शनिवार, 2 नवंबर 2013

सीजेरियन बच्चे होते हैं अधिक बीमार

ऐसा माना जाता रहा है कि नॉर्मल डिलिवरी बच्चे और मां दोनों के लिए बेहतर होती है। कई बार महिलाओं में सामान्य डिलिवरी होने की संभावना नहीं रहती है और कई बार वे स्वयं भी प्रसव पीड़ा से बचने के लिए सीजेरियन का रास्ता चुनती है। लेकिन एक रिसर्च बताती है कि सीजेरियन का प्रभाव बच्चों की सेहत पर पड़ता है।
गट्स में छपी स्वीडन की रिसर्च रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि सीजेरियन बच्चों में हेल्दी बैक्टीरिया का स्तर सामान्य प्रसव से पैदा हुए बच्चों की तुलना कम होता है। इससे सीजेरियन बच्चों मे बार-बार बीमार पड़ने का खतरा अध्ािक रहता है। ऐसे बच्चों का इम्यून सिस्टम सामान्य से कमजोर होता है, जिससे इन्हें बार-बार एलर्जी हो जाती है। 24 बच्चों पर किए गए इस अध्ययन में 9 बच्चे ऐसे थे जो सीजेरियन पैदा हुए थे। शोध्ा के दौरान उनमें हेल्दी बैक्टीरिया की संख्या कम पाई गई। इस दौरान एक हफ्ते, 6, 12 और 24 हफ्तों के बच्चों के सैंपल की जांच की गई। उनके  इम्यून सिस्टम को जांचने के लिए ब्लड सैंपल्स भी लिए गए। इस दौरान पाया गया कि जिन बच्चों का जन्म सामान्य प्रसव से नहीं हुआ है उनमें बैक्टेरॉयडेट्स नामक बैक्टीरिया का ग्रुप मौजूद नहीं था। यहां तक कि उन बच्चों में एक साल की उम्र तक भी इस बैक्टीरिया का निर्माण नहीं हो पाया था।
क्या करता है यह बैक्टीरिया
शोध्ाकर्ताओं का कहना है कि बैक्टेरॉयडेट्स बैक्टीरिया इम्यून सिस्टम को बूस्ट अप करने का काम करता है। एलर्जी, डायबिटीज और इनफ्लेमेंटरी बाउल की स्थिति में अति सक्रिय नहीं होता। प्रसव के दौरान मांओं के जरिए बैक्टीरिया बच्चे को पास हो जाता है, लेकिन सीजेरियन में ऐसी स्थिति नहीं बन पाती।  

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