बुधवार, 4 दिसंबर 2013

वजन बढ़ने के लिए थॉयरॉइड नहीं होता जिम्मेदार

आपने ज्यादातर लोगों में वजन बढ़ने का कारण थॉयरॉइड सुना होगा। दरअसल गले में स्थित थायरॉइड ग्रंथि के बढ़ने पर शरीर का वजन तेजी के साथ बढ़ने लगता है। अभी तक ज्यादातर मामलों में थॉयरॉइड में बढ़ोतरी या हाइपोथॉयरॉडिज्म को मोटापे के साथ जोड़कर देखा जाता रहा है।
एक नए अध्ययन में यह बात स्पष्ट हुई है कि अधिक वजन वाले लोगों में थॉयराइड हार्मोन के सामान्य स्तर पर पहुंचने के बावजूद भी उनमें से ज्यादातर का वजन कम नहीं हुआ। शोधकर्ताओं  ने हाइपोथॉयरॉइडिज्म और मोटापे के बीच रिश्ते की पूर्व प्रचलित धारणा का पता लगाने के लिए इससे ग्रस्त मरीजों पर आठ साल तक परीक्षण किया।
उन्होंने पाया कि हाइपोथॉयरॉइडिज्म का विशेष उपचार शुरू करने के 24 महीने बाद भी केवल 52 प्रश मरीजों के वजन में कमी आई है। मिशिगन मेडिकल सेंटर के प्राध्यापक रोनाल्ड जे कोइग ने कहा कि हमारे द्वारा किए गए ताजा अध्ययन से साफ तौर पर पता चला है कि थॉयरॉइड के संतुलित होने के बाद भी लगभग आधे लोगों के अधिक वजन में कोई बदलाव नहीं आया। इस अध्ययन के परिणाम पोर्टोरिको के सनजुआन में अमेरिकी थॉयरॉइड सम्मेलन में जल्द ही प्रस्तुत किए जाने हैं। कोइग ने यह भी कहा कि यह अपनी किस्म का पहला अध्ययन है।  

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