अभी तक स्मोकिंग पर बहुत से शोध हो चुके हैं और जिसमें इसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले कई नेगेटिव इफेक्ट्स को बताया गया है। मगर हाल ही में स्वीडन की उपसाल यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध में शोधकर्ताओं ने पाया कि स्मोकिंग की वजह से लोगों के जीन में कई बदलाव हो सकते हैं। जीन में बदलाव होने के कारण स्वास्थ्य को इसका खामियाजा ज्यादा भुगतना पड़ता है। इसके साथ ही इसका असर बच्चों और अन्य पीढ़ियों में भी दिखाई देता है।
नए शोध के परिणामों के तहत शोधकर्ताओं ने बताया कि स्मोकिंग के कारण जीन में होने वाले बदलाव की वजह से कैंसर और मधुमेह जैसे रोग होने की आशंका भी बढ़ जाती है। उपसाल क्लिनिकल रिसर्च सेंटर के शोधकर्ताओं ने पाया कि स्मोकिंग करने से पुरुषों के प्रतिरोधी तंत्र और स्पर्म्स की क्षमता और गुणवत्ता प्रभावित होती है।
*ऐसे किया शोध :
स्मोकिंग के कारण जीन में हुए परिवर्तनों के बारे में जानने के लिए शोधकर्ताओं ने स्मोकिंग करने वाले और तंबाकू खाने वाले लोगों को शोध में शामिल किया।
इस शोध से पता चला कि स्मोकिंग करने वालों के कई जीन में परिवर्तन हुए। जबकि तंबाकू सेवन करने वाले लोगों के जीन में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिला।
*क्या निकला निष्कर्ष :
उपसाल यूनिवर्सिटी और उपसाल क्लिनिकल सेंटर के शोधकर्ता और इस इस शोध के प्रमुख असा जॉनसन ने बताया कि जीन पर तंबाकू सेवन का सीधा-सीधा असर नहीं होता जबकि इसके जलने के बाद पैदा होने वाले तत्व जीन पर प्रभाव डालते हैं।
शोधकर्ताओं का कहना है कि स्मोकिंग पर लगाम लगाते हुए इससे होने वाले साइड इफेक्ट्स से बचा जा सकता है और काफी हद तक स्वास्थ्यगत फायदे मिल सकते हंै।
नए शोध के परिणामों के तहत शोधकर्ताओं ने बताया कि स्मोकिंग के कारण जीन में होने वाले बदलाव की वजह से कैंसर और मधुमेह जैसे रोग होने की आशंका भी बढ़ जाती है। उपसाल क्लिनिकल रिसर्च सेंटर के शोधकर्ताओं ने पाया कि स्मोकिंग करने से पुरुषों के प्रतिरोधी तंत्र और स्पर्म्स की क्षमता और गुणवत्ता प्रभावित होती है।
*ऐसे किया शोध :
स्मोकिंग के कारण जीन में हुए परिवर्तनों के बारे में जानने के लिए शोधकर्ताओं ने स्मोकिंग करने वाले और तंबाकू खाने वाले लोगों को शोध में शामिल किया।
इस शोध से पता चला कि स्मोकिंग करने वालों के कई जीन में परिवर्तन हुए। जबकि तंबाकू सेवन करने वाले लोगों के जीन में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिला।
*क्या निकला निष्कर्ष :
उपसाल यूनिवर्सिटी और उपसाल क्लिनिकल सेंटर के शोधकर्ता और इस इस शोध के प्रमुख असा जॉनसन ने बताया कि जीन पर तंबाकू सेवन का सीधा-सीधा असर नहीं होता जबकि इसके जलने के बाद पैदा होने वाले तत्व जीन पर प्रभाव डालते हैं।
शोधकर्ताओं का कहना है कि स्मोकिंग पर लगाम लगाते हुए इससे होने वाले साइड इफेक्ट्स से बचा जा सकता है और काफी हद तक स्वास्थ्यगत फायदे मिल सकते हंै।
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