जो लोग एचआईवी से संक्रमित होते हैं उनमें अन्य लोगों की तुलना में हार्ट अटैक का खतरा 50 प्रश ज्यादा होता है। एक अमेरिकी अध्ययन में यह बात सामने आई है। शोधकर्ताओं की यह रिपोर्ट जेएएमए इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित हुई है। हालांकि शोध में इस बात को विस्तृत रूप से नहीं बताया गया है कि क्यों एचआईवी पॉजीटिव लोगों में हार्ट अटैक के खतरे के वास्तविक कारण क्या हैं? लेकिन उन्होंने अनुमान लगाया है कि यह उस एचआईवी वायरस का प्रभाव हो सकता है जो एड्स के लिए जिम्मेदार माना जाता है और दूसरा वे एंटीरिट्रोवायरल ड्रग हो सकती हैं, जिनके द्वारा एड्स का इलाज किया जाता है। पेनसिल्वेनिया के यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसिन मैथ्यू फ्रेबर्ग के नेतृत्व में किए अध्ययन में पाया गया कि हालांकि यह बहुत कठिन गुत्थी है, मगर हम इस मैकेनिज्म को समझने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार अमेरिका में 11 लाख से ज्यादा लोग एचआईवी प्रभावित हैं। जबकि अन्य 50 हजार हर वर्ष इससे संक्रमित होते हैं। अब चूंकि एचआईवी के इलाज के बाद एचआईवी पीड़ित भी लंबे समय तक जीता है। इसलिए शोधकर्ताओं ने उनकी बढ़ती उम्र में हेल्थ पर पड़ने वाले अन्य विपरीत प्रभावों के बारे में जाना। जिसमें हार्ट डिसीज मुख्य पाई गई।
यह शोध अमेरिका के तकरीबन 82 हजार बुजुर्ग लोगों पर किया गया, जिनमें से अधिकांश पुरुष थे। इनमें से एक तिहाई लोग एचआईवी से प्रभावित थे।
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