। इसके बाद इसको फोड़े पर बांध दें, इससे दर्द तो दूर होगी ही, सूजन भी कम हो जाएगी। यदि फोड़ा पकने की स्थिति में होगा तो पककर फूट जाएगा। एक उपाय और कर सकते हैं। प्याज को मसलकर उसमें हल्दी, गेहूं का आटा और देशी घी मिलाकर उसको पानी से सान लें। इसके बाद उसको फो़ड़े पर लगा लें। एेसा करने पर फोड़ा पक जाएगा। मवाद निकल जाने पर उसमें नारियल का तेल लगाने से फायदा होता है। 

गठिया का दर्द हो जाएगा दूर

क्या आप गठिया रोग से पीड़ित हैं। इसके घरेलू इलाज के लिए आपको चाहिेए 15 ग्राम अजमोद, 100 ग्राम हरड़ और 25 ग्राम सौंठ। तीनों को एक साथ पीस लीजिएगा। इसके बाद करीब चार-चार ग्राम मात्रा की पुड़िया बना लीजिएगा। सुबह-शाम एक-एक पुड़िया गुनगुने पानी से फांक लीजिएगा। एेसा करने पर आपको गठिया रोग में काफी फायदा होगा। 

बालों में रूसी से पाएं मुक्ति

बालों में यदि रूसी हो गई हो तो थोड़ी सी मेहनत में इससे छुटकारा पा सकते हैं। इसके लिए आपको बहुत ही आसान नुस्खा आजमाना पड़ेगा। लहसुन की तीन-चार कलियों को छील लें। इसके बाद इनको पीसकर बालों में लगा लें। कुछ समय बाद पानी से इसे धो लें। एेसा करने पर बालों में रूसी कम हो जाएगा। कुछ समय एेसा करने पर इससे पूरी तरह निजात मिल जाएगी। प्रतिदिन इसका उपयोग न करें। 

रतौंधी से पाइए छुटकारा

रतौंधी एक एेसी  समस्या है, जिसके पीड़ित लोगों का जीवन मुश्किल हो जाता है। इस समस्या का एक सरल घरेलू इलाज है। ताजी पालक और मूली का रस निकाल लें और दोनों  को समान मात्रा में मिलकर पीयें। यह रतौंधी में काफी कारगर साबित होगा। 

क्या मासिक धर्म गड़बड़ा रहा है

मासिक धर्म गड़बड़ाने की समस्या से महिलाओं को जब तब दो चार होना पड़ता है। इस समस्या से बचने के लिए महिलाएं एक गिलास पानी में दो चम्मच काले तिल के बीच और दो चम्मच मूली के बीज को उबाल लें। पानी करीब आधा गिलास रह जाए तो इसको छान लें और सुबह-शाम इसका सेवन करें। इससे मासिक धर्म की समस्या में सुधार होगा। 

खूनी बवासीर से कैसे पाएं राहत

बवासीर (पाइल्स) एक पीड़ा दायक बीमारी होती है। यदि इसमें खून निकलना शुरू हो जाए तो समस्या और बढ़ जाती है। यदि आप इससे पीड़ित हैं तो टमाटर आपके लिए काफी लाभदायक हो सकता है। पके हुए सुर्ख लाल टमाटर को सैंधा नमक के साथ खाएं, इससे पाइल्स में लाभ होगा। इसके अलावा सौ ग्राम टमाटर के रस में जीरा, काला नमक और सौंठ मिलाकर सेवन करें तो इससे और भी ज्यादा फायदा होता है। 

टमाटर के सूप के फायदे

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि टमाटर का सूप स्वास्थ्यवर्धक ही नहीं होता है, बल्कि यह बीमारियों को भगाने में दवा का भी काम करता है। आपने अक्सर लोगों को देखा होगा कि वह भोजन करने से पहले सूप पीते हैं। पार्टियों में तो लोगों को जरूर देखा होगा। अब हम आपको बताते हैं कि यह कितने काम का होता है। टमाटर के सूप में यदि काली मिर्च का पाउडर मिलाकर पीया जाए तो कब्ज की समस्या नहीं होती है। है न बड़े काम की चीज। 

