अगर आप अच्छा स्वास्थ्य और लंबी उम्र जीना चाहते हैं तो कुछ न कुछ दान करते रहने की आदत बनाइए। तीन विश्वविद्यालयों में पांच साल चले शोध का यही निष्कर्ष है। यूनिवर्सिटी ऑफ बुफैलो के प्रधान शोध जांचकर्ता माइकल जे. पॉलिन का कहना है कि यह शोध एक महत्वपूर्ण योगदान है...खासकर हमारे इस समझ के संदर्भ में, कि दूसरों को सहयोग देना किस तरह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। साथ ही सहयोग देने वाले को यह तनाव के दुष्प्रभाव से बचाता है।अमेरिकी लोक स्वास्थ्य पत्रिका की खबर के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ऑफ बुफैलो में मनोविज्ञान के सहायक प्रोफेसर पॉलिन ने स्टोनी ब्रूक यूनिवर्सिटी और ग्रैंड वैली स्टेट यूनिवर्सिटी के सहयोगियों के साथ मिलकर इस शोध को पूरा किया। इस शोध में 846 विषयों से तथ्य लिए गए हैं। शोध में यह बात सामने आई है कि समाज से अलग-थलग रहने वाले और तनाव में जीने वाले लोग जल्द ही रुग्णता और मौत की ओर बढ़ने लगते हैं। 20 वर्षों के शोध और विश्लेषण हालांकि इस बात को पुष्ट करने में विफल रहे हैं कि मनोसामाजिक तनाव से ग्रस्त व्यक्ति यदि अन्य से सामाजिक समर्थन हासिल करने वाले को मौत की ओर बढ़ने से रोकता है। बुफैलो के एक बयान के अनुसार, पॉलिन का कहना है कि हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि दूसरों की मदद करने की आदत मददगारों को तनाव और मौत की ओर बढ़ने से रोकती है।
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