कार्यक्षेत्र में सफलता के लिए आपकी योग्यता और मेहनत जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी है आपका व्यवहार। आप नौकरी के लिए अपने साक्षात्कार में अपने व्यवहार का जो परिचय देते हैं, वह असलियत में आपके स्वभाव से कितना मेल खाता इसका प्रमाण तो काम शुरू होने के बाद ही मिलता है।यही वजह है कि तमाम अच्छी कंपनियां सालाना अप्रैजल के समय न सिर्फ आपके कामकाज का रिकॉर्ड देखती हैं बल्कि आपके प्रमोशन के लिए दफ्तर में आपके व्यवहार को भी एक पैमाना मानती हैं।
ऐसे में अगर आप अपनी नई-नई नौकरी में व्यवहार से जुड़ी ये गलतियां करने से बचेंगे तो अपनी नई नौकरी में कम समय में ही सबको प्रभावित कर देंगे।
बिना सोचे-समझें बोलना
किसी भी नई नौकरी के शुरुआती दिनों में अपनी क्षमताओं और अपने आइडिया से अपनी छवि का निर्माण करना बेशक जरूरी है लेकिन इसका तरीका क्या है, इस पर भी गौर करें। बहुत अधिक बोलना, क्षमताओं से बढ़कर बोलना और दूसरे की बात पूरी
हुए बिना ही बीच में बोल पड़ना, अगर यह सब आपकी आदत में शुमार है तो समझ लें कि आप अपने पैरों पर खुद ही कुल्हाड़ी मार रहे हैं। पहले माहौल और जरूरतों को समझें और फिर अपनी बात रखें।
अभी तो शुरू किया है
अगर आप सोचते हैं कि नई नौकरी के शुरुआती समय में आप जो कुछ सीख रहे हैं और जो भी कर रहे हैं, उस पर किसी की निगाह नहीं है तो यह आपकी गलतफहमी है। नौकरी की शुरुआत में आप हर किसी की नजर में होते हैं। ऐसे में आपकी जरा सी लापरवाही आपके पहले इम्प्रेशन को खराब करने के लिए काफी है। खुद को शुरुआत से ही साबित करना सफलता के लिए बेहद जरूरी है।
बेवजह छुट्टियां
ऐसा नहीं है कि नई नौकरी में आप छुट्टी ही नहीं लेंगे लेकिन अगर आप अपनी छुट्टी बिना किसी प्लानिंग या जानकारी के लेंगे तो इससे आपकी छवि गैरजिम्मेदार व्यक्ति के रूप में बनेगी। शुरुआत में जब आप नई ऊर्जा और उल्लास से भरपूर होते हैं और आप पर ही सबकी निगाहें होती हैं, तब अपनी छुट्टियों के मामले में जरा-सी चूक आपकी प्रबंधन क्षमता पर सवालिया निशान लगा सकते हैं।
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