खांसी-जुकाम से कैसे पाएं छुटकारा

थोड़ी सी भी लापरवाही बरतने पर हमें खांसी-जुकाम जकड़ लेता है। मौसम बदलने पर भी यह हमें परेशान करता है। एेसे में दवाओं का सेवन करने के बजाय हम घरेलू नुस्खे आजमाकर इससे बच सकते हैं। इसके लिए आपको ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। बस दूध में अदरक को डालकर अच्छे से उबालें। इसमें थोड़ी सी गुड़ भी मिला लें। अच्छे से उबलने के बाद इसको छान लें और पी जाएं। इससे खांसी के साथ-साथ जुकाम में भी फायदा होगा। 

बेफिक्र रहिए, नहीं होगा गर्भधारण

गर्भ निरोधक के तौर पर लोग कई उपाय करते हैं। इसमें कई तरह की असहज स्थितियों का भी सामना करना पड़ता है। महिलाओं को तो अनचाही दवाओं (गर्भ निरोधक गोलियों) के सेवन की पीड़ा से गुजरना पड़ता है। लेकिन, आपको जानकर आश्चर्य होगा कि कुछ एेसे भी उपाय हैं, जिन्हें करने से गर्भधारण से बचा जा सकता है। यदि महिला पुदीने का दस ग्राम चूर्ण का सेवन करने के बाद संभोग करे तो गर्भ नहीं ठहरता है। हां, इसके लिए जरूरी है कि पुदीना को छाया में सुखाने के बाद चूर्ण बनाया गया हो। 

टमाटर से चमकाएं त्वचा

टमाटर में विटामिन की भरमार होती है। इसके सेवन से तो अनेक लाभ होते ही हैं, इसके वाह्य उपयोग से भी कई फायदे होते हैं। टमाटर का रस, नींबू का रस और ग्लिसरीन समान मात्रा में लेकर त्वचा पर लगाने से यह चमक उठती है। मिश्रण की मालिश के करीब तीन मिनट बाद गुनगुने पानी से हाथ-पांव धो लेने चाहिए। इससे  त्वचा रेशमी और मुलायम बन जाएगी।  

कैसे बनाएं नारियल की बर्फी

मीठा खाने का किसे मन नहीं करता है। लेकिन, आज-कल बाजार में जिस तरह मिलावटी सामान मिलता है, उससे सभी के मन में हमेॆशा शंका बनी रहती है कि क्या खाया जाए और क्या नहीं। मिलावटी मिठाइयों की आए दिन खबरें आती रहती हैं, एेसे में नारियल की बर्फी एक बेहतर विकल्प हो सकता है। उस पर वह घर में ही तैयार की जाए तो क्या कहना। आइएगा हम बताते हैं कि घर पर नारियल की बर्फी कैसे तैयार की जाए। यह बहुत ही आसान है। इसके लिए सबसे पहले आपको करीब दो सौ ग्राम नारिलय (सूखा), ढाई-ढाई सौ ग्राम चीनी और माया (खोया), पचास-पचास ग्राम देशी घी और सूखे मेवा (ड्राय फ्रूट्स) और स्वाद के लिए इलायची चाहिए होगी। अब बात करते हैं कि बर्फी बनानी कैसे है।
सबसे पहले मावा को देशी घी में भूनें। यह तब तक भूनें, जब तक  कि भूरा रंग न आ जाए। इसके बाद इसमें चीनी और बारीक किया गया नारियल मिला लें और इसको भी भूनें। इसके बाद ड्राय फ्रूट्स भी इसमें मिला दें। इसके बाद जब सभी सामान आपस में सम्मलित हो जाए और चासनी टाइट होने लगे तो इसे किसी बर्तन में निकाल लें। बर्तन में पहले थोड़ा सा देशी घी लगा लगें, जिससे यह बर्तन में चिपकेगा नहीं। इसके बाद इस पर इलायची को बारीक करके डालें। और तैयार हो गई नारियल की बर्फी। 

सूपः मूंग की दाल का

सूप हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। अब यह आप पर निर्भर करता है कि आपको किस का सूप पीना है। मतलब आपको किसका सूप पसंद है। आज हम बात करते हैं मूंग के दाल के सूप के बारे में। इसे बनाना जितना आसान है, उतना ही यह लाभदायक होता है। इसको बनाने के लिए आपको करीब ढाई सौ ग्राम मूंग दाल (धुली हुई)। थोड़ी काली मिर्च, थोड़ा जीरा, थोड़ी हींग, थोड़ा सा देशी घी और थोड़ा सा नमक चाहिए होगा। सबसे पहले मूंग दाल को किसी बर्तन में उबाल लीजिएगा। दाल पकने के बाद इसको छान लीजिएगा। इसके बाद देशी घी के जरिये हींग और जीरा का तड़का दे दीजिएगा। बाद में ऊपर से काली मिर्च पीस कर डाल दीजिएगा। बस तैयार हो गया आपका मूंग दाल सूप। गरमा-गरम सूप का आनंद लीजिएगा। 

