चिड़चिड़ापन, टखने में सूजन जैसी सामान्य समस्याएं संकेत देती हैं कि आपमें कुछ पोषक तत्वों की कमी है। इस कमी को खानपान में मामूली से सुध्ाार के साथ पूरा किया जा सकता है। इन संकेतों के जरिए उन
विटामिन और मिनरल्स का पता लगाया जा सकेगा, जिसकी कमी शरीर में है। शरीर में अलग-अलग विटामिन्स और मिनरल्स की भूमिका अलग-अलग होती है। इसकी कमी के कुछ स्पष्ट लक्षण नजर आने लगते हैं, जिनकी पहचान कर उसके मुताबिक खानपान से उसे दूर किया जा सकता है।
मुंह के आस-पास क्रैक्स: यदि इस तरह की स्थिति हो रही है तो उसका अर्थ है कि आपके शरीर में विटामिन बी-2 की कमी है। यह पोषक तत्व कोशिकाओं के बनने और विकास में मदद करता है। इसके बिना शरीर नई स्किन नहीं बना पाता। यह विटामिन भोजन को ऊर्जा में बदलने का काम भी करता है। इसलिए थकान और माइग्रेन इत्यादि भी विटामिन बी-2 की कमी के लक्षण हो सकते हैं। नेश्ानल डाइट एंड न्यूट्रीशन सर्वे के मुताबिक यह कमी महिलाओं में अध्ािक होती है।
क्या खाएं : डेयरी प्रोडक्ट जैसे दूध्ा नहीं पीने वाले लोगों में विटामिन बी 2 की कमी हो सकती है। रोजाना केवल ढाई सौ मिली दूध्ा लेने से ही इस कमी को दूर किया जा सकता है।
स्वाद न आना : खाने में किसी प्रकार का स्वाद महसूस न होना जिंक की कमी से हो सकता है। यूनिवसिर्टी ऑफ अल्सटर द्वारा 387 लोगों पर कराए गए एक शोध्ा में पाया गया जिन लोगों के खून में जिंक की मात्रा कम थी, वे नमक का स्वाद नहीं पहचान पाए। जिंक का स्तर स्वाद को किस तरह प्रभावित करता है, यह स्पष्ट नहीं है लेकिन स्लाइवरी एंजाइम्स के निर्माण में यह जरूरी होता हैै। साथ ही स्वादग्रंथियों के विकास और प्रक्रिया में भी अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी से संक्रमण की आशंका काफी बढ़ जाती हैं। कोल्ड एंड फ्लू बार-बार होता है, घाव भरने में काफी वक्त लगता है। ऐसा संभवत: इसलिए है कि इम्यून सिस्टम को सुचारु रूप से चलाने और नई कोशिकाओं के निर्माण में इस खनिज तत्व की भूमिका अहम होती है।
क्या खाएं : नट्स खासतौर से काजू और मूंगफली, साथ ही साबुत अनाज लेने से जिंक की कमी दूर हो सकती है।
पेट में गड़बड़ : नेशनल डाइट एंड न्यूट्रीश्ान सर्वे के मुताबिक लगभग आठ में से एक किशोर विटामिन ए की कमी का शिकार होता है। इसकी कमी से इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
क्या खाएं : केवल एक गाजर रोजाना लेने से विटामिन ए की कमी दूर की जा सकती है।
चिड़चिड़ापन : बेजान त्वचा, नाखूनों का बिगड़ा आकार आयरन की कमी दर्शाते हैं। यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक चिड़चिड़ापन के साथ थकान और एकाग्रता में कमी मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी से हो सकती है। आयरन लाल रक्त कोशिकाओं का मुख्य तत्व होता है, जिनकी ऑक्सीजन की मात्रा लेकर पूरे शरीर तक पहुंचाने में अहम भूमिका होती है। महिलाओं में अत्यध्ािक मासिक स्राव के रूप में भी इसकी कमी को देखा जा सकता है। नट्स, दालें, हरी सब्जियां और पोषक तत्वों से भरपूर नाश्ते के जरिए इसकी कमी को पूरा किया जा सकता है।
