सोमवार, 12 अगस्त 2019

झरनेश्वर महादेव और हम सब

30 जुलाई 2019ः विधायक कॉलोनी के सीनियर सिटीजन पार्क  में कराए गए सौंदर्यीकरण के कार्य को अंजाम देने वाली टीम।
11 अगस्त 2019ः  दैनिक जागरण के दिल्ली-एनसीआर के सभी संस्करणों में प्रकाशित समाचार।


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धरा को बंजर बनाने वाले मलबे से तैयार कर दिया खूबसूरत फव्वारा
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- गाजियाबादवासियों ने पेश की प्रकृति प्रेम की अनूठी मिसाल 
-विधायक कॉलोनी में पुलियों के निर्माण के दौरान निकला था मलबा 
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अवनीष मिश्रा, गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में स्थित इंदिरापुरम के कुछ लोगों ने प्रकृति प्रेम की अनूठी मिसाल पेश की। पुलियों के निर्माण के दौरान निकले मलबे (सीमेंट और गिट्टïी) से न केवल धरा को बंजर होने से बचाया बल्कि उसका उपयोग कर एक ऐसा फव्वारा तैयार कराया, जो स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इतना ही नहीं, फव्वारे पर भगवान भोलेनाथ को विराजमान किया, जिसके चलते अब पुलियों के ये पत्थर पूजनीय हो गए हैं। इसमें सबसे प्रेरित करने वाली बात यह है कि पर्यावरण संरक्षण के इस समूचे कार्य को आपसी सहयोग से पूरा किया गया है। 
इंदिरापुरम के न्यायखंड-1 स्थित विधायक कॉलोनी में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने कुछ समय पहले नालियों और पुलियों का निर्माण कराया था। इसके चलते क्षतिग्रस्त पुरानी पुलियों को तोड़ दिया गया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने ठेकेदार से पूछा कि वह पुलियां तोडऩे से निकले मलबे का क्या करेगा? ठेकेदार का जवाब सुन स्थानीय लोग चिंतित हो गए। दरअसल, उसने बताया कि वह इसको कहीं भी फेंक देगा। लोगों की चिंता यह थी कि मलबा जहां भी डाला जाएगा, वहां वह जमीन को बंजर बना देगा। सीमेंट और गिट्टी से बना ठोस मलबा न तो गलेगा और न ही जमीन में कुछ उगने देगा। यह पर्यावरण के लिए घातक साबित होगा। ऐसे में स्थानीय लोगों ने बैठक कर मलबे से पर्यावरण को बचाने का निर्णय लिया। इसके बाद मलबे के उपयोग के बारे में विचार किया गया। लोगों ने अलग-अलग विचार व्यक्त किए। आखिर में बीएसएनएल में कार्यरत सुशील कुमार दुबे ने सुझाव दिया कि इसका उपयोग कर एक फव्वारा बनाया जा सकता है। इससे यह प्रकृति को नुकसान भी नहीं पहुंचाएगा और यह लोगों के लुभाएगा भी। दुबे के विचार पर सभी साथियों ने सहमति जताई और निर्माण शुरू कराया गया। इसके बाद न केवल फव्वारा बनवाया गया बल्कि विधिविधान से पूजा-अर्चना करवाकर उस पर भोलेनाथ की मूर्ति भी स्थापित कराई गई। इसके साथ ही भंडारे का आयोजन कर करीब आठ सौ लोगों को भोजन कराया गया। 
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बिना सरकारी मदद के कराया तैयार 
फव्वारा बनाए जाने पर सभी की सहमति तो बन गई, मगर अब समस्या थी इस पर खर्च होने वाली धनराशि कहां से आएगी। ऐसे में सभी ने तय किया कि एक बार जीडीए से बात की जाए। यदि सरकारी मदद मिल जाती है तो अच्छा, नहीं तो आपसी सहयोग से पर्यावरण को बचाया जाएगा। इसके बाद स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर इसके लिए चंदा जुटाया और सीनियर सिटीजन पार्क में फव्वारा तैयार करवा दिया। इसके निर्माण पर करीब एक लाख रुपये का खर्च आया है। हालांकि, जीडीए ने अपनी तरफ से फव्वारे के लिए पानी की सप्लाई करने वाली मोटर जरूर दी। 
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पानी की बर्बादी का उठा मुद्दा 
जब फव्वारा बनाए जाने के बारे में अंतिम निर्णय हो गया तो स्थानीय लोगों के 'विधायक कॉलोनी प्लाट रिप्रजेंटेटिवÓ नाम के वाट्सएप ग्रुप पर इसकी सूचना पोस्ट की गई। सूचना मिलते ही स्थानीय निवासी व सुप्रीम कोर्ट की वकील गीतांजलि ने इस पर आपत्ति ली। उन्होंने कहा कि फव्वारा बनाए जाने के बाद पानी की बर्बादी होगी। ऐसे में तय किया गया कि कुछ इस तरह की व्यवस्था की जाए कि इससे निकलने वाले पानी का उपयोग पेड़-पौधों में किया जाए। बाद में ऐसी ही व्यवस्था की गई। 
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कहीं भी मलबा फेंकने का 
नुकसान बता ले जाने से रोक 
पुलिया निर्माण के बाद सड़क किनारे पड़े मलबे को उठाने के लिए जीडीए की टीम आ गई, ऐसे में लोगों ने उसको समझाया कि यह मलबा प्रकृति के लिए किस तरह नुकसानदेह है। इसे जहां भी फेंकोगे, वहां वह किस तरह धरा को नुकसान पहुंचाएगा। इसके बाद फव्वारा बनाए जाने की शुरुआत होती उससे पहले फिर एक बार जीडीए की टीम मलबा उठाने आ गई। ऐसे में जल्द से जल्द रुपये इक_ा कर निर्माण कार्य शुरू किया गया। 
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आकर्षण के साथ बना श्रद्धा का केंद्र 
अब फव्वारा आकर्षण के साथ ही श्रद्धा का भी केंद्र बना हुआ है। दरअसल, फव्वारा तैयार हो जाने पर इसमें रंगीन लाइट भी लगवाई गईं हैैं, जिससे यह पार्क में आने वाले लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इसके साथ ही इस पर भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा स्थापित की गई है, जो इसको खूबसूरत तो बनाती ही है साथ ही सभी में श्रद्धा का भाव अंकुरित करती है। यही वजह है कि सुबह-शाम को यहां भक्तों की भीड़ लगती है। इस दौरान रंगीन लाइट में भक्त भोले की पूजा-अर्चना करते हैैं। आइटी क्षेत्र में कार्यरत अमित श्रीवास्तव ने 20 हजार रुपये की सहयोग राशि देकर संगमरमर की मूर्ति स्थापित कराई है।
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आजीवन निशुल्क सेवा देने का संकल्प 
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता हरिओम ने फव्वारे में लाइट लगाईं हैैं। उन्होंने संकल्प लिया है, भविष्य में कभी भी इसकी लाइट में किसी प्रकार की खामी आएगी, तो वह उसको दुरुस्त करने में निशुल्क सेवा देंगे। 
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मुझे यह जानकर काफी खुशी हो रही है कि यह फव्वारा सरकारी मदद के बिना आपसी सहयोग से बनाया गया है। ऐसे वार्ड के विकास को अब कोई नहीं रोक सकता है, जिसमें इस तरह के प्रकृति प्रेमी और समाज हितैषी लोग रहते हों। 
