गुरुवार, 31 अक्टूबर 2013

आप भी स्ट्रेस को करिए छू-मंतर

आज की भागमभाग भरी जिंदगी में कोई ऐसा शख्स नहीं है जो स्ट्रेस से अछूता हो। हर कहीं किसी न किसी तरह का तनाव व्यक्ति को परेशान कर रहा है। घर हो या बाहर हर तरफ स्ट्रेस व्यक्ति को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। हालांकि स्ट्रेस को हटाना कोई आसान काम नहीं है, मगर फिर भी कोशिश तो की जा सकती है। यही वजह है मई माह के पहले रविवार को 'वर्ल्ड लॉफ्टर डे" मनाया जाता है। इसी तर्ज पर रविवार को दुनियाभर के देशों में इस लॉफ्टर डे के दिन कई आयोजन किए गए और लोगों को लॉफ्टर थैरेपी अपनाते हुए स्ट्रेस भगाने के कई उपाय बताए गए। इसके अलावा अमेरिका की पिट्सबर्ग की एक यूनिवर्सिटी में किए शोध में भी स्ट्रेस हटाने के लिए कुछ आसान उपाय बताए हैं। तो कुछ तरकीबें आजमाकर आप भी इस स्ट्रेस को भगा सकते हैं।
अध्ययन के अनुसार हर दिन अपनी दिनचर्या शुरू होने से पहले एक 'हैप्पी लिस्ट" तैयार करें। जो आपको स्ट्रेस आउट करने में मदद करेगी और आपकी समस्याओं के लिए उपाय भी मिलेंगे। इसके अलावा जब-जब आप स्ट्रेस वाली बातों से परेशान हों तो उसे निकालने के लिए पेपर और पेन का सहारा लें। अक्सर अपनी समस्या को लिखने से स्ट्रेस का लेवल ऑटोमेटिकली कम हो जाता है। केवल इतना ही नहीं समय निकालकर अपने दोस्तों और पारिवारिक सदस्यों के साथ मिलकर अपनी परेशानियों का साझा करें और खुलकर हंसे। हंसी आपके स्ट्रेस को हटाने में काफी मदद करेगी।
शोध में भी हुआ खुलासा
अमेरिका के पिट्सबर्ग स्थित कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस शोध में 73 स्टूडेंट्स को शामिल किया। इनसे 'जीवन में फ्रेंड्स और फैमिली का इम्पॉर्टेंस" जैसे विषय पर संक्षिप्त निबंध लिखने को कहा गया। इसमें से एक समूह के छात्रों का पूरे महीने स्ट्रेस लेवल चेक किया गया। इनमें से आधे स्टूडेंट्स को सेल्फ-एफर्मेशन एक्सरसाइज के लिए कहा गया। इनमें लगभग 50 प्रतिशत स्टूडेंट्स ने खुद को स्ट्रेस आउट पाया। उनका कहना है कि लिखने से उनकी कई तरह की समस्याएं दूर हुईं क्योंकि उन्हें स्ट्रेस हटाने का नया रास्ता मिला। यूनिवर्सिटी में साइकोलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर डेविड क्रेसवेल ने बताया कि क्रॉनिक स्ट्रेस के दौरान इस तरह की संक्षिप्त सेल्फ-एफर्मेशन एक्टिविटी खुद के अंदर से नेगेटिव इफेक्ट्स को हटाने में बेहद मददगार साबित होती है। इसलिए शोधकर्ताओं का कहना है कि हाई स्ट्रेस पीरियड में आप पेपर और पेन की सहायता से अपने स्ट्रेस लेवल को कम कर सकते हैं।
हंसने के बहाने ढूंढिए
आपाधापी के बीच जैसे आज लोगों ने हंसना-हंसाना ही छोड़ दिया है। मगर यह हंसी तो सही मायनों में शरीर के लिए टॉनिक है। यह टॉनिक न मिले तो शायद शरीर ज्यादा बीमार हो जाए। इसलिए यदि आपके पास हंसी का कोई कारण नहीं हो तो भी आप इसके लिए कोई बहाना तो ढूंढ ही सकते हैं ना। इससे न सिर्फ आप स्वस्थ रहेंगे बल्कि दूसरों को भी स्वस्थ बनाएंगे क्योंकि हंसी का टॉनिक आप खुद लेने के साथ-साथ दूसरों को भी देंगे। तो फिर आज से ही कर दीजिए शुरुआत...। बहानों के आते ही हंसी झूमती हुई आपके पास आ जाएगी...।  

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