शनिवार, 28 दिसंबर 2013

विटामिन बी 12 की कमी भी एसिडिटी की वजह

आधुनिक लाइफस्टाइल में अधिकांश लोग खानपान पर सही तरीके से ध्यान नहीं दे पाते हैं। इसके अलावा फास्ट फूड और जंक फूड के चलन ने इस खानपान को बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसी वजह से ज्यादातर लोग सीने में जलन और एसिडिटी की समस्या से परेशान रहते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि इसके अलावा भी कुछ कारण हो सकते हैं कि जिनकी वजह से एसिडिटी की समस्या आपको परेशान किए होती है। इनमें से एक कारण है विटामिन की कमी।
हाल ही हुए एक नए शोध में पता चला है कि जब शरीर में विटामिन बी 12 की कमी होती है तो एसिडिटी की समस्या ज्यादा होती है। 'अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल" में प्रकाशित शोध में इस बात का दावा किया गया है।
*2 लाख मरीजों पर अध्ययन :
केजर परमानेंट डिविजन ऑफ रिसर्च के वैज्ञानिकों ने हार्ट बर्न के दो लाख मरीजों पर अध्ययन किया है, जिनमें 12 प्रतिशत लोगों में विटामिन बी 12 की कमी मिलती है। शोध में पाया गया है कि विटामिन बी 12 को रक्त में घोलने में गैस्ट्रिक एसिड की बड़ी भूमिका है और विटामिन बी की कमी के कारण शरीर में एसिड रिफ्लेक्स की स्थिति आ सकती है। शरीर में अगर विटामिन बी की कमी की भरपाई न हो तो डिमेंशिया, ब्रेन डैमेज, एनीमिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। शरीर को प्रतिदिन 2.4 माइक्रोग्राम विटामिन बी 12 आवश्यकता होती है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि हार्टबर्न के मरीज प्रोटोन पंप इनब्हीटर (पीपीआई) का इस्तेमाल करते हैं, उससे भी विटामिन बी की मात्रा में कमी आती है, इसलिए इसकी जगह खानपान में सुधार जैसे बचाव ज्यादा मददगार हो सकते हैं।
खानपान में विटामिन बी 12
अक्सर यह सवाल उठता है कि हमें अपने खानपान में किन चीजों को शामिल करना चाहिए, ताकि शरीर में विटामिन बी 12 की कमी न हो। हालांकि मांसाहारी पदार्थों में विटामिन बी 12 की भरपूर मात्रा होती है, लेकिन शाकाहारी लोगों को विशेष रूप से अपने भोजन पर ध्यान देना चाहिए। विटामिन बी 12 के कुछ मुख्य स्रोत हैं। जैसे हमें डेयरी उत्पादों का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए जिनमें दूध, दही, पनीर, चीज, मक्खन, सोया मिल्क आदि महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा जमीन के भीतर उगने वाली सब्जियों जैसे आलू, गाजर, मूली, शलजम, चुकंदर आदि में भी विटामिन बी 12 आंशिक रूप से पाया जाता है।
नॉन वेजिटेरियन लोगों को अंडा, मछली, रेड मीट, चिकन आदि से विटमिन बी 12 भरपूर मात्रा में मिल जाता है, परंतु इसका ज्यादा सेवन करने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है, जो नुकसानदेह साबित हो सकता है, इसलिए नॉनवेज का सेवन सीमित और संतुलित मात्रा में करना चाहिए। 

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