मीना भंडारी, स्थानीय पार्षद
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इनकी वजह से साकार हुआ झरनेश्वर महादेव की स्थापना का सपना
सीपी डागा (हिमालया लीजेंड), नेत्रपाल सिंह (हिमालया लीजेंड), गीतांजलि (हिमालया लीजेंड),  सौरभ श्रीवास्तव (हिमालया लीजेंड), विजयभान (प्लाट नंबर 70),  शिवानी सिकरवार (कानपुर, धर्मेंद्र सिंह ), प्रमोद जी, सौरभ (प्लाट नंबर 18), शालिनी सिकरवार (प्लाट नंबर 142), मंजय प्रताप सिंह (प्लाट नंबर 142),अजय कुमार (प्लाट नंबर 142), संजय सिंह चौहान (प्लाट नंबर 142), कविश उप्रेती (प्लाट नंबर 142)सुनील गुप्ता (प्लाट नंबर 142),  राहुल नौटियाल (प्लाट नंबर 142), नितिन श्रीवास्तव (प्लाट नंबर 142), नेहा सिंहा (प्लाट नंबर 142), प्रभात रंजन (प्लाट नंबर 142), बिष्णु प्रसाद (प्लाट नंबर 142), धर्मेंद्र सिंह (प्लाट नंबर 142), अमर सिंह सिकरवार(कानपुर, धर्मेंद्र सिंह), मयंक त्यागी (मकनपुर), अभय श्रीवास्तव ((प्लाट नंबर 129-130), अभिषेक दीक्षित (प्लाट नंबर 71-72),  आकाश श्रीवास्तव (प्लाट नंबर 129-130), अमरदीप सिंह ((प्लाट नंबर 129-130), अनुपम शुक्ला (प्लाट नंबर 143), आशुतोष झा (प्लाट नंबर 25), धीरेंद्र राठौड़(प्लाट नंबर 71-72), ईशा सिंह (प्लाट नंबर 131), लोकेश नैलवाल(प्लाट नंबर 18), मधु भट्ट (प्लाट नंबर 131), मनोज भारद्वाज, मनोज कुमार मौर्य (प्लाट नंबर 71-72), मनोज कुमार सिंह (प्लाट नंबर 71-72), मनोज कुमार सिंह (प्लाट नंबर 59), बी लाल (प्लाट नंबर 120), तपोधन जोशी (प्लाट नंबर 32), सुनील पांडे (प्लाट नंबर 131), संजय मेहता (प्लाट नंबर 131), रुक्मणि खुशगाल (प्लाट नंबर 23), आशीष रावत (प्लाट नंबर 135), दुर्गेश  कुमार (प्लाट नंबर 143), शशि शेखर (प्लाट नंबर 131), पुर्णिमा भट्ट, (प्लाट नंबर 131), संगीत झा (प्लाट नंबर 128), सुनील नेगी (प्लाट नंबर 119), अभिषेक परिहस्त (प्लाट नंबर 132), मनीष (प्लाट नंबर 128), अमित श्रीवास्तव (प्लाट नंबर 128), आशुतोष (अमित श्रीवास्तव के दोस्त), अंकित (अमित श्रीवास्तव के दोस्त), अमित (अमित श्रीवास्तव के दोस्त), हरी (अमित श्रीवास्तव के दोस्त), श्रुति जिंदल (प्लाट नंबर 59), शिव तिवारी (प्लाट नंबर 143), संजय कुमार (प्लाट नंबर 71-72), प्रभाष (प्लाट नंबर 71-72), शोभित बेरी (प्लाट नंबर 128), संजय ढौंढियाल (प्लाट नंबर 143), पंकज श्रीवास्तव (प्लाट नंबर 129-130), रवि कुमार सिंह (प्लाट नंबर 71-72), श्याम दुबे (प्लाट नंबर 143), संजय केमानी (प्लाट नंबर 61),  शिल सुंदर (प्लाट नंबर 133), सुनील (प्लाट नंबर 133), संदीप (शाह नहीं)(प्लाट नंबर 133), संदीप शाह (प्लाट नंबर 133), , सुनील कुमार दुबे (प्लाट नंबर 129-130), निशु प्रभात (प्लाट नंबर 135), रंजन महतो, लाल सिंह (प्लाट नंबर 125), सत्यपाल (प्लाट नंबर 129-130), अभिषेक प्रिचाल (प्लाट नंबर 25)  आदि। 

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