सोमवार, 2 दिसंबर 2013

बेबी लेग: छोटे परिवर्तन से हो सकता है बड़ा फायदा

नवजात बच्चे के साथ-साथ उनके माता-पिता को भी नए माहौल से तालमेल बिठाने में थोड़ा वक्त लगता है। नींद का पूरा न हो पाना, छोटी-छोटी परेशानियों के कारण उन्हें थकान और थोड़ा तनाव भी महसूस होता है, जिसे 'बेबी लेग" के नाम से जाना जाता है। एक सर्वे के मुताबिक लगभग 77 प्रतिशत पैरेंट्स बेबी लेग की वजह से ठीक से सो नहीं। पाते। एक्सपर्ट का मानना है कि पैरेंट्स बेबी लेग को एक समस्या मानकर उसका निदान ढूढंना शुरू कर दें तो परेशानी जल्द हल हो जाएगी।
हर बच्चे का अलग होता है पैटर्न  
बच्चे के रात में परेशान करने की वजहें जब पैरेंट्स से पूछी गई तो सबका एक ही जवाब था। बच्चे का भूखा होना। दांत निकलने के दौरान भी बच्चे परेशान करते हैं। कई पैरेंट्स ने कहा कि वो अपने बच्चों के रात में रोने की वजह नहीं समझ पाते। बच्चों के चेंजिंग स्लीप पैटर्न की एक वजह उसकी उम्र भी हो सकती है। जहां न्यूबॉर्न बेबीज् चौबीस घंटे में से 80 प्रतिशत समय सोने में बिताते हैं, वहीं एक साल के होते ही उनकी नींद 55 प्रतिशत समय में पूरी हो जाती है। स्लीप पैर्टन्स हर बच्चों के अलग-अलग तरह के होते हैं।
क्या करें

  • जब और जहां समय मिले, पॉवर नैप लेने की कोशिश करें।
  • तनाव कम लें। इसके लिए चीजों को उसके महत्व के अनुसार क्रम में रखें, इससे आसानी होगी।
  • खाने में फ्रूट्स, सलाद, दूध और दही का अनुपात बढ़ा दें। खाने में प्रोटीन ज्यादा लें।
  • कार्बोहाइड्रेट का इनटेक कम कर दें
  • अपने और अपने बच्चों के आसपास माहौल खुशनुमा बनाकर रखें
  • बच्चों को रात में सुलाने के लिए बेस्ट ट्रिक है कि आप उसे रात और दिन के बीच का फर्क बताएं। इसके लिए आप साउंड्स और लाइट्स की मदद ले सकते हैं।

 क्या करें बेहतर नींद के लिए 
'बेबी लेग" से बचे रहना तभी संभव है जब आपका बेबी रातभर ठीक से सोए। ये टिप्स बेबी की अच्छीं नींद लाने में हेल्प करेंगे...
 भूख का रखें ध्यान
बेबी को सुलाने से पहले इस बात का विशेष ध्यान देना चाहिए कि उसे बिल्कुल भी भूख न लगी हो। अगर बेबी खा सकता हो तो उसे फैट युक्त फूड देना चाहिए। इसके साथ ही सॉलिड फूड देना भी बहुत ही जरूरी है।
 मसाज है जरूरी 
बेबी को अच्छी नींद दिलाने के लिए आप उसे सोने से पहले मसाज भी कर सकती हैं। इससे बच्चों को अच्छी नींद आती है। इससे उनकी हडि्डयां भी मजबूत होंगी।
 एकसमान तापमान 
बच्चे अपना बॉडी टेम्परेचर खुद नियंत्रित नहीं कर सकते इसलिए रूम टेम्परेचर एकसमान रखें। टेम्परेचर हमेशा 16 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें। उसे गर्म रखने के लिए आप स्लीपिंग बैग भी यूज कर सकते हैं।
 नाइट बल्ब जरूर जलाएं 
बच्चों के सोने के टाइम रूम की लाइट्स बंद कर दें। इतना याद रखें कि रूम में पूरी तरह अंधेरा न करें। नाइट बल्ब जलने दें। अगर पूरी तरह अंधेरा कर देंगे तो बच्चा डर सकता है। सुलाने के लिए रात का माहौल क्रिएट करना जरूरी है।
 योग निद्रा
योग निद्रा तनाव को दूर करने का एक अच्छा व्यायाम है। इसे नियमित रूप से करना बहुत फायदेमंद साबित होगा। योग निद्रा वैसे थोड़ा मुश्किल होता है लेकिन आप इसे सिंपल बनाकर अपने मुताबिक डीप मेडिटेशन की तरह प्रैक्टिस कर सकती हैं। योग निद्रा सीखने के लिए योगा क्लासेज् ज्वॉइन करना बेहतर ऑप्शन है।  

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