मंगलवार, 1 अक्टूबर 2019

पेट में गैस बनने पर क्या करें

पेट में गैस बनने पर आम का रस और शहद के जरिये घरेलू इलाज किया जा सकता है। इसके लिए आपको मीठे आम का दस से बारह चम्मच रस चाहिए होगा और करीब दो चम्मच शहद। दोनों को मिलाकर खाने से गैस में आराम मिलता है। 

छाले हो जाएंगे छूमंतर

मुंह में छाले का एक बहुत ही सरल घरेलू उपचार उपलब्ध है। इसके लिए आप गूलर के ताजे पत्ते लें और उनको पीसकर गोलियां बना लें। इसके बाद उनको सुखा लें। गोलियां सूख जाने पर दिन में चार-पांच बार इनको चूसें। एेसा करने पर मुंह के छाले में आराम मिलेगा। कुछ समय बाद आपको मुंह के छालों से छुटकारा मिल जाएगा। 

बड़े काम का बेर

बेर बड़े काम का फल होता है। यह खाने में तो स्वादिष्ट होता ही है इसकी गुठली भी बहुत फायदेमंद होती है। बेर की गुठली घिसकर काजल की तरह आंखों में लगाने से आंख से पानी आना बंद हो जाता है। बेर के गूदे को आंखों में काजल की तरह लगाने से आंखों के रोग दूर हो जाते हैं। 

लो ब्लड प्रेशर को कैसे करें कंट्रोल

लो ब्लड प्रेशर से आज कई लोग पीड़ित हैं। इस समस्या ने युवाओं को भी अपनी चपेट में ले लिया है। यदि हम थोड़ा से ख्याल रखें तो इस समस्या से निजात पाई जा सकती है।
-रात में सोने से पहले सात-आठ बादाम पानी में भिगों दें और सुबह इनको छीलकर एक गिलास दूध में उबाल लें। इसके बाद दूध को गुनगुना करने के बाद पियें। इससे रक्तचाप संतुलित रहता है।
-तुलसी के 10 से 12 पत्तों को लेकर मसल लें और शहद के साथ खाएं। इससे भी ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।
-चीनी मिट्टी के बर्तन में  आधी मुट्ठी किशमिश को शाम को भिगो दें। सुबह बिना कुछ खाये सबसे पहले इन्हीं किशमिश को खायें, इससे लो ब्लड प्रेशर की समस्या नहीं रहती है।
.

दांतों की दिक्कत हो जाएगी दूर

दांतों में दिक्कत आज कल आम समस्या है। इसके कई कारण हैं। यदि हम दांतों की थोड़ी सी भी देखभाल करें तो इस समस्या से बचा जा सकता है। यदि आपके दांत हिलते हैं तो तुलसी और मूली के पत्तों को चबाने से आराम मिलता है। सोने से पहले एक कप गुनगुने दूध में हल्दी डालकर पीने से भी फायदा होता है। पान का पत्ता और मुलैठी दिन में तीन-चार बार चबाने से भी राहत मिलती है। 

सोमवार, 30 सितंबर 2019

क्या आप कब्ज से परेशान हैं

कब्ज पेट से जुड़ी बीमारी है। जब पेट दुरुस्त नहीं होता है तो यह आपको परेशान करती है। जब आप कब्ज से पीड़ित होते हैं तो आपको एेसा लगता है, जैसे पेट भरा हुआ हेै। गैस भी बनती है। इससे बचाव के लिए आपको किसी इलाज से ज्यादा अपने खान-पान पर ध्यान देने की जरूरत है। भोजन करने के समय मूली पर नमक और कालीमिर्च डालकर खाने से कब्ज में राहत मिलती है। इससे गैस में भी आराम मिलता है। पेट भरा-भरा सा भी महसूस नहीं होता है। पत्तों सहित कच्ची मूली खाने से भी इसमें फायदा होता है।