सोमवार, 21 अक्टूबर 2013

इंटरनेट के जरिए न खोजें बीमारी का इलाज

 आधुनिक समय में इंटरनेट ने एक क्लिक पर हर जानकारी हाजिर कर दी है। मगर क्या आपको पता है कि जहां तक जानकारी लेने और जिज्ञासाओं को शांत करने का सवाल है तब तो अच्छा है, मगर जब लोग इसके जरिए कुछ अतिरिक्त ज्ञान लेने लंबे  तो वह खतरनाक हो सकता है। जी हां, यह अतिरिक्त ज्ञान उस तरह का है कि आप इंटरनेट पर बीमारियों के लक्षण और उसका इलाज देखते हुए बिना चिकित्सीय सलाह के ही दवा लेने लग जाएं।
यह शोध ब्रिटेनवासियों पर किया गया है। इसके अनुसार मामूली जुकाम या बुखार किसी गंभीर बीमारी का लक्षण हो सकता है। ऐसी आशंका लगभग हर डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ जताते हैं। मगर बड़ी संख्या में ब्रिटेनवासी अपने लक्षणों के आधार पर खुद की बीमारी का पता लगाने और उसका इलाज खोजने की कोशिश करते हैं, जो किसी बड़े जोखिम से कम नहीं है।
यह खुलासा स्वास्थ्य क्षेत्र की एक निगरानी संस्था 'द इंफर्मेशन स्टैंडर्ड" ने अपने अध्ययन में किया है। इसके मुताबिक 10 में से 4 मरीजों ने फिजीशियन से देरी से सलाह लेने की बात कबूली। इनमें से आधे लोगों ने यह भी माना कि साधारण फिजीशियन की बजाए उन्होंने इंटरनेट पर
अपनी बीमारी के लक्षणों की पहचान करना बेहतर समझा। हैरत की बात यह है कि छह में से एक मरीज ने तब डॉक्टरी सलाह ली, जब उन्होंने पाया कि वे किसी गंभीर बीमारी की चपेट में आने वाले थे।
इस अध्ययन में यह भी खुलासा किया गया है कि ज्यादातर मरीज चिकित्सकीय सलाह से इसलिए बचते हैं क्योंकि वे चिकित्सक का ज्यादा समय बर्बाद नहीं करना चाहते। इसके अलावा अपना समय भी चिकित्सक के पास जाकर नष्ट नहीं करना चाहते हैं। वे मानते हैं कि इंटरनेट पर जो जानकारी मिल गई वह सही है और इससे ही उन्हें आसानी से फायदा हो जाएगा, मगर सच में ऐसा होता नहीं है।  

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