शनिवार, 2 नवंबर 2013

कलर ब्लाइंडनेस दूर करेगा लेंस

कलर ब्लाइंड इंसान हरे और लाल रंग को नहीं पहचान पाता। वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने चश्मे के उस लेंस को खोज लिया है जिससे रंग की पहचान न कर सकने वाली बीमारी यानी 'कलर ब्लाइंडनेस" का इलाज किया जा सकता है।
कलर ब्लाइंडनेस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति लाल और हरे रंग को नहीं पहचान पाता, साथ ही कई महिलाओं के अलावा हर 10 में से एक पुरुष, इस बीमारी से पीड़ित होता है। ऑक्सी-आइसो नाम के लेंस को अमेरिका के रिसर्च संस्थान ने ईजाद किया है जिससे कि डॉक्टर उन नसों को देख पाएंगे जहां तनाव है। जांच से पता चला है कि ये लेंस कलर ब्लाइंड इंसान की लाल और हरे रंगों को पहचाने में मदद करते हैं।
रंग पहचानने में मददगार
लेकिन इस लेंस का इस्तेमाल गोताखोर नहीं कर सकते क्योंकि ये लेंस पीले और नीले रंग को पहचानने की क्षमता को कम करता है। न्यूरोबॉयोलॉजिस्ट मार्क चांगिजी ने इस लेंस को विकसित किया है। वे कहते हैं- बाकी स्तनधारियों के मुकाबले इंसानों में रंगों को पहचानने की बेहतर क्षमता है। ऑक्सी-आइसो फिल्टर सिर्फ उन रंगों को उभारता है जो हरे या लाल होते हैं जिन्हें कलर ब्लाइंड नहीं देख पाते।
चटख दिखता है लाल रंग
डेनियल बोर कलर ब्लाइंड हैं और वो ससेक्स यूनिवर्सिटी के सैकलर सेंटर फॉर कांशियशनेस में न्यूरो वैज्ञानिक हैं। उनके अनुसार ये लेंस लाल रंग को बेहद चटख दिखाता है। हालांकि उन्हें इसकी सफलता पर आशंका भी है।
अदृश्य हो जाता है पीला रंग
डेनियल बोर कहते हैं कि ये लेंस पीले रंग को पूरी तरह से अदृश्य बना देता है। उनके मुताबिक- मेरी बेटी के कम्प्यूटर मॉनिटर पर कुछ पीले रंग थे लेकिन मैं उन्हें देख ही नहीं पाया। तो ये उन लोगों के लिए क्रांतिकारी साबित हो सकता है जिन्हें ये समस्या है। 

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