दफ्तर की मीटिंग हो या फिर क्लास में बोरिंग लेक्चर, कई बार आपको उबासी लेते हुए किसी न किसी ने टोका ही होगा। अमूमन उबासी शरीर की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है लेकिन यह जब बहुत अधिक हो, तो यह सेहत से जुड़ी कई समस्याओं की ओर इशारा हो सकती है।
कई शोधों के आधार पर जानिए,
बहुत अधिक उबासी सेहत से जुड़ी किन समस्याओं की ओर इशारा करती है।
- अनिद्रा
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के शोध के अनुसार उबासी जब सामान्य से अधिक आए तो इसकी वजह नींद से जुड़ी समस्या हो सकती है। दिन में कई बार उबासी आने के अलावा अगर आपको बहुत अधिक उलझन, खीझ, ध्यान न लगना, कमजोरी आदि दिक्कतें हों तो इस समस्या की आशंका अधिक हो सकती है।
- मोटापा
आपका वजन अगर निरंतर बढ़ता जा रहा है यानी आप मोटापे का शिकार हो चुके हैं तो दिन में कई बार उबासी आना आपके बढ़ते मोटापे का लक्षण हो सकता है। इस स्थिति में उबासी के साथ-साथ दिन में नींद आना, बीपी बढ़ जाना, दर्द और आलस्य जैसी समस्याएं अधिक होती हैं।
- दिल का दौरा
जरूरी नहीं कि हर बार दिल का दौरा अचानक ही पड़े। कई बार इसकी तीव्रता का अहसास तुरंत नहीं हो पाता है। ऐसी स्थिति में भी बहुत अधिक उबासी आती है। इस स्थिति में उबासी के अलावा, दिल की धड़कनों का बढ़ जाना, हाई या लो बीपी और दर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं।
- ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया :
इस समस्या के दौरान सोते वक्त सांस लेने में तकलीफ होती है। इसके प्रमुख लक्षणों में बहुत अधिक उबासी, हाई बीपी, श्वास संबंधी दिक्कतें होती हैं। स्थिति को गंभीरता से न लें तो यह जानलेवा भी हो सकती है।
- धमनियों में ब्लॉकेज
दिल से रक्त बाहर निकालने वाली सबसे बड़ी धमनी-एओर्टा में ब्लॉकेज की वजह से भी बहुत अधिक उबासी का लक्षण दिख सकता है। इस दौरान पेट और कमर में दर्द, चलने में दिक्कत और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।
कई शोधों के आधार पर जानिए,
बहुत अधिक उबासी सेहत से जुड़ी किन समस्याओं की ओर इशारा करती है।
- अनिद्रा
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के शोध के अनुसार उबासी जब सामान्य से अधिक आए तो इसकी वजह नींद से जुड़ी समस्या हो सकती है। दिन में कई बार उबासी आने के अलावा अगर आपको बहुत अधिक उलझन, खीझ, ध्यान न लगना, कमजोरी आदि दिक्कतें हों तो इस समस्या की आशंका अधिक हो सकती है।
- मोटापा
आपका वजन अगर निरंतर बढ़ता जा रहा है यानी आप मोटापे का शिकार हो चुके हैं तो दिन में कई बार उबासी आना आपके बढ़ते मोटापे का लक्षण हो सकता है। इस स्थिति में उबासी के साथ-साथ दिन में नींद आना, बीपी बढ़ जाना, दर्द और आलस्य जैसी समस्याएं अधिक होती हैं।
- दिल का दौरा
जरूरी नहीं कि हर बार दिल का दौरा अचानक ही पड़े। कई बार इसकी तीव्रता का अहसास तुरंत नहीं हो पाता है। ऐसी स्थिति में भी बहुत अधिक उबासी आती है। इस स्थिति में उबासी के अलावा, दिल की धड़कनों का बढ़ जाना, हाई या लो बीपी और दर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं।
- ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया :
इस समस्या के दौरान सोते वक्त सांस लेने में तकलीफ होती है। इसके प्रमुख लक्षणों में बहुत अधिक उबासी, हाई बीपी, श्वास संबंधी दिक्कतें होती हैं। स्थिति को गंभीरता से न लें तो यह जानलेवा भी हो सकती है।
- धमनियों में ब्लॉकेज
दिल से रक्त बाहर निकालने वाली सबसे बड़ी धमनी-एओर्टा में ब्लॉकेज की वजह से भी बहुत अधिक उबासी का लक्षण दिख सकता है। इस दौरान पेट और कमर में दर्द, चलने में दिक्कत और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें