शुक्रवार, 6 दिसंबर 2013

खट्टे हैं तो क्या हुआ

प्रकृति ने हमें, जितने भी फल दिए हैं, लगभग सभी हमारे लिए फायदेमंद होते हैं, फिर चाहे वह खट्टे ही क्यों न हों। संतरे, किन्नू और नीबू सहित जितने भी खट्टे फल होते हैं, सभी में घुलनशील फाइबर होते हैं, जो बैड कोलेस्ट्रॉल को रक्त प्रवाह में जाने से रोकते हैं। इनमें मौजूद विटमिन सी रक्त वाहिका नलियों की सफाई करता है, जिससे बैड कोलेस्ट्रॉल शरीर से बाहर निकल जाता है। इनमें एंजाइम्स भी होते हैं, जो मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया तेज करके कोलेस्ट्रॉल घटाने में सहायक होते हैं।

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What happened if it is sour

Almost all the fruits that nature has given us, are beneficial for us, even if they are sour. All citrus fruits, including oranges, kinnow and lemon, all contain soluble fiber, which prevents bad cholesterol from entering the bloodstream. The vitamin C present in these cleans the blood vessel tubes, which removes bad cholesterol from the body. They also contain enzymes, which help in reducing cholesterol by speeding up the process of metabolism.

Dharmendra Singh   movetonature.blogspot.com

साबूदाना: तुरंत मिलेगा ऊर्जा

साबूदाने के सेवन से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है। इसमें भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होता है, जबकि फैट्स की मात्रा कम होती है। यह व्रत में शरीर को जरूरी कैलोरी मुहैया कराता है। चावल के साथ साबूदाना का कांबिनेशन शरीर की गर्मी को कम करने और ठंडक पहुंचाने में मदद करता है।  

लतीफा: सब कुछ ठीक हो जाएगा

कपिल, 'डॉक्टर साहब। मेरी आंखें कमजोर हैं। मेरे हाथ कमजोर हैं। मेरे पांव कमजोर हैं।"
बीच में ही मरीज को रोकते हुए डॉक्टर बोला, 'चिंता की कोई बात नहीं। सब कुछ ठीक हो जाएगा। यह लो दवा।"
कुछ समय बाद मरीज से डॉक्टर बोला, 'अब चुपचाप क्यों बैठे हो? लाओ मेरी फीस और जाओ घर। दवा खाना शुरू करो। बहुत फायदा होगा।"
मरीज कुछ संकोच करते हुए बोला, 'डॉक्टर साहब आपने मेरी पूरी बात तो सुनी ही नहीं थी। दरअसल, मेरी जेब भी कमजोर है।"

लतीफा: फिर से जवान हो जाएंगे

डॉक्टर एक बूढ़े मरीज से बोलीं, 'ऐसी दवा दूंगी कि आप फिर से जवान हो जाएंगे।"
बूढ़ा मरीज निवेदन करके बोला,   'नहीं डॉक्टर। ऐसा जुल्म मत करना, नहीं तो हमारी पेंशन बंद हो जाएगी।'


लतीफा: आपको कैंसर होगा

शिक्षक ने छात्र से सवाल किया, 'दांत सड़ गया है। इस वाक्य को भूतकाल में बदलो।"
छात्र, 'तंबाकू खाई थी।"
शिक्षक खीझते हुए, 'अच्छा! चलो अब इसे भविष्य काल में बदलो। "
छात्र आंख मटकाते हुए, 'आपको कैंसर होगा।"


लतीफा: मैं पूंछ खींचूंगा

प्रिया अपने भाई से, ' अगर आप कुत्ते के कान खींचोगे तो मैं तुम्हारे कान खींचूंगी। समझे बुद्दू।"
भाई, 'मैं तो उसकी पूंछ खींचूंगा।"

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Latifa: I'll pull the tail

Priya to her brother, 'If you pull the dog's ears, I will pull your ears. Got it, Buddu. "

Brother, 'I'll pull his tail. "


Dharmendra Singh    movetonature.blogspot.com

शरारती बच्चे बनते हैं बेहतर लर्नर

अक्सर बच्चों की शैतानी, पैरेन्ट्स को खासी परेशान कर देती है। उन्हें लगता है ये कब बड़े होंगे और उनकी शैतानियों में कब कमी आएगी। मगर चिंता मत कीजिए, आपके बच्चे की यह शैतानी भी उसके बेहतर भविष्य के लिए अच्छी हो सकती है! जी हां, एक नया अध्ययन अभिभावकों के लिए कमाल की जानकारी लेकर आया है। इस अध्ययन के अनुसार भोजन के समय बच्चे जितनी अधिक खेल व शरारत करते हैं वे आगे चलकर उतने ही अच्छे विद्यार्थी या सीखने वाले (लर्नर) बन सकते हैं।
क्या जानना चाहा 
लोवा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अध्ययन किया कि कैसे 16 महीने की उम्र में बच्चे तरल (नॉन सॉलिड) खाद्य पदार्थों जैसे दलिया से लेकर गोंद तक के लिए शब्दों को जान पाते होंगे। पुराने शोध बताते हंै कि नन्हा बच्चा ठोस वस्तुओं के बारे में ज्यादा आसानी से इसलिए जान पाता है क्योंकि वे आसानी से उनके अपरिवर्तनीय आकार और शक्ल के हिसाब से उनकी पहचान कर सकते हैं।
लोवा विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान की एसोसिएट प्रोफेसर लारिसा सैमुएलसन ने कहा कि अगर आप बच्चों को परिचित जगह पर बैठाते हैं। उन परिस्थितियों में शब्द सीखने की क्षमता बढ़ जाती है क्योंकि इस दौरान बच्चे खाने में नॉन-सॉलिड चीजें ज्यादा खाते हैं।  सैमुएलसन के अनुसार अगर बच्चों को हाईचेयर (बच्चों के बैठने वाली कुर्सी) पर बैठाकर इस चीजों से रूबरू कराते हैं तो यह उनके लिए और अच्छा होता है। वे ऐसे बैठने के भी आदि होते हैं तो इससे उन्हें नॉन सॉलिड चीजों के बारे में जानने और उन्हें याद रखने में मदद मिलती है। इस तरह से परखा
शोधकर्ताओं की टीम ने अपने विचार को परखने के लिए छह महीने के बच्चों को 14 नॉन सॉलिड वस्तुओं, जिनमें अधिकतर भोजन और पेय पदार्थ थे, से परिचित कराया। इनमें एप्पल सॉस, पुडिंग, जूस और सूप आदि शामिल थे। शोधकर्ताओं ने इन बच्चों को ये चीजें दी और 'डैक्स" और 'कीव" जैसे शब्द बनाने को दिए। एक मिनट बाद उन्होंने इन बच्चों को इसी भोजन को दूसरे आकार और रूप में पहचानने को कहा। बेशक कई बच्चे मुस्कुराते हुए इस कार्य में जुट गए और इस भोजन को छूकर, फेंककर, हाथ लगाकर उससे खेलकर नॉन सॉलिड चीजों को समझने लगे और उन्होंने इन्हें उनके काल्पनिक नामों से पुकारा।
अध्ययन से पता चला है कि वे बच्चे जो खाद्य पदार्थों में ज्यादा रूचि से जुटे हुए थे, उन्होंने इन खाद्य पदार्थों को उनकी बनावट द्वारा सही ढंग से पहचान लिया।  

कील-मुहांसे की समस्या से बचाएगी समुद्री शैवाल!

