बुधवार, 28 जनवरी 2015

स्टेम सेल से गंजेपन का इलाज संभव

वैज्ञानिकों को मानव स्टेम सेल के उपयोग से नए बाल उगाने में बड़ी सफलता मिली है। इससे गंजेपन के उपचार की एक नई राह की संभावना बढ़ी है। सैनफोर्ड-बर्नहेम मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के शोध ने बाल गिरने के साथ लोगों के लिए कोश्ािका आधारित उपचार के विकास की दिश्ाा में पहला कदम बढ़ाया है। सैनफोर्ड-बर्नहेम के एसोसिएट प्रोफेसर एलेक्सी टेरसिख ने बताया, 'हमने बाल उगाने में सक्षम नई कोश्ािका बनाने के लिए मानव स्टेम सेल के उपयोग से एक नई विधि ईजाद की है। यह विधि मौजूदा तरीकों से काफी उन्न्त स्तर की है। वास्तव में मौजूदा तरीकों में सिर पर मौजूद बाल के रोमों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर प्रत्यारोपित किया जाता है।" उन्होंने बताया, 'हमारी विधि कोश्ािकाओं के असीमित स्रोत मुहैया कराती है और मौजूदा बाल रोमों की उपलब्धता तक सीमित नहीं होती है।" इस शोध का प्रकाश्ान पीएलओएस वन जर्नल में किया गया है।
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Treatment of baldness possible with stem cells

Scientists have found great success in growing new hair using human stem cells. This has increased the possibility of a new way of treating baldness. Research by the Sanford-Bernheim Medical Research Institute has taken the first step towards the development of a cella-based treatment for people with hair fall. Sanford-Bernheim Associate Professor Alexei Tersikh stated, 'We have devised a new method using human stem cells to create new cells capable of growing hair. This method is of a much better level than the existing methods. In fact, the existing methods have implanted hair follicles on the scalp from one place to another. "He explained, 'Our method provides unlimited sources of cells and is not limited to the availability of existing hair follicles." This research has been published in PLOS One Journal.


Dharmendra Singh    movetonature.blogspot.com

रविवार, 25 जनवरी 2015

पार्किंसन के उपचार में ई कोली बैक्टीरिया अहम

 ई कोली बैक्टीरिया में पाए जाने वाले एक प्रोटीन में पार्किंसन और अल्जाइमर जैसी बीमारियों को रोकने की क्षमता हो सकती है। प्रमुख शोधकर्ता  और यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन से जुड़े मार्गेरी इवान्स ने बताया कि एमिलॉइड्स प्रोटीन से बनते हैं। जब ये एमिलॉइड्स गलत स्थान या समय पर जमा होते हैं तो मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके चलते पार्किंसन और अल्जाइमर जैसी बीमारियां होती हैं। इस शोध के निष्कर्षों से पार्किंसन के इलाज और एमिलॉइड्स को रोकने का नया रास्ता खुल सकता है। इस शोध का प्रकाशन मॉलक्यूलर सेल में किया गया है।
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E. coli bacteria important in the treatment of Parkinson's

A protein found in E. coli bacteria may have the ability to prevent diseases such as Parkinson's and Alzheimer's. Major researcher and Margerie Evans of the University of Michigan reported that amyloids are made up of proteins. When these amyloids accumulate at the wrong place or time, they damage brain cells. This causes diseases like Parkinson's and Alzheimer's. The findings of this research may open a new way to treat Parkinson's and prevent amyloids. This research has been published in Molecular Cells.


Dharmendra Singh    movetonature.blogspot.com

व्यायाम की क्षमता बढ़ाने में चुकंदर का रस फायदेमंद Beet juice is beneficial in increasing exercise capacity

एक श्ाोध में पता चला है कि चुकंदर का रस दिल के रोगियों में व्यायाम की क्षमता सुधार सकता है। यह निष्कषर््ा वेक फारेस्ट यूनिवर्सिटी द्वारा क्रानिक आब्स्ट्रक्टिव पल्मनेरी डिजीज (सीओपीडी) रोगियों के एक समूह पर किए गए एक नए श्ाोध के आधार पर निकाला गया है। इन रोगियों को व्यायाम से पहले चुकंदर का रस पिलाया गया थ्ाा। वेक फारेस्ट यूनिवर्सिटी के स्वास्थ्ा और व्यायाम विज्ञान विभाग के प्रमुख माइकल बेरी ने बताया, 'इस श्ाोध का मकसद यह पता लगाना थ्ाा कि क्या नाइट्रेट से भरपूर चुकंदर का रस सीओपीडी रोगियों में व्यायाम की क्षमता बढ़ा सकता है।" आमतौर पर व्यायाम के समय सीओपीडी रोगियों को सांस लेने में दिक्कतें होती हैं। इस स्थ्ािति में ऐसे लोग सीमित गतिविधियों के लिए विवश्ा होते हैं। इसके चलते वे अपना फिटनेस खो सकते हैं। इस श्ाोध का प्रकाश्ान नाइट्रिक ऑक्साइड : बॉयोलॉजी एंड केमिस्ट्री जर्नल में किया गया है।