दोस्त, इस एक शब्द में ही सबसे स्ट्रॉन्ग सर्पोट की पूरी की पूरी दुनिया समाई होती है। सच्चा दोस्त वही होता है मौका-बेमौका आपकी मदद करें और जीवन की किसी भी कठिन परिस्थितियों से बाहर निकालने में आपको सहयोग दें
। केवल इतना ही नहीं दोस्तों का साथ न सिर्फ आपको दिल से खुश रखने में मदद करता है, बल्कि यह आपको सेहतमंद भी बनाए रखता है।
जी हां, हाल ही में हुए एक शोध में इस बात का दावा किया गया है कि एक सप्ताह में कम से कम दो बार अपने घनिष्ठ मित्रों से मिलने से आपकी सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। मनोवैज्ञानिक रोबिन डरबर दावा करते हैं कि एक सप्ताह में यदि चार करीबी दोस्तों के साथ मुलाकात कर समय बिताया जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक होता है।
सोशल ग्रुप यानी बैटर सपोर्ट
रिपोर्ट में बताया गया कि सामाजिक समूह को पसंद करने वाले व उसे बरकरार रखने वाले पुरुष किसी भी तरह की बीमारियों से काफी जल्दी ठीक हो जाते हैं। सोशल मीडिया, मैसेजेस् और फोन आदि के माध्यम से पुरुष अपनी दिनचर्या का पांचवा हिस्सा अपने सामाजिक समूह से बातचीत करने में गुजारते हैं। वहीं शोध बताता है कि दोस्ती की गुणवत्ता को बरकरार रखने व इसके जरिए होने वाले फायदे का लाभ लेने के लिए व्यक्ति को मेल-जोल बढ़ाना चाहिए।
अनुभवों के आधार पर अध्ययन
शोधकर्ताओं का कहना है कि इस शोध को काफी लोगों से पूछताछ और उनके अनुभवों के आधार पर किया गया है। जिसके परिणाम भी सकारात्मक ही प्राप्त हुए हैं। इस अध्ययन में बताया गया है कि जब सामाजिक समूहों का आकार बढ़ जाता है, तो उनमें हंसी का माहौल भी धीरे-धीरे बढ़ने लगता है।
हंसी है सबसे बेहतर टॉनिक
हंसने से शरीर में 'एंडोर्फिन" का प्रवाह होता है, जो स्वास्थ्य को ठीक रखने में सहायता करता है। यही नहीं हंसने से ब्लड सर्क्युलेशन भी ठीक रहता है। पूर्व में यूनिवर्सिटी ऑफ मेरीलैंड के शोधकर्ताओं ने अपने शोध में बताया था कि हंसने का संबंध शरीर के ब्लड सर्क्युलेशन से होता है। इसके अलावा कई शोधों में यह साबित हो चुका है कि हंसने से शरीर की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ती है, जो शरीर को रोगों से लड़ने में सहायता करती है। हंसना जीवन के लिए किसी बेहतर टॉनिक से कम नहीं है। हंसने से शरीर में एंटी-वायरल व संक्रमण को रोकने वाली कोशिकाएं बढ़ जाती है।
। केवल इतना ही नहीं दोस्तों का साथ न सिर्फ आपको दिल से खुश रखने में मदद करता है, बल्कि यह आपको सेहतमंद भी बनाए रखता है।
जी हां, हाल ही में हुए एक शोध में इस बात का दावा किया गया है कि एक सप्ताह में कम से कम दो बार अपने घनिष्ठ मित्रों से मिलने से आपकी सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। मनोवैज्ञानिक रोबिन डरबर दावा करते हैं कि एक सप्ताह में यदि चार करीबी दोस्तों के साथ मुलाकात कर समय बिताया जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक होता है।
सोशल ग्रुप यानी बैटर सपोर्ट
रिपोर्ट में बताया गया कि सामाजिक समूह को पसंद करने वाले व उसे बरकरार रखने वाले पुरुष किसी भी तरह की बीमारियों से काफी जल्दी ठीक हो जाते हैं। सोशल मीडिया, मैसेजेस् और फोन आदि के माध्यम से पुरुष अपनी दिनचर्या का पांचवा हिस्सा अपने सामाजिक समूह से बातचीत करने में गुजारते हैं। वहीं शोध बताता है कि दोस्ती की गुणवत्ता को बरकरार रखने व इसके जरिए होने वाले फायदे का लाभ लेने के लिए व्यक्ति को मेल-जोल बढ़ाना चाहिए।
अनुभवों के आधार पर अध्ययन
शोधकर्ताओं का कहना है कि इस शोध को काफी लोगों से पूछताछ और उनके अनुभवों के आधार पर किया गया है। जिसके परिणाम भी सकारात्मक ही प्राप्त हुए हैं। इस अध्ययन में बताया गया है कि जब सामाजिक समूहों का आकार बढ़ जाता है, तो उनमें हंसी का माहौल भी धीरे-धीरे बढ़ने लगता है।
हंसी है सबसे बेहतर टॉनिक
हंसने से शरीर में 'एंडोर्फिन" का प्रवाह होता है, जो स्वास्थ्य को ठीक रखने में सहायता करता है। यही नहीं हंसने से ब्लड सर्क्युलेशन भी ठीक रहता है। पूर्व में यूनिवर्सिटी ऑफ मेरीलैंड के शोधकर्ताओं ने अपने शोध में बताया था कि हंसने का संबंध शरीर के ब्लड सर्क्युलेशन से होता है। इसके अलावा कई शोधों में यह साबित हो चुका है कि हंसने से शरीर की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ती है, जो शरीर को रोगों से लड़ने में सहायता करती है। हंसना जीवन के लिए किसी बेहतर टॉनिक से कम नहीं है। हंसने से शरीर में एंटी-वायरल व संक्रमण को रोकने वाली कोशिकाएं बढ़ जाती है।

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