कील-मुहांसों की समस्या से परेशान लोगों के लिए खुशखबरी है। हाल ही में एक अध्ययन में पता चला है कि चेहरे पर आने वाले कील-मुहांसे और दाग-धब्बों से निजात पाने के लिए समुद्री शैवाल काफी फायदेमंद होता है। खासकर किशोरावस्था में कील-मुहांसों की समस्या से उनकी खूबसूरती कम हो जाती है। इसकी वजह से परेशान लोग हर तरह के उपाय अपनाते हैं लेकिन समस्या जस की तस रहती है। लेकिन अब वैज्ञानिकों ने इस समस्या से निपटने के लिए बेहद कारगर उपाय ढूंढ निकाला है। उनका मानना है कि समुद्री शैवाल दाग-धब्बों और मुंहासों से निजात दिलाने में असरदार साबित हो सकती है।
फैटी एसिड करेंगे मदद
शैवाल के द्वारा बनने वाले फैटी एसिड में त्वचा को साफ करने के गुण होते हैं। इसके कारण यह मुंहासों को पनपने नहीं देता और अगर पनप जाते हैं तो दाग-धब्बों को मिटाने में मदद करता है। स्टिरलिंग इंस्टीट्यूट के अध्ययन के मुताबिक फैटी एसिड 'प्रोपियोनिबैक्टेरियम एक्ने" को बढ़ने से रोकता है,जो त्वचा पर कील-मुहांसे पैदा करने के लिए जिम्मेदार माना जाता है।   

माफ करेंगे तो दिल रहेगा स्वस्थ

दूसरों को माफ करना और किसी भी कड़वाहट को भूलकर आगे बढ़ना सिर्फ आपसी रिश्तों के लिए ही अच्छा नहीं है बल्कि यह अच्छी सेहत का भी गूढ़ मंत्र है। हमेशा दूसरों के लिए मन में कड़वाहट लाते हुए रिश्तों में गांठ बांधना कभी भी अच्छा नहीं हो सकता। इसके लिए आपसी सामंजस्य जरूरी है और यह तभी हो सकता है कि आप अपने ईगो, अपने क्रोध को खत्म करते हुए दूसरों को आसानी से माफ कर सकें।
एक नए अध्ययन की मानें तो इस गुण के धनी लोगों का दिल हमेशा सेहतमंद रहता है। अमेरिका की सैन डिएगो स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग अपने गुस्से को बर्दाश्त कर लेते हैं, उनका ब्लड प्रेशर भी स्थिर रहता है। इस अध्ययन में कहा गया है कि माफ करने से तनाव कम होता है और इसका शरीर पर भी कोई दुष्प्रभाव भी नहीं पड़ता है। अध्ययन दल के प्रमुख डॉक्टर ब्रिटा लार्सेन ने कहा कि गुस्सा करने वालों का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, जो सेहत के लिए ठीक नहीं है। क्रोध न सिर्फ रिश्तों को पल में बिगाड़ने का काम करता है बल्कि इसके दुष्प्रभाव सेहत पर भी आसानी से दिख जाते हैं। इसलिए, जनाब यदि आप भी अपने दिल की सेहत को सही रखना चाहते हैं तो कम से कम इस बात का प्रण तो कर ही लीजिए कि ईगो और क्रोध को अपने नजदीक नहीं आने देंगे...।  

कॉमन कोल्ड का यूं करें इलाज

कॉमन कोल्ड की कोई स्थाई चिकित्सा नहीं है। यह समस्या आमतौर पर तीन-चार दिनों में स्वत: ठीक हो जाती है, लेकिन ठंड छाती में बैठ जाए तो गंभीर परिणाम दे सकती है। इसलिए कॉमन कोल्ड में होने वाली समस्याओं से बचने के लिए कुछ उपचार को अपनाने में कोई बुराई नहीं है। जुकाम के दौरान लोगों को सिर व शरीर में दर्द व भारीपन महसूस होता है, जिसकी वजह से कई परेशानी होती है।
कॉमन कोल्ड की चिकित्सा का अर्थ दवाओं का सेवन करना नहीं है। आप चाहें तो घर पर कुछ खास नुस्खों के जरिए जुकाम को कम कर सकते हैं। ज्यादातर लोग जुकाम के दौरान दवा लेने से बचते हैं, क्योंकि यह दवाएं नाक से निकलने वाले द्रव्य को रोक देती है, जिससे समस्या और बढ़ जाती है। ऐसे में बिना डॉक्टर से पूछे कोई भी दवा नुकसान कर सकती है।एंटी एलर्जिक होने के कारण इन दवाओं से ड्रायनेस व सुस्ती आ जाती है। साथ ही नाक सूख जाने से कभी-कभी दिक्कत भी हो सकती है। सिर में भारीपन व दर्द की शिकायत होती है जो गंभीर समस्या का कारण बन जाती है।
जानें, कॉमन कोल्ड की समस्या से बचने के लिए किस तरह की चिकित्सा का प्रयोग करना चाहिए
नाक साफ करें
जुकाम के दौरान जरूरी है कि नाक से निकलने वाले द्रव्य को रोका ना जाए। समय-समय पर सही तरीके से नाक की सफाई करें। इससे अंदर जमा कफ नाक के रास्ते बाहर आ जाता है और आपको हल्का महसूस होता है। अगर द्रव्य को निकलने से रोका जाए तो यह सिर में वापस चला जाता है जो कि परेशानी का कारण बन सकता है। नाक साफ करने के बाद हाथ धोना न भूलें।
पानी की कमी न हो दें
आमतौर पर ऐसा देखा जाता है कि जुकाम होने पर पानी या किसी तरल पदार्थ के सेवन का मन नहीं करता। ऐसे में जुकाम की समस्या और बढ़ जाती है। जुकाम के दौरान मन ना करने पर भी थोड़ी-थोड़ी देर में गर्म पानी पीते रहें। इसके साथ ही अन्य लिक्विड भी लेते रहें, इससे आराम मिलेगा। गर्म पानी, सूप, हल्दी मिला दूध, काली चाय आदि का सेवन कफ ढीला करने में मदद करता है। वहीं कैफीन और अल्कोहल का सेवन न करें, क्योंकि इससे यूरीन अधिक होती है और शरीर का फ्लूएड कम होता है।
मसालेदार भोजन 
भारतीय मसालों से बने तीखे भोजन का सेवन जुकाम की समस्या में मददगार साबित हो सकता है। अत्यधिक ठंड और कफ से जकड़न की राहत के लिए मसाले से भरपूर डाइट काफी फायदेमंद हो सकती है। इस दौरान मीट, डेयरी उत्पाद और तले हुए भोजन से दूरी बरतना भी उतनी ही जरूरी है।
गरारे करें
गले में दर्द की समस्या के कारण्ा कुछ भी खाना-पीना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में एक ग्लास गरम पानी में चुटकी भर नमक, चुटकी भर खाने का सोडा मिलाकर दिन में दो बार तथा सोते समय गरारे करने से गले की खराश में आराम मिलता है।
विटामिन का सेवन
जुकाम के दौरान विटामिन ए, सी और ई से भरपूर डाइट कफ और जुकाम के संक्रमण को खत्म करने और आपकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। विटामिन सी, एक एंटी इंफेक्टिव विटामिन है, जो सर्दी के उपचार में काफी लाभदायक है। एक ग्लास गर्म पानी में नीबू के रस के साथ एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से भी काफी फायदा होता है।  

पौष्टिक आहार देगा सही फिटनेस

त्योहार और शादियों के मौज-मस्ती भरे मौसम में खूबसूरत और फिट नजर आना सभी की प्राथमिकता होती है। लेकिन इस दौरान अक्सर हमारा खानपान गड़बड़ा जाता है। ऐसे में पौष्टिक खानपान का ध्यान रखकर स्वयं को स्वस्थ और फिट रख सकते हैं। यह बात एक शोध में सामने आई है।
कम भोजन और स्वस्थ भोजन में अंतर
हेल्थ वेबसाइट 'फीमेलफर्स्ट डॉट को डॉट यूके" का मानना है कि वजन कम करने के लिए केवल व्यायाम ही काफी नहीं है। इसके साथ ही सही और पौष्टिक खानपान पर भी ध्यान देने की जरूरत होती है। यहां कम भोजन करने और स्वस्थ भोजन करने के अंतर को समझना भी जरूरी है। भोजन की मात्रा से अधिक फर्क इस बात से पड़ता है कि आखिर आप किस प्रकार का भोजन कर रहे हैं।
पानी खूब पीएं
पर्याप्त मात्रा में पानी पीना स्वस्थ रहने का दूसरा महत्वपूर्ण नुस्खा है। गर्मी के मौसम में प्यास ज्यादा लगती है, इसलिए हम ज्यादा पानी पीते हैं। मगर ठंड के मौसम में बहुत से लोग पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते। जबकि ज्यादा मात्रा में पानी पीने से न केवल शरीर में पानी और कैलोरी में संतुलन बना रहता है बल्कि त्वचा मुलायम रहती है।
नमक का सेवन कम
नमक का अधिक सेवन त्वचा में सूजन पैदा कर देता है इसलिए खाना बनाते या खाते समय भोजन में नमक की मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।
फाइबर हो शामिल
इसी तरह भोजन में फाइबर की उचित मात्रा शामिल करने से हाजमा दुरूस्त रहता है और शरीर स्वस्थ रहता है। फाइबर युक्त खाद्यपदार्थ जैसे संतरे, मशरूम, रैस्बेरी, ब्रोकली और गोभी स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभप्रद होते हैं। ताजा फल, सब्जियों और अनाज के सेवन से शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा मिलती है और वजन नियंत्रित रहता है। 

बुधवार, 4 दिसंबर 2013

खाने पर दें ध्यान, घट जाएगा कोलेस्ट्रॉल

आज के दौर में कई लोगों का कोलेस्टॉल बढ़ा मिल जाएगा। लोग इसे कम करने के लिए अनेक तरह के जतन करते हैं। कुछ लोग बाजार में बिकने वाली दवाओं का भी सेवन करते हंै, जबकि वे अपने खानपान को ही सुधार कर इस पर काबू पा सकते हैं। यदि व्यक्ति प्रतिदिन पचास ग्राम मेथी का सेवन करे तो उसके शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा काफी कम हो जाएगी। मेथी में प्रोटीन, विटामिनसी, नायसिन, पोटैशियम व डायोसजेनिन जैसे तत्व होते हैं, जो कई शारीरिक समस्याओं को भी दूर करते हैं। मेथी से शरीर में डायोसजेनिन नामक सेक्स हार्मोन भी बढ़ता है।

दमकता रहेगा चेहरा

आप चाहते हैं कि आपका चेहरा हमेशा दमकता रहे तो आपको थोड़ीसी देखभाल के साथ ही खानपान पर थोड़ा सा ध्यान देने की जरूरत है। पहले तो त्वचा को जवान बनाए रखने के लिए सप्ताह में करीब दो बार मृत त्वचा को जरूर हटाएं। इसके लिए जई, शदह और चीनी का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाएं। इससे मृत त्वचा हट जाएगी और चेहरा दमक उठेगा। इसके साथ ही ताजे फल, नारियल पानी, रुचिरा और बादाम से परिपूर्ण संतुलित आहार ले, जिससे आपके चेहरे पर रौनक बनी रहेगी।


पीलिया भगाए सिंघाड़ा

पीलिया से पीड़ित लोगों के लिए सिंघाड़ा काफी लाभदायक होता है। इसके डिटॉक्सिफाइंग गुण पीलिया के मरीजों के लिए लाभदायक होतें हैं। पीलिया के मरीज इसे छिलके उतार कर साबुत खा सकते हैं या फिर जूस बनाकर भी पी सकते हैं। सर्दियों में यह डिहाइट्रेशन को दूर करता है। इसके साथ ही यह शरीर के जहरीले पदार्थों को बाहर निकालने और शरीर को कूल रखने में भी मददगार साबित होता है।


खीरा खाएं और विटामिन ए, बी, सी पाएं

खीरे में विटामिन ए, बी और सी प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। खीरा प्रतिरोध क्षमता भी बढ़ाता है। इसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम और सिलिकान अत्यधिक मात्रा में होता है। उक्त सभी तत्व त्वचा के लिए काफी लाभदायक होते हैं।

नाखून बनाएं सुंदर

नाखूनों के आसपास की त्वचा की सफाई के लिए नीबू के रस में चीनी मिलाकर मिश्रण बनएं और उसे लगाएं। पांच मिनट के बाद गुनगुने पानी से हाथ साफ कर लें। इसके अलावा नाखूनों के दोनों ओर पाए जाने वाले क्यूटिकल्स को समयसमय पर जरूर काटें, क्योंकि इसमें गंदगी फंसे रहने से इसने सड़ने की आशंका बढ़ जाती है।

नहीं फटेंगी एड़ियां

कई महिलाओं को एड़ियों को लेकर काफी टेंशन होती है।  लेकिन, अब उनको टेंशन करने के बजाय थोड़ी सी मेहनत करने की जरूरत है। रात को सोने से पहले मलाई की कुछ बूंदें नीबू के रस के साथ मिलाकर तलबों और एड़ियों पर मालिस करें। सुबह उठकर पैरों को पानी से धो लें। इससे तलवे और एड़ियां नरम बनेंगे। दूसरा, तिल के तेल से पैरों की मालिस करें फिर गुनगुने पानी में कुछ देर तक पैरों को सेक करें। इससे तलवों की त्वचा कोमल होगी और पैरों में नमी आएगी। इसके अलावा एड़ियों में ऑलिव ऑयल से नियमित मसाज करें, इससे भी फायदा होगा।

कमरख: दाद को कहें बायबाय

सर्दियों के शुरुआती मौसम में मिलने वाला फल कमरख इस सीजन में काफी लाभदायक होता है। सर्दियों में अनेक लोगों को त्वचा संबंधी विकार हो जाते हैं। इसमें से कुछ लोग दाद की समस्या से भी परेशान होते हैं। ऐसे लोगों को कमरख का सेवन करना चाहिए। इसके सेवन से दाद की समस्या काफी कम हो जाती है। हल्के हरे और पीले रंग के इस फल में कैलोरी बहुत ही कम पाई जाती है। यह आंख के घाव में भी बहुत फायदा करता है।

भारतवंशी सौमिल ने जीता 'इनजेनुइटी पुरस्कार"

नैनो तकनीक में क्रांति लाने के लिए भारतीय मूल के अमेरिकी युवा सौमिल बंद्योपाध्याय को 'इनजेनुइटी अवॉर्ड" से सम्मानित किया जाएगा। सौमिल की नैनो तकनीक से  ऑटोमोबाइल क्षेत्र से लेकर अंतरिक्ष विज्ञान तक के क्षेत्र में काफी मदद मिलेगी।
हाल ही में मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में दाखिला लेने वाले सौमिल उन दस लोगों में श्ाामिल हैं, जिन्हें पिछले महीने दूसरे अखिल अमेरिकी इनजेनुइटी अवॉर्ड के लिए चुना गया है। 18 वर्षीय सौमिल को उनके मौलिक आविष्कार 'इंफ्रारेड रेडिएश्ान डिटेक्टर" के लिए सम्मानित किया जाएगा। यह डिटेक्टर विज्ञान, असैन्य व सैन्य प्रोजेक्ट्स में बहुत ही वाजिब कीमत पर इस्तेमाल किया जा सकेगा।
'स्मिथसोनियन पत्रिका" ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिकी सेना इस डिटेक्टर में पहले ही अपनी दिलचस्पी जाहिर कर चुकी है। पोस्टल स्टैंप की तरह दिखने वाला इंफ्रारेड डिटेक्टर बारूदी सुरंगों को ढूंढने और ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों का पता लगाने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इस उपकरण्ा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे किसी भी तापमान पर रखा जा सकता है। इसे सक्रिय रखने के लिए मंहगी लिक्विड नाइट्रोजन की जरूरत नहीं पड़ेगी।  

वजन बढ़ने के लिए थॉयरॉइड नहीं होता जिम्मेदार

आपने ज्यादातर लोगों में वजन बढ़ने का कारण थॉयरॉइड सुना होगा। दरअसल गले में स्थित थायरॉइड ग्रंथि के बढ़ने पर शरीर का वजन तेजी के साथ बढ़ने लगता है। अभी तक ज्यादातर मामलों में थॉयरॉइड में बढ़ोतरी या हाइपोथॉयरॉडिज्म को मोटापे के साथ जोड़कर देखा जाता रहा है।
एक नए अध्ययन में यह बात स्पष्ट हुई है कि अधिक वजन वाले लोगों में थॉयराइड हार्मोन के सामान्य स्तर पर पहुंचने के बावजूद भी उनमें से ज्यादातर का वजन कम नहीं हुआ। शोधकर्ताओं  ने हाइपोथॉयरॉइडिज्म और मोटापे के बीच रिश्ते की पूर्व प्रचलित धारणा का पता लगाने के लिए इससे ग्रस्त मरीजों पर आठ साल तक परीक्षण किया।
उन्होंने पाया कि हाइपोथॉयरॉइडिज्म का विशेष उपचार शुरू करने के 24 महीने बाद भी केवल 52 प्रश मरीजों के वजन में कमी आई है। मिशिगन मेडिकल सेंटर के प्राध्यापक रोनाल्ड जे कोइग ने कहा कि हमारे द्वारा किए गए ताजा अध्ययन से साफ तौर पर पता चला है कि थॉयरॉइड के संतुलित होने के बाद भी लगभग आधे लोगों के अधिक वजन में कोई बदलाव नहीं आया। इस अध्ययन के परिणाम पोर्टोरिको के सनजुआन में अमेरिकी थॉयरॉइड सम्मेलन में जल्द ही प्रस्तुत किए जाने हैं। कोइग ने यह भी कहा कि यह अपनी किस्म का पहला अध्ययन है।  

दिल के लिए खतरा हैं एनर्जी ड्रिंक्स

 शोधकर्ताओं का मानना है कि कैफीन युक्त एनर्जी ड्रिंक्स से दिल की धड़कन पर असर पड़ता है। जर्मनी के बॉन विश्वविद्यालय की एक टीम ने ऐसे 17 लोगों पर शोध किया और उनके दिलों की धड़कन मापी, जिन्हें एक घंटे पहले एनर्जी ड्रिंक पिलाया गया था।
अध्ययन में पता चला कि एनर्जी ड्रिंक पीने के बाद इन लोगों के हृदय का संकुचन पहले से ज्यादा तेज हो गया था।
साइड इफेक्ट
शोधकर्ताओं की टीम ने उत्तरी अमेरिका की रेडियोलॉजिकल सोसायटी की वार्षिक बैठक में बताया कि कुछ बीमारियों से परेशान बच्चों और लोगों को एनर्जी ड्रिंकसे बचना चाहिए। शोधकर्ता डॉक्टर योनास डॉर्नर ने कहा कि अभी तक हमें पूरी तरह से इस बात का पता नहीं चला है कि इन एनर्जी ड्रिंक का हृदय के काम करने पर ठीक-ठीक क्या असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि कोला और कैफीन युक्त दूसरे पेय पदार्थों की अपेक्षा इन एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन की मात्रा तीन गुना तक ज्यादा होती है। डॉक्टर डॉर्नर ने कहा कि ज्यादा मात्रा में कैफीन सेवन करने से बहुत से साइड-इफेक्ट होते हैं जैसे, दिल की धड़कन बढ़ना, घबराहट और उच्च रक्तचाप, कई बार गंभीर मामलों में यह अचानक हुई मौत के लिए भी जिम्मेदार होती है।शोधकर्ताओं ने शोध में हिस्सा लेने वाले लोगों को सौ मिलीलीटर में 32 मिली ग्राम कैफीन वाला एक ड्रिंक और सौ मिलीलीटर में 400 मिली ग्राम टौरीन वाला एक दूसरा ड्रिंक पीने को दिया।
त्वरित प्रभाव
एनर्जी ड्रिंक्स में सॉफ्ट ड्रिंक्स की अपेक्षा तीन गुना तक ज्यादा कैफीन होता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि ड्रिंक पीने के एक घंटे बाद दिल का लेफ्ट वेंट्रिकल (जो पूरे शरीर में खून भेजता है) पहले से ज्यादा तेजी से संकुचित हो रहा था।डॉक्टर डॉर्नर ने बताया कि हमें पता चला कि एनर्जी ड्रिंक पीने से हृदय सबंधी संकुचन पर तेज असर होता है। बहरहाल, शोध करने वाली टीम ने सलाह दी है कि अनियमित हृदय गति वाले बच्चों और लोगों को इन पेय पदार्थों से बचना चाहिए। ब्रिटिश सॉफ्ट ड्रिंक्स एसोसिएशन पहले ही यह कह चुका है कि ये एनर्जी ड्रिंक्स बच्चों के लिए तो कतई नहीं हैं।  

जैसी त्वचा वैसा प्रोडक्ट

सिर्फ विज्ञापनों पर भरोसा करके किसी भी ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना त्वचा के लिए हानिकारक हो सकता है। अगर आपकी त्वचा तैलीय है और आप ड्राई स्किन के लिए बनी कोई क्रीम लगा रहे हैं, तो इसका विपरीत प्रभाव आपकी त्वचा पर होगा।
ऐसे में आपकी त्वचा और तैलीय हो जाएगी और चेहरे पर निखार आने के बजाय त्वचा की रंगत फीकी हो जाएगी। इसलिए जरूरी है अपनी त्वचा की प्रकृति को समझकर अपने लिए सही ब्यूटी प्रोडक्ट चुनें।
कैसी है आपकी त्वचा
बाजार में एक से बढ़कर एक ब्यूटी प्रोडक्ट हैं और उनके दावे भी अलग-अलग हैं। इनमें से अपने लिए सही प्रोडक्ट चुनना वाकई मुश्किल है। लेकिन आप इस उलझन को दूर कर सकते हैं, अपनी त्वचा की प्रकृति जानकर।
त्वचा की प्रकृति जानने के बाद यह देखें कि आपको ब्लैकहेड्स, एक्ने जैसी कोई और समस्या तो नहीं है? दरअसल, सौंदर्य प्रसाधन बनाने वाली कंपनियां हर तरह की त्वचा के लिए अलग-अलग उत्पाद बनाते हैं। इनमें से अपनी त्वचा की जरूरत के हिसाब से सही क्रीम, फेसपैक, मॉइश्चराइजर या अन्य उत्पाद चुनें।
त्वचा अनुरूप सही प्रोडक्ट
आपकी त्वचा रूखी है, तो कम-से-कम 30 एसपीएफ वाले मॉइश्चराइजर वाली क्रीम यूज करें। तैलीय है, तो इससे कम एसपीएफ वाले मॉइश्चराइजर आपकी त्वचा के लिए सही रहंेगे। कुछ लोगों की त्वचा काफी सेंसिटिव होती है। ऐसे लोगों को चेहरे की त्वचा पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है। कोई भी स्किन केयर प्रोडक्ट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह ले, तो बेहतर रहेगा।
त्वचा की मोटाई जानें
ब्यूटी प्रोडक्ट लेने से पहले यह भी जानें कि आपकी त्वचा की परत पतली है या मोटी, ताकि आप अपने लिए सही प्रोडक्ट ले सकें। इसे जानने के लिए आप अंगूठे और अंगुली की सहायता से अपने गालों को खींचें और उनके बीच की दूरी को नापें। अगर इनके बीच की दूरी एक सेमी. से कम है, तो आपकी त्वचा की परत पतली है। अगर डेढ़ सेमी से ज्यादा है, तो आपकी त्वचा की परत मोटी है। पतली चमड़ी वाली महिलाओं को झुर्रियां जल्दी परेशान करती हैं, जबकि मोटी चमड़ी वाली महिलाओं की त्वचा उम्र के साथ ढीली पड़ जाती है। इस समस्या से बचने के लिए आप ऐसे उत्पाद खरीदें, जिसमें रेटिनॉल हो। यह रसायन त्वचा को मजबूती देता है, उसे गद्देदार बनाता है और त्वचा में कसावट लाता है।
उम्र का रखें ध्यान में
अगर आप 40 से ज्यादा की हैं, तो आपको उन उत्पादों को चुनना चाहिए, जो आपको त्वचा में आए ढीलेपन या बुढ़ापे में आने वाली त्वचा की परेशानियों से बचाएं। अगर आप 20 की हैं, तो आप मुहांसे, एक्ने आदि से रक्षा करने वाले ब्यूटी प्रोडक्ट लें।
इसी तरह मौसम को ध्यान में रखकर भी सही स्किन केयर प्रोडक्ट लें। जैसे अगर सर्दी का मौसम है, तो इस मौसम में होने वाली त्वचा संबंधी परेशानियों से बचाने वाले उत्पाद चुनें।
कुछ नया खरीदने से पहले
अगर अपने लिए कोई नया प्रोडक्ट ले रही हैं, तो उसकी थोड़ी-सी मात्रा अपने कान या गर्दन के पीछे वाले हिस्से पर थोड़ी देर के लिए लगाकर जांच लें। अगर कुछ देर में आपको किसी तरह की एलर्जी न हो तो वह उत्पाद त्वचा के लिए ठीक है। कोई भी नया उत्पाद लेने से पहले यदि आप किसी स्किन डॉक्टर की सलाह ले लें, तो और भी बेहतर रहेगा। इससे आप जान सकेंगी कि त्वचा के लिए कौन-से रसायन खतरनाक हो सकते हैं और कौन-से फायदेमंद। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रख आप अपनी त्चचा के लिए बेहतर प्रोडक्ट ले सकते हैं।
 हर्बल उत्पाद खरीदना है बेहतर
अगर आप अपनी त्वचा को केमिकल के हानिकारक प्रभाव से बचाना चाहते हैं, तो कोई भी प्रसाधन खरीदने से पहले उत्पाद में शामिल वस्तुओं की सूची जरूर पढ़ें, क्योंकि हर उत्पाद में अलग-अलग तरह की सामग्री मिली होती है। हो सकता है कि उसमें शामिल किसी केमिकल से आपकी त्वचा को एलर्जी हो। जैसे खुशबू वाले कई प्रोडक्ट में फार्मल डिहाइड नाम का प्रिजर्वेटिव होता है, जो त्वचा पर एलर्जी पैदा करता है। त्वचा को केमिकल के प्रभाव से बचाने के लिए नेचुरल प्रोडक्ट ज्यादा बेहतर है। ये स्किन फ्रेंडली होते हैं। अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है, तो हर्बल प्रोडक्ट से बेहतर आपके लिए कुछ और नहीं हो सकता। 

मंगलवार, 3 दिसंबर 2013

पौष्टिकता से भरपूर बाजरा

सर्दी की शुरुआत से ही बाजरा रास आने लगता है। बाजरा न केवल शरीर को ऊर्जा देता है बल्कि पौष्टिक आहार भी है। इसमें विटामिन, पोषक तत्व, स्टार्च, एमीनो सिड, प्रोटीन और फाइबर काफी मात्रा में होता है। कब्ज होने पर इसे खाने से फायदा देता है। इसलिए बाजरे की खिचड;ी, रोटी, उत्पम, ढोकला, चने की दाल डालकर पुलाव बनाएं।   

दूर होगी ब्लड शुगर, बढ़ेगी आंखों की रोशनी

टमाटर का सेवन ब्लड शुगर को संतुलित करता है। इसमें मौजूद क्रोमियम ब्लड शुगर को रेगुलेट करने मंे सहायक होता है। डाइबिटीज व दिल के रोगों में भी टमाटर उपयोगी होता है। इसमें मौजूद विटामिन ए आंखों की रोशनी बढ़ाने के साथसाथ रतौंधी को रोकने में भी सहायक होता है। सुबह बिना ब्रुश किए पका टमाटर खाया जाए तो यह काफी कारगर होता है।

जूस से घटाएं वजन

अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो नियमित रूप से मिक्स वेजीटेबल जूस का सेवन करें। पत्ता गोभी, पालक, चुकंदर व टमाटर के जूस का सेवन ज्यादा लाभकारी होता है। इससे आप सेहतमंद भी रहेंगे।
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Reduce weight with juice

If you want to lose weight, then take regular mixed juice juice. Consumption of cabbage, spinach, beet and tomato juice is more beneficial. This will keep you healthy as well.

स्किन रखें कोमल

शहद, एवोकाडो, नीबू का रस व दही को मिक्स करके आधे घंटे के लिए फ्रिज में रख दें। इसके बाद इस मिश्रण को त्वचा पर लगाएं। कुछ समय बाद इसे साफ पानी से धो लें। इसके नियमित इस्तेमाल से त्वचा कोमल व चमकदार बन जाएगी।


संतरा खाएं, त्वचा चमकाएं

शरीर में आयरन की मात्रा को सही बनाए रखने के लिए जरूरी है कि विटामिन सी का भरपूर मात्रा में सेवन किया जाए। इसके लिए विटामिन सी से भरपूर फल संतरा और अनानास का सेवन करना चाहिए। उक्त फलों के सेवन से आपकी त्वचा को लाभ होगा और यह चमक उठेगी।


काली मिर्च: नहीं होगा अल्सर

कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को तो काली मिर्च कम करती ही है साथ ही यह प्लेटलेट के झुंड बनने की प्रक्रिया को भी कम करती है। कहा जाता है कि प्लेटलेट के झंुड जानलेवा थक्के के रूप में जम जाते हैं। काली मिर्च में उच्च मात्रा में पाया जाने वाला केईन आमाशय में अल्सर होने से रोकता है।


आंखें दिखेंगी खूबसूरत

आंखें चेहरे की खूबसूरती होती हैं। यदि यह आकर्षक नहीं होंगी तो चेहरा खूबसूरत नहीं दिखेगा। डार्क सर्कल भी चेहरे की खूबसूरती को कम करता है। ऐसे में डार्क सर्कल दूर करने के लिए कंसीलर की सहायता लें। मस्कारा हमेशा अपनी ऊपर की पलकों को हाईलाइट करने के लिए न लगाएं, बक्नि नीचे की आई लैश को भी मस्कारा से हाईलाइट करें। इससे आप एक अलगसा लुक पाएंगी। इससे आपकी आंखें और भी ज्यादा खूबसूरत दिखेंगी।


गेंदे के फूल से चमकाएं चेहरा

आयुर्वेदिक फेसपैक बनाने के लिए थोड़े से गेंदे के फूल लें। इन्हें पीस कर उसमें एक चम्मच शहद और थोड़ासा कच्चा दूध मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर पंद्रह मिनट तक लगाने के बाद गुनगुने पानी से चेहरा साफ कर लें। इससे आपके चेहरे से पिंपल और झुर्रियां गायब हो जाएंगे। यह ऑयली स्किन के लिए तो बहुत ही अच्छा होता है। इसे हफ्ते में दो बार लगाया जा सकता है।
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Brighten face with marigold

Take a few marigold flowers to make an Ayurvedic facepack. Grind them and make a paste by mixing one spoon of honey and little raw milk in it. After applying it on the face for fifteen minutes, clean the face with lukewarm water. This will cause pimples and wrinkles to disappear from your face. It is very good for oily skin. It can be applied twice a week.



