शनिवार, 2 नवंबर 2013

अब आपकी ईटिंग हैबिट्स बता देगा 'स्मार्ट टूथ"

दांतों के बारे में अक्सर डॉक्टरों से लेकर बड़े-बुजुर्गों द्वारा सलाह दी जाती है कि खाने को आराम से चबा-चबाकर खाना चाहिए। हड़बड़ी में खाने पर वह ठीक से पच नहीं पाता है। इसके बावजूद लोग ऐसी सलाह को अनसुना कर देते हैं। लेकिन अब इस परेशानी का समाधान निकालने के लिए वैज्ञानिकों ने ऐसा 'स्मार्ट टूथ" बनाया है, जिससे यह पता चल सकेगा कि लोग चबाने, खाने और पीने में कितना समय खर्च करते हैं। इतना ही नहीं इस 'स्मार्ट टूथ" की मदद से सांस संबंधी समस्याओं के साथ खान-पान की दिनचर्या के पालन का भी पता लगाया जा सकता है।
कैसे करता है काम
'नेशनल ताइवान यूनिवर्सिटी" के वैज्ञानिकों द्वारा बनाया यह गैजेट दिखने में बिल्कुल एक आम दांत की तरह दिखता है, लेकिन इस्तेमाल के लिहाज से बहुत उपयोगी है। 'स्मार्ट टूथ" एक कम्प्यूटर प्रोग्राम से जुड़ा हुआ है। कुछ भी चबाने, खाने-पीने और धूम्रपान करने पर इसकी जानकारी कम्प्यूटर प्रोग्राम में फीड हो जाती है। इसका विश्लेषण कर वैज्ञानिक मुंह के अंदर की गतिविधियों का पता लगाते हैं। इनका आकलन करने के लिए गैजेट में नाखून के आकार का चिपनुमा एक सेंसर लगाया गया है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि दंत चिकित्सकों के लिए यह दांत बहुत उपयोगी हो सकता है। दंत संकाय के प्रमुख डॉ. टी. जॉनसन ने कहा कि दंत चिकित्सा में इसके बहुत सारे उपयोग हो सकते हैं। यह दांत शोधकर्ताओं के लिए भी बहुत उपयोगी है और आने वाले समय में इसका उपयोग और बढ़ेगा। डॉक्टरों के अनुसार मुंह हमारे शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमारे खानपान का स्वास्थ्य पर असर होता है। उन्होंने कहा कि यदि 'स्मार्ट टूथ" हमारे खाने-पीने की जासूसी कर उसका हिसाब-किताब रखेगा तो हम अपने स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल कर सकेंगे और बीमार होने पर डॉक्टरों को बीमारी का पता लगाने में भी मदद मिलेगी।
इस्तेमाल को हरी झंडी
वैज्ञानिकों ने सफलतापूर्वक 'स्मार्ट टूथ" का परीक्षण करने के बाद इसके इस्तेमाल को हरी झंडी दी है। उन्होंने कुछ लोगों के दांत से इस गैजेट को जोड़ा और उन्हें कुछ कार्य करने को दिए। इसके तहत प्रतिभागियों को एक बोतल पानी पीना,  च्युइंगम चबाना और एक कहानी को जोर से पढ़ना था। इस दौरान शोधकर्ताओं ने घड़ी से मिलाकर सभी प्रतिभागियों के कार्य करने के समय पर नजर रखी।  

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