बारिश में पौधों की हरियाली आपको जितनी सुहाती है, ठंड में उनकी चिंता भी उतनी ही सताती होगी। ऐसा हो भी क्यों ना, इस मौसम में खुश्क और सर्द हवाएं पौधों की जड़ों तक नुकसान जो पहुंचाती हैं।
ऐसे में अगर आप बागवानी के मामले में ये उपाय अपनाएंगे तो ठंड के मौसम का असर आपके पौधों पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा।
* पौधों में पानी :
ठंड का मतलब यह कतई नहीं है कि आप पौधों में पानी देना छोड़ दें। यकीनन रात में पौधों को थोड़ी ओस जरूर मिलती है लेकिन सर्द हवाएं पौधों की नमी तेजी से छीन लेती हैं। ऐसे में उनमें पानी डालने में मौसम के नाम पर कोताही न करें।
पौधों में कितना पानी दें, इसका कोई सुनहरा नियम नहीं है क्योंकि हर पौधे की पानी की जरूरत अलग है और उसकी सिंचाई जरूरत को ध्यान में रखकर ही होनी चाहिए।
* मिट्टी की नमी :
घर में अगर बगीचा बनाया है तो घास और झाड़ियों की मिट्टी को भरपूर नमी मिले यह ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए सामान्यत: आदर्श नियम है कि एक अंगूठे यानी छह से आठ इंच तक दूरी से मिट्टी पर पानी डालें।
* पौधों की कटिंग :
सर्दी के मौसम में पौधों को धूप अच्छी तरह मिले इसके लिए उनके सूखे पत्तों की छटाई जरूरी है। इसके अलावा, पौधों में 15 दिन के गैप पर खाद, मिट्टी ढीली करने जैसी रुटीन प्रक्रिया तो है ही।
इन बातों का ध्यान रखते हुए आप अपने घर के बगीचे को न सिर्फ हरा-भरा बल्कि बेहद खूबसूरत बना सकते हैं।
ऐसे में अगर आप बागवानी के मामले में ये उपाय अपनाएंगे तो ठंड के मौसम का असर आपके पौधों पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा।
* पौधों में पानी :
ठंड का मतलब यह कतई नहीं है कि आप पौधों में पानी देना छोड़ दें। यकीनन रात में पौधों को थोड़ी ओस जरूर मिलती है लेकिन सर्द हवाएं पौधों की नमी तेजी से छीन लेती हैं। ऐसे में उनमें पानी डालने में मौसम के नाम पर कोताही न करें।
पौधों में कितना पानी दें, इसका कोई सुनहरा नियम नहीं है क्योंकि हर पौधे की पानी की जरूरत अलग है और उसकी सिंचाई जरूरत को ध्यान में रखकर ही होनी चाहिए।
* मिट्टी की नमी :
घर में अगर बगीचा बनाया है तो घास और झाड़ियों की मिट्टी को भरपूर नमी मिले यह ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए सामान्यत: आदर्श नियम है कि एक अंगूठे यानी छह से आठ इंच तक दूरी से मिट्टी पर पानी डालें।
* पौधों की कटिंग :
सर्दी के मौसम में पौधों को धूप अच्छी तरह मिले इसके लिए उनके सूखे पत्तों की छटाई जरूरी है। इसके अलावा, पौधों में 15 दिन के गैप पर खाद, मिट्टी ढीली करने जैसी रुटीन प्रक्रिया तो है ही।
इन बातों का ध्यान रखते हुए आप अपने घर के बगीचे को न सिर्फ हरा-भरा बल्कि बेहद खूबसूरत बना सकते हैं।
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