सोमवार, 2 दिसंबर 2013

ब्रेकफास्ट: कहीं आप भूल तो नहीं कर रहे?

अमूमन लोग नाश्ते के वक्त  फ्रूट ज्यूस को ज्यादा तरजीह देते हैं। उनका मानना होता है कि ज्यूस उनकी बॉडी की जरूरत को पूरा कर देता है, मगर वह गलत हो सकते हैं। दरअसल, फ्रूट ज्यूस से आपको किसी भी फल का संपर्ण विटामिन, फाइबर और मिनरल्स नहीं मिल पाता है। इसलिए फ्रूट ज्यूस के बजाय फल खाना ज्यादा बेहतर होता है। फलों के रेसों से आपको फाइबर के साथ ही मिनरल और विटामिन भी मिल जाते हैं।
कैलोरी कॉन्शस न बनें
कैलोरी कॉन्शस के चलते आज कल लोग बहुत ही लाइट नाश्ता लेते हैं, जोकि गलत है। मालूम हो कि कैलोरी कम नाश्ता लेने से कंट्रोल नहीं होती। यह तो तैलीय पदार्थों के नहीं खाने से कंट्रोल होती है। इसलिए सुबह का नाश्ता उनता हैवी करना चाहिए, जितनी की शरीर को जरूरत है। मफिन्स, चॉकलेट, बटर, सैंडबिच आदि में कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे शरीर को नुकासन पहुंचता है। इसलिए अंकुरित साबुत अनाज, फल, उबले हुए मक्के आदि खाएं तो फायेदमंद होगा।
...फिर भी करें नाश्ता
रात में ज्यादा खाना खा लेने पर भी लोग अगले दिन नाश्ते को अवॉइड करते हैं, जोकि नहीं करना चाहिए। क्योंकि, इससे आपका मेटाबॉलिज्म धीरेधीरे काम करता है। इसलिए नाश्ते को अवॉइड करने के बजाय कम मात्रा में ही सही, मगर नाश्ता जरूर करना चाहिए।

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