एग्जाम के शुरू होने के साथ-साथ बच्चों का टेंशन बढ़ता जाता है। ऐसी स्थिति में उन्हें अपने स्वास्थ्य की ओर ध्यान देना भी कम्पलसरी है। कई तरह के शोधों और कई मनोवैज्ञानिक विश्लेषणों द्वारा एग्जाम के दौरान बच्चों को कई टिप्स दी जाती हैं, ताकि वे एग्जाम में बेहतर परफार्मेंस दे सकें। आज की नई टिप्स में बच्चों को अपनी हेल्थ पर ध्यान देने को कहा गया है। एक्सपटर््स का कहना है कि परीक्षा के दौरान हेल्दी डाइट और थोड़ी-सी एक्सरसाइज जरूरी होती है। न्यूट्रीशन एक्सपटर््स और डाइटिशियन के अनुसार एग्जाम के इस मैराथन सेशन में बच्चों को पढ़ाई पर कॉन्संट्रेशन बनाए रखने के लिए जरूरी है कि उन्हें हेल्दी डाइट दी जाए। इनमें फ्रेश सीजनल फ्रूट्स और वेजिटेबल व सलाद बेहद जरूरी है। इसके साथ ही थोड़ी ब्रीथिंग एक्सरसाइज करने से बच्चों को एग्जाम के दिनों में स्ट्रेस से दूर रहने में काफी मदद मिलती है। केवल इतना ही वे अच्छे मार्क्स भी स्कोर कर सकते हैं। अपोलो अस्पताल की डाइटेटिक्स डिपार्टमेंट की प्रमुख दीपिका अग्रवाल बताती हैं कि अक्सर स्टूडेंट्स एग्जाम के दिनों में चार से पांच घंटे तक लगातार स्टडी में लगते रहते हैं। ऐसे में पैरेन्ट्स को उन्हें हेल्दी फूड देते रहना चाहिए ताकि उनका स्टेमिना बना रहे और उन्हें थकान महसूस न हो। वहीं सुबह और सोते समय थोड़ी ब्रीथिंग एक्सरसाइज भी स्टूडेंन्ट्स के लिए काफी फायदेमंद होती है।थोड़ा ब्रेक भी लेने दें
लगातार एक जैसी सीटिंग के बजाए बच्चों को तकरीबन 15 मिनट का ब्रेक लेकर बॉलकनी और टेरेस पर घूमने के लिए कहना चाहिए ताकि मूड फ्रेश होने के साथ-साथ खुली हवा में घूमने से दिमाग पर बना प्रेशर खत्म हो जाए। पढ़ाई भी ऐसे कमरे में की जाए जहां खिड़कियों से ताजी हवा आती रहे। इस तरह का माहौल बच्चों को पढ़ाई के प्रति उबाता नहीं है।
बादाम का हलवा
पुराने समय में माताएं परीक्षा के दिनों में बच्चों को बादाम और पोस्तदाना का हलवा देती थीं। परीक्षा के दिनों में दही भी खिलाया जाता था।
किस तरह का फूड दें
सुश्री अग्रवाल का कहना है कि बच्चों को संतुलित भोजन के साथ-साथ बेबीकॉर्न, ओट्स, आटे की ब्रेड और पनीर भी दें ताकि इनमें पाए जाने वाले ज्यादा कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा बच्चों के शरीर में पहुंचे और लंबे समय तक बच्चों के शरीर में एनर्जी महसूस होती रहे। सर गंगाराम हॉस्पिटल के मुख्य डाइटिशियन शशि माथुर का कहना है कि बच्चों को पढ़ाई के बीच-बीच में सीजनल फ्रूट्स या फ्रूट ज्यूस देते रहना रहना चाहिए। इसके अलावा ड्रायफ्रूट्स भी शरीर और ब्रेन के लिए बहुत फायेदमंद होते हैं और बॉडी में एनर्जी भी बनी रहती है। ऐसे खाद्य पदार्थ जो एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं और जिनमें फैटी एसिड्स जैसे ओमेगा 6 और ओमेगा 3 पाया जाता है, वे बॉडी में स्ट्रेस की समस्या को रोकते हैं और रिलेक्सेशन प्रदान करते हैं। इसलिए पैरेन्ट्स के जरूरी है कि वे बच्चों को ऐसे हेल्दी फूड देते रहें। वहीं चॉकलेट मिल्क और लस्सी जैसे पदार्थ भी शरीर को जरूरी कैलरी प्रदान कर सकते हैं।
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