सोमवार, 21 अक्टूबर 2013

पहला सुख निरोगी काया

                                                      पहला सुख निरोगी काया
दूजा सुख घर में हो माया
तीजा सुख कुलवंती नारी
चौथा सुख पुत्र हो आज्ञाकारी
पंचम सुख स्वदेश में वासा
छठवां  सुख राज हो पासा
सातवां सुख संतोषी जीवन,
ऐसा हो तो धन्य हो जीवन .

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