कपिल, 'डॉक्टर साहब। मेरी आंखें कमजोर हैं। मेरे हाथ कमजोर हैं। मेरे पांव कमजोर हैं।"
बीच में ही मरीज को रोकते हुए डॉक्टर बोला, 'चिंता की कोई बात नहीं। सब कुछ ठीक हो जाएगा। यह लो दवा।"
कुछ समय बाद मरीज से डॉक्टर बोला, 'अब चुपचाप क्यों बैठे हो? लाओ मेरी फीस और जाओ घर। दवा खाना शुरू करो। बहुत फायदा होगा।"
मरीज कुछ संकोच करते हुए बोला, 'डॉक्टर साहब आपने मेरी पूरी बात तो सुनी ही नहीं थी। दरअसल, मेरी जेब भी कमजोर है।"
बीच में ही मरीज को रोकते हुए डॉक्टर बोला, 'चिंता की कोई बात नहीं। सब कुछ ठीक हो जाएगा। यह लो दवा।"
कुछ समय बाद मरीज से डॉक्टर बोला, 'अब चुपचाप क्यों बैठे हो? लाओ मेरी फीस और जाओ घर। दवा खाना शुरू करो। बहुत फायदा होगा।"
मरीज कुछ संकोच करते हुए बोला, 'डॉक्टर साहब आपने मेरी पूरी बात तो सुनी ही नहीं थी। दरअसल, मेरी जेब भी कमजोर है।"
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