Dharmendra Singh    https://movetonature.blogspot.com


दूध के पोषक तत्व खत्म न करें

दूध को बारबार उबालने से इसमें पाए जाने वाले पौष्ठिक तत्व खत्म हो जाते हैं। टैट्रा पैक ने एक कंपनी के साथ मिलकर देश में दूध के उबाले जाने पर एक अध्ययन किया। इसमें दिलचस्प बात यह सामने आई की अध्ययन में शामिल आधी से ज्यादा महिलाओं का मानना था कि बारबार दूध को उबालने से उसमें पोषक तत्व बढ़ जाते हैं, जबकि यह हकीकत से ठीक उलट है। विशेषज्ञ कहते हैं कि एक बार उफान आने तक ही दूध को गर्म करना चाहिए। गौरतलब है कि दूध संपर्ण आहार इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इसमें किसी एक पेय व खाद्य पदार्थ की तुलना में शरीर के लिए आवश्यक सबसे ज्यादा पोषक तत्व पाए जाते हैं।


सोमवार, 2 दिसंबर 2013

मछली खाएं उम्र बढ़ाएं

हाल ही में हुए शोध में सामने आया है कि मछली खाने से आपकी उम्र में बढोत्तरी हो सकती है।
हार्वर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अपने शोध में यह माना है एक जो लोग हफ्ते में दो बार मछली का सेवन करते हैं उनकी उम्र दो साल और बढ़ जाती है।
इतना ही नहीं, मछली में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड का सेवन अगर उम्र बढ़ने के साथ-साथ कर रहे हैं तो दिल के रोगों से मरने का खतरा 35 प्रतिशत कम होता है और अधिक जिंदा रहने की संभावना 27 प्रतिशत बढ़ जाती है।
शोधकर्ता डैरियश मोज़ाफैरियन ने बताया, 'हमने शोध में पाया कि रक्त में ओमेगा 3 का स्तर अधिक रहता है तो दिल की सेहत बनी रहता ही और उम्र बढ़ने के साथ-साथ जीवनकाल भी बढ़ता है। हफ्ते में अगर दो भार भी डाइट में मछली लें तो आपकी उम्र 2.2 साल और बढ़ सकती है।'
इस शोध में 2,700 लोगों की सेहत और खानपान पर अध्ययन किया गया जिसका पूरा विवरण 'एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन' जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

सब्ज़ियों से बढ़ती है आंखों की रोशनी

प्राकृतिक वस्तुओं का प्रयोग कई घातक रोगों से सुरक्षित रहने के लिए किया जाता रहा है। हाल ही में एक अंतर्राष्ट्रीय मैगज़ीन  प्रकाशित होने वाली शोध रिपोर्ट से पता चला है कि फलों और हरे पत्तों वाली सब्ज़ियों में कैरोटीन नामक पेगमेंट की एसी मात्रा मौजूद होती है जो आंख की रोशनी तेज़ करने की क्षमता होती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह प्राकृतिक कैरोटीन्वाइड आंख की पुतली पर सकारात्मक असर डालती है और बड़ी आयु में आंख की रोशनी सुरक्षित रखने के साथ ही अनेक रोगों से भी बचाती है।



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Vegetables increase eyesight
Natural goods have been used to protect against many deadly diseases. A recent international magazine research report has revealed that fruits and green-leaf vegetables contain AC amounts of a pigment called carotene that have the ability to accelerate eye light. According to experts, this natural carotenoid has a positive effect on the pupil of the eye and in addition to keeping the eyesight safe in old age and also protects against many diseases.

Dharmendra Singh Rajawat             www.movetonature.blogspot.com

प्रोटीनयुक्त नाश्ता है बेहतर

वजन घटाने के इच्छुक लोग अगर अपने नाश्ते पर विशेष ध्यान दें तो उन्हें जल्दी ही बेहतर परिणाम मिलेंगे। एक नए शोध के अनुसार प्रोटीनयुक्त नाश्ता करने से वजन घटाने के कार्यक्रम को बल मिलता है। नाश्ते में कार्बोहाइड्रेट्स या रेशेयुक्त चीजों की बजाय प्रोटीनयुक्त चीजों के प्रयोग से दिन में भूख महसूस नहीं होती।
वेबसाइट 'फीमेलफर्स्ट डॉट को डॉट यूके" के अनुसार नाश्ते में अंडे, सॉसेज् खाना, दिन के दौरान कम खाने में मददगार साबित हो सकता है। इसके अलावा फल और सब्जियों और दालों का सेवन भी प्रोटीन युक्त पदार्थों की आपूर्ति में मदद करता है।
भूख नियंत्रण में सुधार
18 से 55 साल की महिलाओं के एक समूह पर यूनिवर्सिटी ऑफ मिसौरी में किया गया शोध दर्शाता है कि कम प्रोटीन वाले नाश्ते की अपेक्षा उच्च प्रोटीन वाले नाश्ते से उनका पेट भरा रहा लेकिन वसा और फाइबर की मात्रा उतनी ही रही। शोधविज्ञानी केविन मैकी के नेतृत्व में इस शोध में पाया गया कि नाश्ते में 35ग्राम प्रोटीन के बराबर 4 अंडों के ऑमलेट, 2 सॉसेजेस् भूख को विनियमित करते हैं। उन्होंने बताया कि अधिक प्रोटीन वाला नाश्ता कर भूख नियंत्रण में सुधार किया जा सकता है और यह दिन में ज्यादा खाने से बचने में महिलाओं की मदद भी कर सकता है।
शाकाहारी विकल्प
जो लोग शाकाहारी हैं और अंडों से परहेज करते हैं वे सुबह के नाश्ते में अंकुरित अनाज, उबले चने, मूंगफली के दाने और बादाम का प्रयोग कर सकते हैं। मूंगफली के दानों की चिक्की भी सुबह के नाश्ते में ली जा सकती है। भुने चने, भुने दाने और किशमिश का त्रिगुणी नाश्ता भी शाकाहारियों के लिए बेहतर विकल्प है। कटोरीभर ताजा दही, दो या तीन चम्मच पीसी अलसी और दो चम्मच शहद भी नाश्ते में लिया जा सकता है। यह प्रोटीन, विटामिन्स और कैल्शियम से भरपूर नाश्ता है।  

दांतों को बचाएं इनसे...

