रविवार, 27 अक्टूबर 2013

अब मशीन बता देगी आप खुश हैं या उदास

अब आप भी यदि अपने चेहरे के भाव छिपाना चाहेंगे तो छिपा नहीं पाएंगे क्योंकि वैज्ञानिकों ने एक ऐसी फेस मशीन तैयार की है जो आपका चेहरा देखकर पहचान लेगी कि आप खुश हैं या उदास। यह अपने आप में पहली ऐसी मशीन है जो आपकी
फेस रीडिंग करेगी। अभी तक ऐसी कोई भी तकनीक नहीं थी, जो आपके चेहरे के भावों का विश्लेषण कर सके ।
अनुमति भी लेगी मशीन 
मशीन आपके बारे में बताने से पहले आपकी अनुमति लेगी। इसके बाद बायोमैट्रिक ट्रैकिंग के लिए विशेष वेबकैम से चेहरे के भावों को रिकॉर्ड करती है। मशीन को तैयार करने वाली कंपनी रियलाइज के प्रबंध निदेशक मिखेल जैट्मा ने बताया कि हमने कम्प्यूटरों को लोगों के चेहरे पर आने वाली भावनाओं को पढ़ने में सक्षम बनाने के लिए प्रशिक्षित किया है। जैट्मा ने उम्मीद जताई कि यह तकनीक भविष्य में विज्ञापनों को उपयुक्त, कम खीझ और कम दबाव वाला बनाने में भी सहायक होगी। इसका इस्तेमाल अभी तक बड़े बजट के विज्ञापनों को लॉन्च करने से पहले लोगों के रुझान को जानने के लिए किया जाता है।
150 श्रोता हुए शामिल
बीबीसी ने तकनीक को विकसित करने वाली रियलाइज कंपनी के साथ मिलकर अपने रेडियो-4 के श्रोताओं पर प्रोग्राम 'यू एंड योर्स" की रिलीज से पहले अनौपचारिक प्रयोग किए। रियलाइज के एमडी ने इस प्रयोग में रेडियो-4 के 150 श्रोताओं की भावनाओं का पता लगाया, जिसमें रेडियो प्रोग्राम की बेहतरीन धुनों को सुनने के दौरान हंसने और मुंह बनाने की उनकी छोटी-छोटी भावनाओं को दर्ज किया गया। प्रोग्राम सुनने वालों को 'द आर्चर्स और सेलिंग बाय" की लोकप्रिय धुनों के साथ-साथ 'गॉड सेव द क्वीन" की धुन भी सुनाई गई।
एक्सप्रेशन्स दिखाई देंगे
कम्प्यूटर प्रोग्राम के जरिए  भौंहें, मुंह और आंखों की गति जानने में मदद मिलेगी। वैश्विक स्तर पर छह भावनाएं होती हैं, जो सबके लिए समान होती हैं। इनके ऊपर भौगोलिक क्षेत्र और उम्र का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। लोगों के चेहरे के भावों से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक 'द आर्चर्स" और 'सेलिंग बाय" के लिए प्रारंभ में खुशी की दर ज्यादा थी, जब लोगों ने धुनों को पहचानना शुरू किया तो इस प्रयोग में खुशी के अतिरिक्त उलझन, गुस्से, आश्चर्य और अरुचि की भावनाओं का भी मूल्यांकन किया गया।  

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