सोमवार, 28 अक्टूबर 2013

अर्ली एज में मोटापा यानी उम्र में कमी

आज की आधुनिक दिनचर्या में खाने-पीने की अव्यवस्थित आदतों से अर्ली एज में मोटापा लोगों को घेरते जा रहा है। मगर शोधकर्ता इस मोटापे से सावधान करते हुए कहते हैं कि अगर आप लंबी और सेहतमंद जिंदगी जीना चाहते हैं तो जवानी में मोटापे से दूर रहिए। उनका मानना है कि जो लोग कम उम्र में ही मोटापे की गिरफ्त में आ जाते हैं, वे जिंदगी की पारी लंबी उम्र तक नहीं खेल पाते। एक ब्रिटिश जर्नल में प्रकाशित नवीन शोध के अनुसार जो लोग महज 20-21 वर्ष की उम्र में ही मोटापे का शिकार हो जाते हैं, वे उम्र के 50 साल भी बेहतर तरीके से पार नहीं कर पाते। हालांकि यह शोध मोटे लोगों को डराने के लिए नहीं है बल्कि उन्हें सावधान करने के लिए है ताकि वे समय रहते इस मोटापे से दूर होने के उपाय अपनाए और जीवन में स्वस्थ रहें।
ब्रिटिश अखबार 'डेली मेल" के मुताबिक इन युवाओं में अन्य लोगों की अपेक्षा मधुमेह, हृदय रोग एवं खून का थक्का जमने का खतरा आठ गुना ज्यादा होता है। मोटापे से युवावस्था में मधुमेह और हृदयवाहिनी में अवरोध जैसी समस्याएं होती हैं। लेकिन युवावस्था के शुरुआती चरण में भी ऐसी समस्याएं उत्पन्ना हो सकती हैं।  

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