खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ी मात्रा में नमक खाना तो ठीक है लेकिन अधिक मात्रा में इसके सेवन से न केवल हृदय रोग का जोखिम बढ़ जाता है बल्कि यह अस्थमा, एक्जिमा और मल्टीपल स्क्लेरोसिस का कारण भी बनता है।
अमेरिका में येल यूनिवर्सिटी और जर्मनी में यूनिवर्सिटी ऑफ एलरेंजन-न्यूरेमबर्ग के वैज्ञानिकों की टीम का कहना है कि साल्टी डाइट्स से ऑटोइम्यून डिसीजेस के खतरे बढ़ जाते हैं। अधिक साल्टी डाइट के कारण इम्यून सिस्टम पैथोजिंस से लड़ने की बजाए हेल्दी टिश्यू पर ही आक्रमण करने लगता है। यह स्टडी अपनी प्रकार की पहली है, जिसमें अत्यधिक नमक खाने से ऑटोइम्यून डिसीजेस के खतरे की ओर इशारा किया गया है।
इम्यून सेल्स का खेल
येल यूनिवर्सिटी के मार्कस क्लेनवेटफेल्ड और डेविड हाफलर का मानना है कि अधिक मात्रा में नमक खाने से मनुष्यों में सीडी4 पॉजीटिव टी हेल्पर सेल्स (टीएच) में बदलाव आने लगता है। ये इम्यून सेल्स विशेष डाइटरी हैबिट्स से जुड़ी हैं। इम्यून सिस्टम की अन्य सेल्स के साइटोकाइन्स हेल्पर टी सेल्स को आसन्ना संकट से आगाह करती हैं। वे खतरनाक पैथोजिंस से लड़ने के लिए अन्य इफेक्टर सेल्स को एक्टिवेट करती हैं, उनकी मदद करती हैं ताकि इंफेक्शंस को खत्म किया जा सके।
इंफेक्शन से लड़ती हैं
टी हेल्पर सेल्स के विशेष सबसेट साइटोकाइन इंटरल्यूकिन 17 प्रॉड्यूस करते हैं और इन्हें संक्षेप में टीएच 17 कहा जाता है। इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि टीएच 17 सेल्स इंफेक्शन से लड़ने और ऑटोइम्यून डिसीजेस के पैथाजिनेसिस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
नमक बिगाड़ता है खेल
अध्ययन के अनुसार नमक नाटकीय तरीके से एग्रेसिव टीएच 17 इम्यून सेल्स के इंडक्शन को बढ़ाता है। अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि बढ़ी हुई सोडियम क्लोराइड की मात्रा विशेष साइटोकाइन परिवेश में टीएच17 के ड्रामेटिक इंडक्शन को बढ़ावा देती है। यह वृद्धि दस गुना ज्यादा तक हो सकती है। अधिक साल्ट वाले हालात में सेल्स अपनी साइटोकाइन प्रोफाइल में और बदलाव करती है।
अमेरिका में येल यूनिवर्सिटी और जर्मनी में यूनिवर्सिटी ऑफ एलरेंजन-न्यूरेमबर्ग के वैज्ञानिकों की टीम का कहना है कि साल्टी डाइट्स से ऑटोइम्यून डिसीजेस के खतरे बढ़ जाते हैं। अधिक साल्टी डाइट के कारण इम्यून सिस्टम पैथोजिंस से लड़ने की बजाए हेल्दी टिश्यू पर ही आक्रमण करने लगता है। यह स्टडी अपनी प्रकार की पहली है, जिसमें अत्यधिक नमक खाने से ऑटोइम्यून डिसीजेस के खतरे की ओर इशारा किया गया है।
इम्यून सेल्स का खेल
येल यूनिवर्सिटी के मार्कस क्लेनवेटफेल्ड और डेविड हाफलर का मानना है कि अधिक मात्रा में नमक खाने से मनुष्यों में सीडी4 पॉजीटिव टी हेल्पर सेल्स (टीएच) में बदलाव आने लगता है। ये इम्यून सेल्स विशेष डाइटरी हैबिट्स से जुड़ी हैं। इम्यून सिस्टम की अन्य सेल्स के साइटोकाइन्स हेल्पर टी सेल्स को आसन्ना संकट से आगाह करती हैं। वे खतरनाक पैथोजिंस से लड़ने के लिए अन्य इफेक्टर सेल्स को एक्टिवेट करती हैं, उनकी मदद करती हैं ताकि इंफेक्शंस को खत्म किया जा सके।
इंफेक्शन से लड़ती हैं
टी हेल्पर सेल्स के विशेष सबसेट साइटोकाइन इंटरल्यूकिन 17 प्रॉड्यूस करते हैं और इन्हें संक्षेप में टीएच 17 कहा जाता है। इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि टीएच 17 सेल्स इंफेक्शन से लड़ने और ऑटोइम्यून डिसीजेस के पैथाजिनेसिस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
नमक बिगाड़ता है खेल
अध्ययन के अनुसार नमक नाटकीय तरीके से एग्रेसिव टीएच 17 इम्यून सेल्स के इंडक्शन को बढ़ाता है। अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि बढ़ी हुई सोडियम क्लोराइड की मात्रा विशेष साइटोकाइन परिवेश में टीएच17 के ड्रामेटिक इंडक्शन को बढ़ावा देती है। यह वृद्धि दस गुना ज्यादा तक हो सकती है। अधिक साल्ट वाले हालात में सेल्स अपनी साइटोकाइन प्रोफाइल में और बदलाव करती है।

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