गर्मियों की शुरुआत के साथ ही शरीर के लिए ऐसे खाद्य व पेय पदार्थों की आवश्यकता बढ़ जाती है, जो शरीर को गर्मी से राहत देते हुए ठंडक प्रदान करें। मौसमी फल इसमें सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए हर व्यक्ति को अपनी डेली डाइट में प्राकृतिक रूप से पके फल का सेवन करने के लिए कहा जाता है। आज हम गर्मियों में स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम और औषधीय गुणों से भरपूर बेल फल के बारे में बताते हैं। आयुर्वेद में बेल को स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक माना गया है। बिल्व (बेल) और बिल्व पत्र के द्वारा भगवान शिव की पूजा की जाती है, इसलिए इसे अमृतफल भी कहा जाता है।बेहद पौष्टिक
आयुर्वेद में औषधि गुणों से भरपूर माने जाने वाला बेलफल बेहद पौष्टिक होता है। ऊपर से भूरे सुनहरे रंग वाले पके बेल फल का गुदा पीला और खुशबूदार होता है। इसके गुदे में ठंडक की तासीर होने से इसे शीतल फल भी कहा जाता है। गर्मियों में इसका ज्यूस काफी लाभकारी होता है। गूदे में पर्याप्त मात्रा में बीज पाए जाते हैं, जिन्हें निकालकर गुदे को सुखाने के बाद चूर्ण बनाया जा सकता है। इस चूर्ण का सेवन पेट के रोगों में फायदेमंद होता है।
किंग ऑफ फ्रूट्स
बेल में प्रोटीन, फास्फोरस, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, कैल्शियम, फैट, फाइबर, विटामिन 'सी", 'बी" तथा टेनीन पाया जाता है। इसे किंग ऑफ फ्रूट्स भी कहते हैं।
क्या-क्या लाभ
- स्टूडेंट्स के लिए इसे लाभप्रद माना गया है, जो दृष्टि तेज करता है और कॉन्संट्रेशन बढ़ाता है।
- ब्रेन और हार्ट को शक्ति प्रदान करता है
- एसिडिटी दूर करता है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है
- बेल वृक्ष की छाल, पत्ते, जड़ और फल सभी आयुर्वेद चिकित्सा में उपयोगी हैं।
- बेल के पत्ते मधुमेह नाशक होते हैं
- बेल से अल्सर, गैस्ट्रिक डिस्ऑर्डर और कब्ज दूर होता है
- पेट की जलन और मितली में भी कारगर
- पेचिश में बेल के मुरब्बे का सेवन करने से आराम मिलता है
- पेट के रोगों में बेल को 'रामबाण दवा" माना गया है
- पके बेल का सेवन आंत, किडनी और ब्लड को साफ करने का काम करता है
- खून की कमी होने पर बेल के रस का सेवन खून बढ़ाने का काम करता है
- गर्मियों में लू लगने पर बेल के ताजे पत्तों को पीसकर मेहंदी की तरह पैर के तलुओं पर लगाने से आराम मिलता है
- बेल के शर्बत में मिश्री डालकर पीने से लू का मरीज जल्दी ठीक हो जाता है
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