राजकिशोर कपड़ों का बंडल लेकर तेजी से भाग रहा था। रास्ते में मोहन हवलदार ने उसे रोक लिया।
मोहन, 'ऐसे भागते हुए क्यों जा रहे हो?"
राजकिशोर, 'जी मैंने अपनी पत्नी के लिए कपड़े खरीदे हैं।"
मोहन, 'तो! इसमें भागने की क्या जरूरत है?"
राजकिशोर, ' हलवदार साहब। कपड़े नए फैशन के हैं। मुझे डर है कि कहीं घर पहुंचतेपहुंचते फैशन न बदल जाए, इसलिए दौड़ कर जा रहा हूं।"
मोहन, 'ऐसे भागते हुए क्यों जा रहे हो?"
राजकिशोर, 'जी मैंने अपनी पत्नी के लिए कपड़े खरीदे हैं।"
मोहन, 'तो! इसमें भागने की क्या जरूरत है?"
राजकिशोर, ' हलवदार साहब। कपड़े नए फैशन के हैं। मुझे डर है कि कहीं घर पहुंचतेपहुंचते फैशन न बदल जाए, इसलिए दौड़ कर जा रहा हूं।"
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