शुक्रवार, 1 नवंबर 2013

दिमाग के संकेतों से अब चला हेलिकॉप्टर

 मोबाइल, कम्यूटर और कार को दिमाग के संकेतों से चलाने के प्रयोगों के बाद वैज्ञानिकों को 'मस्तिष्क संकेतों के मामले में एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। हाल ही में शोधकर्ताओं ने दिमागी नियंत्रण से हेलिकॉप्टर चलाने के प्रयोग को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। दिमागी संकेतों के माध्यम से हेलिकॉप्टर को कमांड भेजे गए और उसे संचालित किया गया। असल में वैज्ञानिक लंबे समय से दिमागी संकेतों को इलेक्ट्रिक सिग्नल में तब्दील करने की कोशिश में लगे हैं। ताजा शोध से इस दिशा में एक नई कामयाबी मिली है। यानी काल्पनिक और वास्तविक दुनिया के बीच का फासला अब थोड़ा और कम हो गया है। कुल साल पहले तक जिसे नामुमकिन माना जाता था, अब यह तकनीक प्रयोगशालाओं से निकलकर आम इंसानों की जद में आने वाली है।
यूं तो संकेतों की इस भाषा का सबसे ज्यादा उपयोग मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर लोगों की मदद करने और वीडियोगेम खेलने के नायाब तरीके ईजाद करने में होगा। लेकिन इसमें शक नहीं कि आम उपयोग में आने वाली चीजों के नियंत्रण में भी इससे क्रांतिकारी बदलाव आ जाएगा।
ऐसे होता है दिमाग नियंत्रित
इस प्रयोग में मस्तिष्क के विद्युत संकेतों को पकड़ा जाता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि डिवाइस बिना किसी मदद के आपके दिमाग को पढ़ लेगा। इसके लिए एक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम तैयार किया जाता है, जिसे दिमाग के विद्युत संकेतों को पढ़ने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। यह सिस्टम इंसान के दिमाग के भीतर चल रही हलचलों से संकेत ग्रहण करता है और उसे कम्यूटर चिप की मदद से बाइनरी संकेतों में तब्दील कर
देता है।
पहले भी हो चुका इस्तेमाल 
इससे पहले ऐसी तकनीक का इस्तेमाल व्हीलचेयर को चलाने और दिमागी ऑरकेस्ट्रा चलाने के लिए भी हो चुका है। इस तकनीक से जुड़ी कंपनियों को इस प्रयोग से कई नई संभावनाओं की राह खुलती दिख रही है। इसके लिए मुख्य मुकाबला अमेरिकी और यूरोपीय कंपनियों के अलावा जापान और कोरियाई समूहों में भी है। फिलहाल कंपनियां मोबाइल और कंप्यूटर चलाने में इन संकेतों का लाभ उठाना चाहती हैं। जानकारी के अनुसार सैमसंग ने तो दिमागी संकेतों पर आधारित एक टैबलेट को जल्द बाजार में लाने की योजना पर काम शुरू भी कर दिया है।
शोध अब अगले पड़ाव में
अब तक के शोधों में दिमाग के सामान्य संकेतों को इलेक्टिक डिवाइस ने 99 प्रतिशत की शुद्धता से ग्रहण किया है। वैज्ञानिक अब अधिक सूक्ष्म और मिति संकेत समझने की ओर ध्यान लगा रहे हैं।  

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