एमलेक्सानॉक्स, जापान में डॉक्टरों द्वारा अस्थमा के मरीजों को उपचार के लिए लिखी जाने वाली यह दवा अब मधुमेह और मोटापे जैसी बीमारियों से लड़ने में भी मददगार साबित होगी।
यह बात अमेरिका के शोधकर्ताओं के अध्ययन में सामने आई है। इस अध्ययन के संचालनकर्ता और मिशिगन यूनिवर्सिटी के लाइफसाइंसेज इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर एलैन साल्टेल के मुताबिक मुताबिक एमलेक्सानॉक्स, चूहों में चयापचय प्रतिक्रिया को सुधारने में मददगार साबित हुई है। जर्नल नेचर मेडिसीन की रिपोर्ट के मुताबिक जापान में एमलेक्सानॉक्स को डॉक्टरों द्वारा अस्थमा के मरीजों के उपचार के लिए प्रेसक्राइब्ड किया जा रहा है। लाइफसाइंसेज इंस्टीट्यूट के वक्तव्य के मुताबिक 2009 में सॉल्टेल लैब में प्रकाशित खोज में इस अध्ययन की पुष्टि और धारणा का विस्तार है कि जीन आईकेकेई और टीबीके1 चयापचय संतुलन को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साल्टेल ने बताया कि चूहों पर किए गए प्रयोग के मुताबिक हमें लगता है कि आईकेकेई और टीबीके1 चयापचय प्रक्रिया में सहायक है। एमलेक्सानॉक्स मेटाबॉलिक सिस्टम को दुस्र्स्त करता है, जो मोटापे की संभावना को कम
करता है।
यह बात अमेरिका के शोधकर्ताओं के अध्ययन में सामने आई है। इस अध्ययन के संचालनकर्ता और मिशिगन यूनिवर्सिटी के लाइफसाइंसेज इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर एलैन साल्टेल के मुताबिक मुताबिक एमलेक्सानॉक्स, चूहों में चयापचय प्रतिक्रिया को सुधारने में मददगार साबित हुई है। जर्नल नेचर मेडिसीन की रिपोर्ट के मुताबिक जापान में एमलेक्सानॉक्स को डॉक्टरों द्वारा अस्थमा के मरीजों के उपचार के लिए प्रेसक्राइब्ड किया जा रहा है। लाइफसाइंसेज इंस्टीट्यूट के वक्तव्य के मुताबिक 2009 में सॉल्टेल लैब में प्रकाशित खोज में इस अध्ययन की पुष्टि और धारणा का विस्तार है कि जीन आईकेकेई और टीबीके1 चयापचय संतुलन को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साल्टेल ने बताया कि चूहों पर किए गए प्रयोग के मुताबिक हमें लगता है कि आईकेकेई और टीबीके1 चयापचय प्रक्रिया में सहायक है। एमलेक्सानॉक्स मेटाबॉलिक सिस्टम को दुस्र्स्त करता है, जो मोटापे की संभावना को कम
करता है।

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