प्रोस्टेट ग्लैंड की अनदेखी से पुरुषों में कैंसर की आशंका बढ़ जाती है और कई बार ऐसी स्थिति जानलेवा साबित होती है। यहां तक कि हर साल प्रोस्टेट कैंसर की वजह से हजारों पुरुष मारे जाते हैं। इसलिए केवल यह जानना ही जरूरी नहीं कि क्या खाने से प्रोस्टेट ग्लैंड को अध्ािक स्वस्थ्ा रखा जा सकता है, बल्कि इन बातों का ख्याल रखना जरूरी है कि कौन-कौन सी चीजें इसकी सेहत बिगाड़ सकती है।
माइक्रोवेव पॉपकॉर्न
पॉपकॉर्न फाइबर का अच्छा स्रोत माना जाता है, लेकिन जिस पैकेट में माइक्रोवेव पॉपकॉर्न पैक किया जाता है, उनमें एक ऐसा केमिकल होता है जिसे इंसानों में इनफर्टिलिटी का कारण माना जाता है। जो लोग लंबे समय तक पैक्ड खाद्य पदार्थों के जरिए इस केमिकल के संपर्क में आते हैं उनमें कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है।
फ्रेंच फ्राइस व पोटेटो चिप्स
यूनाइटेड स्टेट्स में ये दोनों ही चीजें लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। डीप फ्राइड पोटेटो और पोटेटो चिप्स में भरपूर मात्रा में सैचुरेटेड फैट और नमक होता है। आलू में एस्पाराजाइन नामक अमीनो एसिड होता है, जिसे अत्यध्ािक गर्म करने पर एक्रिलामाइड तत्व का निर्माण होता है। इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर ने एक शोध्ा में यह बात साबित की है कि यह तत्व कैंसर पैदा कर सकता है। इसलिए बेक्ड चीजें ज्यादा बेहतर होती हैं।
आर्टिफिशियल स्वीटनर्स
कई प्रोसेस्ड फूड में आर्टिफिशियल मिठास डाली जाती है। इनमें से कई ऐसे भी होते हैं, जिन्हें डायबिटिक लोगों के निर्मित किया जाता है। जानवरों पर किए गए शोध्ा में इस बात का खुलासा हुआ है कि आर्टिफिशियल स्वीटनर्स से कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है। साथ ही इंसानों में कई प्रकार की एलर्जी का कारण बनता है।
टोमैटो प्रोडक्ट्स
यह सच है कि टमाटर और उससे बने उत्पाद सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं, लेकिन डिब्बाबंद टोमैटो प्रोडक्ट्स के कैन में बिसफेनॉल मौजूद होता है, यह सिंथेटिक एस्ट्रोजन टमाटर से निकल जाता है, क्योंकि यह अम्लीय होता है। इसके कारण कैंसर व अन्य स्वास्थ्य समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है।
डेयरी प्रोडक्ट्स
डेयरी प्रोडक्ट्स के जरिए कैल्शियम की पूर्ति करना सबसे आसान उपाय माना जाता है। अमेरिकन कैंसर सोसायटी का मानना है कि जो लोग सप्लीमेंट या फिर डेयरी प्रोडक्ट्स के जरिए कैल्शियम की पूर्ति करते हैं, उन्हें प्रोस्टेट कैंसर होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। डेयरी प्रोडक्ट में फैट और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा काफी अध्ािक होती है। साथ ही उनमें कुछ ऐसे हार्मोन्स भी होते हैं, जो प्रोस्टेट की सेहत पर विपरीत प्रभाव डालते हैं।
माइक्रोवेव पॉपकॉर्न
पॉपकॉर्न फाइबर का अच्छा स्रोत माना जाता है, लेकिन जिस पैकेट में माइक्रोवेव पॉपकॉर्न पैक किया जाता है, उनमें एक ऐसा केमिकल होता है जिसे इंसानों में इनफर्टिलिटी का कारण माना जाता है। जो लोग लंबे समय तक पैक्ड खाद्य पदार्थों के जरिए इस केमिकल के संपर्क में आते हैं उनमें कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है।
फ्रेंच फ्राइस व पोटेटो चिप्स
यूनाइटेड स्टेट्स में ये दोनों ही चीजें लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। डीप फ्राइड पोटेटो और पोटेटो चिप्स में भरपूर मात्रा में सैचुरेटेड फैट और नमक होता है। आलू में एस्पाराजाइन नामक अमीनो एसिड होता है, जिसे अत्यध्ािक गर्म करने पर एक्रिलामाइड तत्व का निर्माण होता है। इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर ने एक शोध्ा में यह बात साबित की है कि यह तत्व कैंसर पैदा कर सकता है। इसलिए बेक्ड चीजें ज्यादा बेहतर होती हैं।
आर्टिफिशियल स्वीटनर्स
कई प्रोसेस्ड फूड में आर्टिफिशियल मिठास डाली जाती है। इनमें से कई ऐसे भी होते हैं, जिन्हें डायबिटिक लोगों के निर्मित किया जाता है। जानवरों पर किए गए शोध्ा में इस बात का खुलासा हुआ है कि आर्टिफिशियल स्वीटनर्स से कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है। साथ ही इंसानों में कई प्रकार की एलर्जी का कारण बनता है।
टोमैटो प्रोडक्ट्स
यह सच है कि टमाटर और उससे बने उत्पाद सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं, लेकिन डिब्बाबंद टोमैटो प्रोडक्ट्स के कैन में बिसफेनॉल मौजूद होता है, यह सिंथेटिक एस्ट्रोजन टमाटर से निकल जाता है, क्योंकि यह अम्लीय होता है। इसके कारण कैंसर व अन्य स्वास्थ्य समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है।
डेयरी प्रोडक्ट्स
डेयरी प्रोडक्ट्स के जरिए कैल्शियम की पूर्ति करना सबसे आसान उपाय माना जाता है। अमेरिकन कैंसर सोसायटी का मानना है कि जो लोग सप्लीमेंट या फिर डेयरी प्रोडक्ट्स के जरिए कैल्शियम की पूर्ति करते हैं, उन्हें प्रोस्टेट कैंसर होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। डेयरी प्रोडक्ट में फैट और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा काफी अध्ािक होती है। साथ ही उनमें कुछ ऐसे हार्मोन्स भी होते हैं, जो प्रोस्टेट की सेहत पर विपरीत प्रभाव डालते हैं।

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