दक्षिण पूर्व एशिया के दो पौधों में मधुमेह रोधी तत्व पाए गए हैं। यह मोटापे पर नियंत्रण में भी कारगर हो सकते हैं। ब्रिटिश शोधकर्ताओं की एक टीम ने ग्रीनविच विश्वविद्यालय के तहत इन पौधों पर शोध किया है।
पौधों का बाटनिकल नेम है कैसिया आरिकुलटा और कैसिया अलाटा। इन पौधों के अर्क में टाइप-1 और टाइप-2 दोनों तरह की डायबिटीज के नियंत्रण के तत्व हैं। पहले प्रकार की डायबिटीज आमतौर पर बच्चों को ही प्रभावित करती है, जबकि दूसरे प्रकार की वयस्कों में पाई जाती है। कुछ हद तक भोजन नियंत्रण और व्यायाम से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
यह होता है पौधों में
शोध में पाया गया कि एक पौधे के अर्क में केम्फेरोल 3-0 रुटिनोसाइडेह नामक तत्व पाया जाता है। यह मधुमेह रोधी अन्य दवाओं से आठ गुना अधिक प्रभावी है। इस पौधे में एंटी आक्सीडेंट भी मौजूद हैं, जिनका डायबिटीज के उपचार में उपयोग होता है। रिसर्च टीम के डॉ. सोलोमन हैबटेमेरियम के अनुसार कैसिया आरिकुलटा में कुछ सक्रिय तत्व मिलकर ऐसा प्रभाव पैदा करते हैं, जो अलग-अलग होने पर नहीं होता।
पौधों का बाटनिकल नेम है कैसिया आरिकुलटा और कैसिया अलाटा। इन पौधों के अर्क में टाइप-1 और टाइप-2 दोनों तरह की डायबिटीज के नियंत्रण के तत्व हैं। पहले प्रकार की डायबिटीज आमतौर पर बच्चों को ही प्रभावित करती है, जबकि दूसरे प्रकार की वयस्कों में पाई जाती है। कुछ हद तक भोजन नियंत्रण और व्यायाम से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
यह होता है पौधों में
शोध में पाया गया कि एक पौधे के अर्क में केम्फेरोल 3-0 रुटिनोसाइडेह नामक तत्व पाया जाता है। यह मधुमेह रोधी अन्य दवाओं से आठ गुना अधिक प्रभावी है। इस पौधे में एंटी आक्सीडेंट भी मौजूद हैं, जिनका डायबिटीज के उपचार में उपयोग होता है। रिसर्च टीम के डॉ. सोलोमन हैबटेमेरियम के अनुसार कैसिया आरिकुलटा में कुछ सक्रिय तत्व मिलकर ऐसा प्रभाव पैदा करते हैं, जो अलग-अलग होने पर नहीं होता।

good imformation thank you
जवाब देंहटाएंthank's Dear
जवाब देंहटाएंGood work
जवाब देंहटाएंkeep it up
thank's Pratima Ji
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