अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, गठिया जैसे रोग हों या फिर फर्टिलिटी की परेशानी, इन सबमें मैथी के छोटे-छोटे सुनहरे दाने काफी फायदेमंद होते हैं।
मैथी में प्रोटीन, विटामिन 'सी", नियासिन, पोटेशियम और डायोसजेनिन जैसे तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद हैं, जो आपकी सेहत से जुड़ी कई तरह की समस्याओं से निजात दिलाने में आपके लिए सहयोगी हो सकते हैं।
मैथी का साग हो या मैथी दानें, जानिए इसके क्या हैं फायदे-
रोगों का उपचार
मैथी की गर्म तासीर इसे सर्दियों में जुकाम, दमा, ब्रोंकाइटिस, गठिया जैसे रोगों से दूर रखने में मदद करती है इसलिए इस मौसम में इन रोगों के मरीज इसका सेवन नियमित तौर पर कर सकते हैं।
कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण
जो लोग प्रतिदिन 50 ग्राम मैथी का सेवन करते हैं, वह अपने कोलेस्ट्रॉल को 14 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। इतना ही नहीं, इसके नियमित सेवन से हार्ट अटैक का खतरा 25 प्रतिशत तक घट जाता है।
डायबिटीज में फायदेमंद
मैथी रक्त में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करती है। रोज 500 मिलीग्राम मैथी के सेवन से टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों को आराम मिलता है।
त्वचा के लिए फायदेमंद
मैथी के दानों का पाउडर या पेस्ट त्वचा पर लगाने से एग्जिमा और जले के निशान को दूर किया जा सकता है।
एसिडिटी
नियमित रूप से मैथी का सेवन शरीर के मेटाबॉलिज्म को ठीक करता है और गैस्ट्रेइन्टेस्टाइनल समस्याओं से दूर रखता है। मैथी के दाने के सेवन से एसिड रिफ्लक्स, सीने में जलन और एसिडिटी जैसी समस्याओं में तुरंत आराम मिलता है।
अच्छे फिगर के लिए
वजन कम करने और हार्मोनल बैलेंस में मदद मिलती है। प्रतिदिन तीन ग्राम मैथी का सेवन इस मामले में महिलाओं के लिए फायदेमंद है।
डिलेवरी के दौरान फायदा
मैथी का सेवन डिलेवरी के दौरान महिलाओं के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन गर्भपात का खतरा भी
बन सकता है क्योंकि इसकी गर्म तासीर से लेबर पेन बढ़ता है। इसके अलावा, इसके सेवन से डिलेवरी के बाद दूध की मात्रा भी बढ़ती है।
मैथी में प्रोटीन, विटामिन 'सी", नियासिन, पोटेशियम और डायोसजेनिन जैसे तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद हैं, जो आपकी सेहत से जुड़ी कई तरह की समस्याओं से निजात दिलाने में आपके लिए सहयोगी हो सकते हैं।
मैथी का साग हो या मैथी दानें, जानिए इसके क्या हैं फायदे-
रोगों का उपचारमैथी की गर्म तासीर इसे सर्दियों में जुकाम, दमा, ब्रोंकाइटिस, गठिया जैसे रोगों से दूर रखने में मदद करती है इसलिए इस मौसम में इन रोगों के मरीज इसका सेवन नियमित तौर पर कर सकते हैं।
कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण
जो लोग प्रतिदिन 50 ग्राम मैथी का सेवन करते हैं, वह अपने कोलेस्ट्रॉल को 14 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। इतना ही नहीं, इसके नियमित सेवन से हार्ट अटैक का खतरा 25 प्रतिशत तक घट जाता है।
डायबिटीज में फायदेमंद
मैथी रक्त में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करती है। रोज 500 मिलीग्राम मैथी के सेवन से टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों को आराम मिलता है।
त्वचा के लिए फायदेमंद
मैथी के दानों का पाउडर या पेस्ट त्वचा पर लगाने से एग्जिमा और जले के निशान को दूर किया जा सकता है।
एसिडिटी
नियमित रूप से मैथी का सेवन शरीर के मेटाबॉलिज्म को ठीक करता है और गैस्ट्रेइन्टेस्टाइनल समस्याओं से दूर रखता है। मैथी के दाने के सेवन से एसिड रिफ्लक्स, सीने में जलन और एसिडिटी जैसी समस्याओं में तुरंत आराम मिलता है।
अच्छे फिगर के लिए
वजन कम करने और हार्मोनल बैलेंस में मदद मिलती है। प्रतिदिन तीन ग्राम मैथी का सेवन इस मामले में महिलाओं के लिए फायदेमंद है।
डिलेवरी के दौरान फायदा
मैथी का सेवन डिलेवरी के दौरान महिलाओं के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन गर्भपात का खतरा भी
बन सकता है क्योंकि इसकी गर्म तासीर से लेबर पेन बढ़ता है। इसके अलावा, इसके सेवन से डिलेवरी के बाद दूध की मात्रा भी बढ़ती है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें