स्मोकिंग करना स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है, यह बात पहले हुए कई शोधों में सिद्ध हो चुकी है। मगर हाल ही में हुए एक नए अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ है कि स्मोकिंग छोड़ने से हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाता है। तो फिर जीने के लिए तो दिल की सुरक्षा जरूरी ही है, इसके लिए स्मोकिंग छोड़ना पड़े तो भी कोई दिक्कत नहीं होना चाहिए। कुछ लोग उम्र बढ़ने के साथ बीमारियों के खतरे से बचने के लिए सिगरेट या बीड़ी का सेवन बंद कर देते हैं। मगर इसे यदि युवावस्था में ही खुद से दूर किया जा सके तो स्वास्थ्यगत फायदे आसानी से देखे जा सकते हैं।
न्यूयॉर्क के प्रीसेबेटेरियन हॉस्पिटल के इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवास्कुलर इमेजिंग और वेलिल कोरनेल मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. रॉबर्ट जे मिन ने बताया कि स्मोकिंग से हार्ट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। उन्होंने बताया कि इस बात को ध्यान में रखकर अध्ययन किया कि स्मोकिंग छोड़ने से हृदय संबंधी बीमारियों और इससे होने वाली मृत्यु दर के आंकड़ों पर क्या फर्क पड़ता है।
क्या कहता है अध्ययन
अध्ययन में यूरोप के 9 देशों के 13,372 हार्ट पेशेन्ट्स को शामिल किया गया। इनमें स्मोकिंग करने वाले 2,853 लोग, स्मोकिंग छोड़ चुके 3,175 लोग और जिन्होंने कभी भी स्मोकिंग नहीं की ऐसे 7,344 लोग शामिल थे। अध्ययन प्रारंभ करने के दो साल बाद देखा गया कि सर्वे में शामिल 2.1 फीसद लोगों की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी थी।
अध्ययन में क्या पाया
अध्ययन में पाया गया कि जो लोग नियमित तौर पर स्मोकिंग कर रहे थे, उनमें हार्ट अटैक की दर स्मोकिंग छोड़ने वालों के मुकाबले ज्यादा थी। स्मोकिंग छोड़ चुके लोगों के मुकाबले स्मोकिंग करने वालों की हार्टअटैक से ज्यादा मौतें हुईं। वहीं स्मोकिंग छोड़ चुके लोगों में हृदयाघात से मौतों का आंकड़ा स्मोकिंग न करने वालों के बराबर था। जिसके आधार पर शोधकर्ताओं ने पाया कि स्मोकिंग छोड़ने से हार्टअटैक का खतरा कम हो जाता है।
न्यूयॉर्क के प्रीसेबेटेरियन हॉस्पिटल के इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवास्कुलर इमेजिंग और वेलिल कोरनेल मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. रॉबर्ट जे मिन ने बताया कि स्मोकिंग से हार्ट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। उन्होंने बताया कि इस बात को ध्यान में रखकर अध्ययन किया कि स्मोकिंग छोड़ने से हृदय संबंधी बीमारियों और इससे होने वाली मृत्यु दर के आंकड़ों पर क्या फर्क पड़ता है।
क्या कहता है अध्ययन
अध्ययन में यूरोप के 9 देशों के 13,372 हार्ट पेशेन्ट्स को शामिल किया गया। इनमें स्मोकिंग करने वाले 2,853 लोग, स्मोकिंग छोड़ चुके 3,175 लोग और जिन्होंने कभी भी स्मोकिंग नहीं की ऐसे 7,344 लोग शामिल थे। अध्ययन प्रारंभ करने के दो साल बाद देखा गया कि सर्वे में शामिल 2.1 फीसद लोगों की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी थी।
अध्ययन में क्या पाया
अध्ययन में पाया गया कि जो लोग नियमित तौर पर स्मोकिंग कर रहे थे, उनमें हार्ट अटैक की दर स्मोकिंग छोड़ने वालों के मुकाबले ज्यादा थी। स्मोकिंग छोड़ चुके लोगों के मुकाबले स्मोकिंग करने वालों की हार्टअटैक से ज्यादा मौतें हुईं। वहीं स्मोकिंग छोड़ चुके लोगों में हृदयाघात से मौतों का आंकड़ा स्मोकिंग न करने वालों के बराबर था। जिसके आधार पर शोधकर्ताओं ने पाया कि स्मोकिंग छोड़ने से हार्टअटैक का खतरा कम हो जाता है।

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