विटामिन और मिनरल्स का पता लगाया जा सकेगा, जिसकी कमी शरीर में है। शरीर में अलग-अलग विटामिन्स और मिनरल्स की भूमिका अलग-अलग होती है। इसकी कमी के कुछ स्पष्ट लक्षण नजर आने लगते हैं, जिनकी पहचान कर उसके मुताबिक खानपान से उसे दूर किया जा सकता है।
मुंह के आस-पास क्रैक्स: यदि इस तरह की स्थिति हो रही है तो उसका अर्थ है कि आपके शरीर में विटामिन बी-2 की कमी है। यह पोषक तत्व कोशिकाओं के बनने और विकास में मदद करता है। इसके बिना शरीर नई स्किन नहीं बना पाता। यह विटामिन भोजन को ऊर्जा में बदलने का काम भी करता है। इसलिए थकान और माइग्रेन इत्यादि भी विटामिन बी-2 की कमी के लक्षण हो सकते हैं। नेश्ानल डाइट एंड न्यूट्रीशन सर्वे के मुताबिक यह कमी महिलाओं में अध्ािक होती है।क्या खाएं : डेयरी प्रोडक्ट जैसे दूध्ा नहीं पीने वाले लोगों में विटामिन बी 2 की कमी हो सकती है। रोजाना केवल ढाई सौ मिली दूध्ा लेने से ही इस कमी को दूर किया जा सकता है।
स्वाद न आना : खाने में किसी प्रकार का स्वाद महसूस न होना जिंक की कमी से हो सकता है। यूनिवसिर्टी ऑफ अल्सटर द्वारा 387 लोगों पर कराए गए एक शोध्ा में पाया गया जिन लोगों के खून में जिंक की मात्रा कम थी, वे नमक का स्वाद नहीं पहचान पाए। जिंक का स्तर स्वाद को किस तरह प्रभावित करता है, यह स्पष्ट नहीं है लेकिन स्लाइवरी एंजाइम्स के निर्माण में यह जरूरी होता हैै। साथ ही स्वादग्रंथियों के विकास और प्रक्रिया में भी अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी से संक्रमण की आशंका काफी बढ़ जाती हैं। कोल्ड एंड फ्लू बार-बार होता है, घाव भरने में काफी वक्त लगता है। ऐसा संभवत: इसलिए है कि इम्यून सिस्टम को सुचारु रूप से चलाने और नई कोशिकाओं के निर्माण में इस खनिज तत्व की भूमिका अहम होती है।
क्या खाएं : नट्स खासतौर से काजू और मूंगफली, साथ ही साबुत अनाज लेने से जिंक की कमी दूर हो सकती है।
पेट में गड़बड़ : नेशनल डाइट एंड न्यूट्रीश्ान सर्वे के मुताबिक लगभग आठ में से एक किशोर विटामिन ए की कमी का शिकार होता है। इसकी कमी से इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
क्या खाएं : केवल एक गाजर रोजाना लेने से विटामिन ए की कमी दूर की जा सकती है।
चिड़चिड़ापन : बेजान त्वचा, नाखूनों का बिगड़ा आकार आयरन की कमी दर्शाते हैं। यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक चिड़चिड़ापन के साथ थकान और एकाग्रता में कमी मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी से हो सकती है। आयरन लाल रक्त कोशिकाओं का मुख्य तत्व होता है, जिनकी ऑक्सीजन की मात्रा लेकर पूरे शरीर तक पहुंचाने में अहम भूमिका होती है। महिलाओं में अत्यध्ािक मासिक स्राव के रूप में भी इसकी कमी को देखा जा सकता है। नट्स, दालें, हरी सब्जियां और पोषक तत्वों से भरपूर नाश्ते के जरिए इसकी कमी को पूरा किया जा सकता है।

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