बुधवार, 30 अक्टूबर 2013

फाइट नहीं तो सेहत राइट

खुशहाल दांपत्य बेहतर जीवन का आधार है। एक हालिया रिसर्च इसे बेहतर सेहत से भी जोड़कर देखती है। इस रिसर्च के मुताबिक  व्यक्ति की बेहतर सेहत में अच्छे दांपत्य की अहम भूमिका होती है।
उथाह की ब्रिंघम यंग यूनिवर्सिटी द्वारा कराए इस शोध  में यह बात सामने आई है जिन शादीशुदा जोड़ों के बीच नोकझोंक नहीं होती, उनकी सेहत ज्यादा अच्छी होती है। बीस सालों तक 1,700 दंपतियों पर किए गए अध्ययन में यह बात सामने आई कि जिन जोड़ों के बीच आए दिन लड़ाई-झगड़े होते हैं, उनकी सेहत मानसिक और शारीरिक दोनों रूपों में प्रभावित होती है। झगड़े खत्म होने के बाद भी तनाव का जो महौल होता है, उसका भी प्रभाव दोनों की सेहत पर पड़ता है।
अक्सर पैसे, ससुराल पक्ष और टीवी देखने जैसी छोटी-छोटी बातों पर बहस शुरू होती है, जो आगे चलकर गंभीर बहस में बदल जाती है। ऐसी स्थिति न केवल सेहत खराब करती है, बल्कि उम्र भी कम कर देती है। झगड़ों से होने वाले तनाव के कारण व्यक्ति की नींद भी खराब होती है। जबकि खुशहाल पति-पत्नी एक दूसरे की बुरी आदतों को छुड़ाने में मदद करते हैं और दुख की घड़ी में उनका सबसे बड़ा सहारा बनते हैं।
खुशहाल दंपति घर में पौष्टिक खाना बनाते भी हैं और साथ मिलकर खाते भी हैं, लेकिन जिन जोड़ों के बीच अक्सर लड़ाइयां होती रहती हैं, उनका सारा दिन तनाव में बीतता है या फिर नशे में। घर पर खाना न खाकर वे फास्ट फूड जैसी चीजों से गुजारा करने लगते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें खराब सेहत के रूप में भुगतना पड़ता है।
क्या होता है असर 
दांपत्य के तनाव के कारण लोगों में बेचैनी, खानपान की दिक्कतें, धूम्रपान और अनिद्रा जैसी परेशानियां होने लगती हैं। समस्या बढ़ने पर ब्लड प्रेशर और कमजोर इम्यून सिस्टम का भी खतरा बढ़ जाता है।  शोधकर्ता रिक मिलर का कहना है कि खुशहाल शादी लोगों को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में एक जरूरी तत्व के रूप में काम करती है। जिन जोड़ों के बीच अक्सर लड़ाइयां होती हैं, उन्हें काउंसलर की मदद लेनी चाहिए, ताकि वे खुशहाल और सेहतमंद जिंदगी बिता सकें। 

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