वयस्कों के लिए लेटेस्ट तकनीकी विशिष्ट शब्द या टेक्नोबैबल की तुलना में कोई विदेशी भाषा सीखना ज्यादा
आसान होता है। महिलाओं में कठिन तकनीकी शब्दों की गूढ़लिपि को समझने की क्षमता पुरुषों की तुलना में ज्यादा अच्छी होती है।
एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि महिलाएं कठिन शब्दों के गूढ़ अर्थों को समझने की सतत संघर्षपूर्ण कोशिश करती हैं और वे इसमें सफल भी होती हैं, जबकि पुरुषों में इतना धैर्य नहीं होता है। अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि तकनीकी शब्द 'रिबूट" (डिजीटल डिवाइस को रिस्टार्ट करना), 'मेगाबाइट" (डिजीटल मैमरी की यूनिट) और 'आईएसपी" (इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर) 'बोलांगीर" (फ्रेंच भाषा में बैकरी), 'कालीनिश्टा" (ग्रीक में गुडनाइट) और 'ओस्ट्रोविया" (रूसी भाषा में चीयर्स) की तुलना में अधिक कन्फ्यूजिंग लगते हैं। माइंडलैब के वैज्ञानिकों ने अध्ययन में 16 प्रतिभागियों को शामिल किया और इन शब्दों को उनके सामने रखे जाने के दौरान उनके दिमाग में होने वाली इलेक्ट्रिकल गतिविधि और स्वीट (पसीने) के स्तर को नापा। जब उनके सामने तकनीकी कठिन शब्द रखे गए तो उनमें कन्फ्यूजन और स्ट्रेस की स्थिति अधिक पाई गई जबकि विदेशी भाषा के शब्दों का सामना करने में उन्हें ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। कठिन तकनीकी शब्दों के दौरान उनमें स्ट्रेस का स्तर विदेशी भाषा के शब्दों के मुकाबले 42 प्रतिशत अधिक पाया गया।
आसान होता है। महिलाओं में कठिन तकनीकी शब्दों की गूढ़लिपि को समझने की क्षमता पुरुषों की तुलना में ज्यादा अच्छी होती है।
एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि महिलाएं कठिन शब्दों के गूढ़ अर्थों को समझने की सतत संघर्षपूर्ण कोशिश करती हैं और वे इसमें सफल भी होती हैं, जबकि पुरुषों में इतना धैर्य नहीं होता है। अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि तकनीकी शब्द 'रिबूट" (डिजीटल डिवाइस को रिस्टार्ट करना), 'मेगाबाइट" (डिजीटल मैमरी की यूनिट) और 'आईएसपी" (इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर) 'बोलांगीर" (फ्रेंच भाषा में बैकरी), 'कालीनिश्टा" (ग्रीक में गुडनाइट) और 'ओस्ट्रोविया" (रूसी भाषा में चीयर्स) की तुलना में अधिक कन्फ्यूजिंग लगते हैं। माइंडलैब के वैज्ञानिकों ने अध्ययन में 16 प्रतिभागियों को शामिल किया और इन शब्दों को उनके सामने रखे जाने के दौरान उनके दिमाग में होने वाली इलेक्ट्रिकल गतिविधि और स्वीट (पसीने) के स्तर को नापा। जब उनके सामने तकनीकी कठिन शब्द रखे गए तो उनमें कन्फ्यूजन और स्ट्रेस की स्थिति अधिक पाई गई जबकि विदेशी भाषा के शब्दों का सामना करने में उन्हें ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। कठिन तकनीकी शब्दों के दौरान उनमें स्ट्रेस का स्तर विदेशी भाषा के शब्दों के मुकाबले 42 प्रतिशत अधिक पाया गया।

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