आपकी मुस्कान न सिर्फ खुशियां बांटने का जरिया है बल्कि यह आपके व्यक्तित्व का भी हिस्सा है। ऐसे में अगर उस मुस्कान के भीतर चमचमाते दांतों की जगह पीले और कमजोर दांत झांकते नजर आएं तो आपका फर्स्ट इम्प्रेशन अपनेआप में लास्ट इम्प्रेशन होगा।
रोजमर्रा में आप जो डाइट लेते हैं उनमें से कई चीजें दांतों की चमक पर ग्रहण लगाने के लिए काफी हैं। जानिए ऐसी ही पांच डाइट के बारे में जिनका अधिक सेवन आपके दांतों की सफेदी पर हमला बोलता है।
चाय और कॉफी
चाय और कॉफी की चुस्कियां आपको तरोताजा जरूर करती हैं लेकिन इनका अधिक सेवन आपके दांतों की चमक को धूमिल कर सकता है। इनमें क्रोमोजेन नामक तत्व अधिक मात्रा में है, जो दांतों के पीलेपन के लिए जिम्मेदार है।
इससे बचाव के लिए आप ग्रीन टी या हर्बल टी का सेवन करें या फिर चाय- कॉफी के कुछ समय बाद शुगर फ्री च्युंगम लें।
रेड और व्हाइट वाइन
भले ही कई शोधों में वाइन के फायदों पर कई बार चर्चा हो चुकी हो पर दांतों के मामले में इनके नुकसान की अनदेखी नहीं की जा सकती । रेड वाइन और व्हाइट वाइन में कई प्रकार के ऐसे एसिड हैं जिनमें क्रोमोजेन अधिक मात्रा में है। ऐसे में इनके सेवन से दांतों पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
 तेज मसाले
अक्सर खाने में स्वाद और सुगंध के लिए हल्दी, लाल मिर्च जैसे कई गरम मसालों का इस्तेमाल किया जाता है। इनके सेवन से भी दांतों की सफेदी कम होती है। ऐसे में जरूरी है कि रोज खाने के बाद ब्रश करने को अपनी आदत बना लें।
 सॉस और विनेगार 
टोमैटो सॉस हो या फिर व्हाइट विनेगार, इनका बहुत अधिक सेवन दांतों की चमक पर दाग लगाने के लिए काफी है। इनमें एसिड व नमक अधिक मात्रा में हैं जो दांतों की कोटिंग को कमजोर करते हैं।
कैंडी और आइसक्रीम
कैंडी और आइसक्रीम का मोह तो आप किसी भी मौसम में छोड़ नहीं पाते हैं। लेकिन इनमें मौजूद आर्टिफिशियल स्वीटनर और कलरिंग केमिकल दांतों के लिए किसी जहर से कम नहीं हैं।
अधिक मीठा
ज्यादा मीठा खाने वालों के दांत भी कमजोर होने लगते हैं। अधिक शकर हडि्डयों को कमजोर करती है। मीठा खाना ही हो तो शकर की जगह गुड़ का प्रयोग करें। 

बेबी लेग: छोटे परिवर्तन से हो सकता है बड़ा फायदा

नवजात बच्चे के साथ-साथ उनके माता-पिता को भी नए माहौल से तालमेल बिठाने में थोड़ा वक्त लगता है। नींद का पूरा न हो पाना, छोटी-छोटी परेशानियों के कारण उन्हें थकान और थोड़ा तनाव भी महसूस होता है, जिसे 'बेबी लेग" के नाम से जाना जाता है। एक सर्वे के मुताबिक लगभग 77 प्रतिशत पैरेंट्स बेबी लेग की वजह से ठीक से सो नहीं। पाते। एक्सपर्ट का मानना है कि पैरेंट्स बेबी लेग को एक समस्या मानकर उसका निदान ढूढंना शुरू कर दें तो परेशानी जल्द हल हो जाएगी।
हर बच्चे का अलग होता है पैटर्न  
बच्चे के रात में परेशान करने की वजहें जब पैरेंट्स से पूछी गई तो सबका एक ही जवाब था। बच्चे का भूखा होना। दांत निकलने के दौरान भी बच्चे परेशान करते हैं। कई पैरेंट्स ने कहा कि वो अपने बच्चों के रात में रोने की वजह नहीं समझ पाते। बच्चों के चेंजिंग स्लीप पैटर्न की एक वजह उसकी उम्र भी हो सकती है। जहां न्यूबॉर्न बेबीज् चौबीस घंटे में से 80 प्रतिशत समय सोने में बिताते हैं, वहीं एक साल के होते ही उनकी नींद 55 प्रतिशत समय में पूरी हो जाती है। स्लीप पैर्टन्स हर बच्चों के अलग-अलग तरह के होते हैं।
क्या करें

  • जब और जहां समय मिले, पॉवर नैप लेने की कोशिश करें।
  • तनाव कम लें। इसके लिए चीजों को उसके महत्व के अनुसार क्रम में रखें, इससे आसानी होगी।
  • खाने में फ्रूट्स, सलाद, दूध और दही का अनुपात बढ़ा दें। खाने में प्रोटीन ज्यादा लें।
  • कार्बोहाइड्रेट का इनटेक कम कर दें
  • अपने और अपने बच्चों के आसपास माहौल खुशनुमा बनाकर रखें
  • बच्चों को रात में सुलाने के लिए बेस्ट ट्रिक है कि आप उसे रात और दिन के बीच का फर्क बताएं। इसके लिए आप साउंड्स और लाइट्स की मदद ले सकते हैं।

 क्या करें बेहतर नींद के लिए 
'बेबी लेग" से बचे रहना तभी संभव है जब आपका बेबी रातभर ठीक से सोए। ये टिप्स बेबी की अच्छीं नींद लाने में हेल्प करेंगे...
 भूख का रखें ध्यान
बेबी को सुलाने से पहले इस बात का विशेष ध्यान देना चाहिए कि उसे बिल्कुल भी भूख न लगी हो। अगर बेबी खा सकता हो तो उसे फैट युक्त फूड देना चाहिए। इसके साथ ही सॉलिड फूड देना भी बहुत ही जरूरी है।
 मसाज है जरूरी 
बेबी को अच्छी नींद दिलाने के लिए आप उसे सोने से पहले मसाज भी कर सकती हैं। इससे बच्चों को अच्छी नींद आती है। इससे उनकी हडि्डयां भी मजबूत होंगी।
 एकसमान तापमान 
बच्चे अपना बॉडी टेम्परेचर खुद नियंत्रित नहीं कर सकते इसलिए रूम टेम्परेचर एकसमान रखें। टेम्परेचर हमेशा 16 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें। उसे गर्म रखने के लिए आप स्लीपिंग बैग भी यूज कर सकते हैं।
 नाइट बल्ब जरूर जलाएं 
बच्चों के सोने के टाइम रूम की लाइट्स बंद कर दें। इतना याद रखें कि रूम में पूरी तरह अंधेरा न करें। नाइट बल्ब जलने दें। अगर पूरी तरह अंधेरा कर देंगे तो बच्चा डर सकता है। सुलाने के लिए रात का माहौल क्रिएट करना जरूरी है।
 योग निद्रा
योग निद्रा तनाव को दूर करने का एक अच्छा व्यायाम है। इसे नियमित रूप से करना बहुत फायदेमंद साबित होगा। योग निद्रा वैसे थोड़ा मुश्किल होता है लेकिन आप इसे सिंपल बनाकर अपने मुताबिक डीप मेडिटेशन की तरह प्रैक्टिस कर सकती हैं। योग निद्रा सीखने के लिए योगा क्लासेज् ज्वॉइन करना बेहतर ऑप्शन है।  

कैमरे की नजर से देखें चुनाव का इतिहास






























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दिल में है दिल्ली वोट करेंगे: दिल्ली चुनाव आयोग ने लगाई प्रदर्शनी।