फरवरी-मार्च के शुरू होते ही बच्चों और युवाओं में परीक्षाओं का डर बढ़ने लगता है। परीक्षा का नाम सुनते ही सबकी टेंशन बढ़ जाती है। इस टेंशन की वजह से ही कभी-कभी ऐसा होता है कि सारे प्रश्नों के एंसर्स आने के बाद भी एग्जाम का डर स्टूडेंट्स का पेपर बिगाड़ देता है। और नतीजा... सब आते हुए भी एग्जाम में कम नंबर आते हैं।
मगर एक नए शोध में इस टेंशन से लड़ने का एक आसान उपाय बताया गया है। यह उपाय है एग्जाम के बीच में पानी पीना। जी हां, विश्वास नहीं हो रहा ना, लेकिन यह सही है। वैज्ञानिकों का मानना है कि एग्जाम के बीच में पानी पीने से अच्छे नंबर लाए जा सकते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक अगर आप परीक्षा कक्ष में अपने साथ पानी की बोतल लेकर जाते हंै तो इससे आपके नंबर में दस फीसद की बढ़ोतरी हो सकती है। वेस्ट मिन्स्टर विवि में हुए एक शोध ने बताया है कि जो लोग परीक्षा में कोई पेय पदार्थ, खासकर पानी लेकर जाते हैं, वे कोई भी पेय न लाने वालों की तुलना में लगभग दस प्रतिशत ज्यादा अच्छा प्रदर्शन करते हैं।
कैसे किया अध्ययन
इस शोध में डिग्री कोर्स के पहले और दूसरे वर्ष के साथ ही पूर्व डिग्री स्तर के सैकड़ों विद्यार्थियों पर अध्ययन किया गया। फिर यह देखा गया कि एग्जामिनेशन हॉल में पेय पदार्थ लाने का उन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
क्या कहते हैं मनोचिकित्सक
मनोचिकित्सकों की मानें तो शरीर में पानी की मात्रा बेहतर बनी रहने से दिमाग पर अच्छा असर पड़ता है। चूंकि एग्जाम का डर जाने-अनजाने बच्चों की एंग्जाइटी बढ़ाता है, इसके लिए पानी पीने से इस एंग्जाइटी को कम किया जा सकता है। एंग्जाइटी कम होने के साथ ही दिमाग खुलकर विचार प्रस्तुत करता है, जिसका असर अंकों पर निश्चित तौर पर पड़ता है।
मगर एक नए शोध में इस टेंशन से लड़ने का एक आसान उपाय बताया गया है। यह उपाय है एग्जाम के बीच में पानी पीना। जी हां, विश्वास नहीं हो रहा ना, लेकिन यह सही है। वैज्ञानिकों का मानना है कि एग्जाम के बीच में पानी पीने से अच्छे नंबर लाए जा सकते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक अगर आप परीक्षा कक्ष में अपने साथ पानी की बोतल लेकर जाते हंै तो इससे आपके नंबर में दस फीसद की बढ़ोतरी हो सकती है। वेस्ट मिन्स्टर विवि में हुए एक शोध ने बताया है कि जो लोग परीक्षा में कोई पेय पदार्थ, खासकर पानी लेकर जाते हैं, वे कोई भी पेय न लाने वालों की तुलना में लगभग दस प्रतिशत ज्यादा अच्छा प्रदर्शन करते हैं।
कैसे किया अध्ययन
इस शोध में डिग्री कोर्स के पहले और दूसरे वर्ष के साथ ही पूर्व डिग्री स्तर के सैकड़ों विद्यार्थियों पर अध्ययन किया गया। फिर यह देखा गया कि एग्जामिनेशन हॉल में पेय पदार्थ लाने का उन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
क्या कहते हैं मनोचिकित्सक
मनोचिकित्सकों की मानें तो शरीर में पानी की मात्रा बेहतर बनी रहने से दिमाग पर अच्छा असर पड़ता है। चूंकि एग्जाम का डर जाने-अनजाने बच्चों की एंग्जाइटी बढ़ाता है, इसके लिए पानी पीने से इस एंग्जाइटी को कम किया जा सकता है। एंग्जाइटी कम होने के साथ ही दिमाग खुलकर विचार प्रस्तुत करता है, जिसका असर अंकों पर निश्चित तौर पर पड़ता है।

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