शुक्रवार, 1 नवंबर 2013

पलभर का गुस्सा ढेर सारे नुकसान

 आजकल की आपाधापी वाली लाइफ स्टाइल में हर कोई व्यस्त है। हर काम की जल्दी और व्यवहार में रूखापन इसकी खास पहचान है। यह रूखापन ही करता है व्यक्ति का मूड खराब और हर समय हर एक की नाक पर सवार रहता है गुस्सा। सही भी कहा गया है कि क्रोध बुद्धि, विवेक को खा जाता है। यह गुस्सा होता तो पलभर का है, लेकिन इसका नुकसान हमारी सेहत को उठाना पड़ता है। यही वजह है कि बड़े-बुजुर्ग हमेशा यही सलाह देते हैं कि क्रोध नहीं करो यह तुम्हारा भविष्य बिगाड़ देगा। केवल इतना ही नहीं घर के बुजुर्ग तो क्रोध को पाप की श्रेणी में रखते हंै। इसके बावजूद क्रोध कम नहीं होता। बच्चे हों या बड़े किसी को किसी की सुनना पसंद नहीं होता, बस मिजाज पर सवार रहती है तुनकमिजाजी।
हाल ही में कनाडा की कॉन्कोर्डिया यूनिवर्सिटी में हुए अध्ययन में पाया गया कि क्रोध के कई नेगेटिव इफेक्ट्स होते हैं जो आपको दिखाई तो नहीं देते लेकिन इनका असर धीरे-धीरे आपके भीतर होता रहता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि गुस्से के पीछे भले ही कोई भी कारण हो, लेकिन इसका सीधा असर सेहत पर ही होता है।
क्या कहता है शोध
शोधकर्ताओं की टीम ने इस शोध के लिए तकरीबन 650 महिला व पुरुषों को शामिल किया गया। इन लोगों के दो समूह बनाए गए जिनमें आधे पुरुष और आधी महिलाओं को शामिल किया गया। इसके बाद इन लोगों की महीनेभर की दिनचर्या पर नजर रखी गई। तकरीबन एक महीने बाद इनमें से 70 प्रतिशत लोगों का एंग्जाइटी लेवल बढ़ा हुआ पाया गया। इससे शोधकर्ताओं ने यह निष्कर्ष निकाला कि क्रोध ऐसी भावना है जो जनरलाइज्ड एंग्जाइटी डिसऑर्डर (जीएडी) को और ज्यादा बिगाड़ देती है।
गुस्से को कहिए बाय-बाय
क्रोध पलभर का होता है लेकिन इसमें मरने, मारने तक जैसी बातें मन में घर लेती है। जिसके नुकसान का आकलन शायद गुस्से की मियाद पूरी होने के बाद ही होता है। यही वजह है कि क्रोध को नियंत्रण करना जरूरी है। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि गुस्सा आना स्वाभाविक है, लेकिन इसमें आपा खोना नुकसानदायक है। गुस्सा न सिर्फ सेहत को बिगाड़ता है, यह बने-बनाए रिश्तों को भी आसानी से तोड़ देता है। इसलिए जरूरी है गुस्से पर काबू पाना, जिसके लिए कुछ टिप्स आजमाई जा सकती हैं...।

  • क्रोध आने वाले कारणों को खोजिए। जिन कामों से आपको परेशानी होती है उन्हें छोड़िए, जिसकी वजह से आप अपने गुस्से में इजाफा करते हंै।
  • जब आपको ज्यादा गुस्सा आए तो रिवर्स काउंटिंग करते हुए एक ग्लास पानी पीएं, गुस्सा भगाने में इसे काफी असरकारक माना जाता है।
  • गुस्से की स्थिति में हर कोई अपनी भड़ास निकालता है, मगर उस दौरान संभलने की जरूरत है और उतना ही कहें जितना सामने वाला समझ सकें। 
  • कुछ भी बोलने से पहले दो बार सोचें, गुस्से में व्यक्ति अपनी सुधबुध खो बैठता है। 
  • अपनी इच्छा को प्रबल करें और दृढ़ निश्चय लें कि कुछ भी करके गुस्से पर नियंत्रण रखेंगे। 
  • गुस्से के समय परिस्थितियों को समझना बहुत जरूरी है। 
  • लोगों को माफ करने या माफी मांगने की आदत डालें। 
  • कई बार दोस्तों और पारिवारिक सदस्यों के बीच गलतफहमियों के चलते टकराव की स्थितियां उभर आती हैं। ऐसे में ठंडे दिमाग से सोचें और बातचीत कर गिले-शिकवे दूर करें। 
  • अपना ध्यान कहीं ओर बंटाए, इससे गुस्सा काफी हद तक दूर हो जाएगा 
  • गुस्से में कुछ गलत कदम उठाने के परिणाम बाद में घर वालों को भुगतने पड़ेंगे, यह सोचकर क्रोध को नियंत्रित करें। 
  • ध्यान, योग करें, गहरी सांसें लें ताकि क्रोध की तीव्रता कम हो सके। 
  • खुद को उन कामों में व्यस्त करें जो आपको खुशी देते हैं और उन लोगों के बीच हमेशा रहिए, जो आपको पॉजीटिव बातों के जरिए जीवन जीने की कला सिखाते हों। 

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