आए दिन लोग सिरदर्द की समस्या से ग्रस्त होते हैं। सिरदर्द की ये शिकायतें कुछ साधारण होती हैं तो कुछ असाधारण बीमारी का संकेत देती हैं। इसलिए महत्वपूर्ण बात यह है कि साधारण सिरदर्द को बीमारी में तब्दील होने से पहले ही उसका इलाज करा लिया जाए ताकि हम सेहत पर होने वाले किसी भी हमले से बचे रहें।
खास बात तो यह है कि यह साधारण सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर जैसी खतरनाक बीमारी भी हो सकता है। इसके लिए जरूरी है कि समय रहते डॉक्टर के पास अपना इलाज कराएं। वैसे अक्सर गर्मियों के दिनों में तेज धूप की वजह से व्यक्ति के मूड में अस्वाभाविक परिवर्तन आते हैं। इनमें चिड़चिड़ाहट आम लक्षण है, इसलिए गर्मी में सिरदर्द की परेशानी ज्यादा सामने आती है। एक अध्ययन के अनुसार विश्व के तीन फीसद लोगों को महीने में तीन दिन तेज सिरदर्द होता है।
यह सिरदर्द दो प्रकार का हो सकता है। पहले प्रकार के सिरदर्द की वजह माइग्रेन, स्ट्रेस या तनाव हो सकता है। वहीं दूसरे प्रकार में मस्तिष्क की किसी बीमारी या साइनोसाइटिस, धमनी की कोशिका का बढ़ जाना या फिर ब्रेन टय़ूमर होता है। वैसे 90 फीसद लोग पहले प्रकार के सिरदर्द से पीड़ित रहते हैं। वहीं चिकित्सक भी अधिकांश मामलों में सिरदर्द का कारण तनाव, गर्मी का मौसम और अव्यवस्थित दिनचर्या को मानते हैं। इसके अलावा घंटों ऑफिस में कम्प्यूटर पर बैठना, ऑफिस स्ट्रेस या फिर लगातार टीवी देखने से भी सिरदर्द होता है। इसके लिए सबसे पहले जरूरी है लक्षणों को जानना। इसके बाद चिकित्सीय परामर्श लेना ताकि कोई बड़ी बीमारी धीरे-धीरे घर न कर ले।
क्या कहता है शोध
शोध बताता है कि आजकल तकरीबन 10 फीसद लोग माइग्रेन का शिकार होते हैं, जो सिरदर्द की एक बड़ी वजह हो सकती है। चिकित्सकों का कहना है कि अधिकांश मामलों में सिरदर्द स्ट्रेस की वजह से ही होता है, मगर इसका लगातार बने रहना अच्छा नहीं है। सिरदर्द कोई उम्र विशेष के लोगों को नहीं होता बल्कि यह समस्या हर उम्र के लोगों में देखी गई है। इसमें युवाओं और महिलाओं की संख्या अधिक है।
आजमाए जा सकते हैं उपाय
सिरदर्द से बचने के लिए व्यायाम और योग को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। इसके अलावा भरपूर नींद और संयमित आहार के जरिए भी इस समस्या से काफी हद तक निजात पाई जा सकती है।
खास बात तो यह है कि यह साधारण सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर जैसी खतरनाक बीमारी भी हो सकता है। इसके लिए जरूरी है कि समय रहते डॉक्टर के पास अपना इलाज कराएं। वैसे अक्सर गर्मियों के दिनों में तेज धूप की वजह से व्यक्ति के मूड में अस्वाभाविक परिवर्तन आते हैं। इनमें चिड़चिड़ाहट आम लक्षण है, इसलिए गर्मी में सिरदर्द की परेशानी ज्यादा सामने आती है। एक अध्ययन के अनुसार विश्व के तीन फीसद लोगों को महीने में तीन दिन तेज सिरदर्द होता है।
यह सिरदर्द दो प्रकार का हो सकता है। पहले प्रकार के सिरदर्द की वजह माइग्रेन, स्ट्रेस या तनाव हो सकता है। वहीं दूसरे प्रकार में मस्तिष्क की किसी बीमारी या साइनोसाइटिस, धमनी की कोशिका का बढ़ जाना या फिर ब्रेन टय़ूमर होता है। वैसे 90 फीसद लोग पहले प्रकार के सिरदर्द से पीड़ित रहते हैं। वहीं चिकित्सक भी अधिकांश मामलों में सिरदर्द का कारण तनाव, गर्मी का मौसम और अव्यवस्थित दिनचर्या को मानते हैं। इसके अलावा घंटों ऑफिस में कम्प्यूटर पर बैठना, ऑफिस स्ट्रेस या फिर लगातार टीवी देखने से भी सिरदर्द होता है। इसके लिए सबसे पहले जरूरी है लक्षणों को जानना। इसके बाद चिकित्सीय परामर्श लेना ताकि कोई बड़ी बीमारी धीरे-धीरे घर न कर ले।
क्या कहता है शोध
शोध बताता है कि आजकल तकरीबन 10 फीसद लोग माइग्रेन का शिकार होते हैं, जो सिरदर्द की एक बड़ी वजह हो सकती है। चिकित्सकों का कहना है कि अधिकांश मामलों में सिरदर्द स्ट्रेस की वजह से ही होता है, मगर इसका लगातार बने रहना अच्छा नहीं है। सिरदर्द कोई उम्र विशेष के लोगों को नहीं होता बल्कि यह समस्या हर उम्र के लोगों में देखी गई है। इसमें युवाओं और महिलाओं की संख्या अधिक है।
आजमाए जा सकते हैं उपाय
सिरदर्द से बचने के लिए व्यायाम और योग को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। इसके अलावा भरपूर नींद और संयमित आहार के जरिए भी इस समस्या से काफी हद तक निजात पाई जा सकती है।

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