गर्भवती महिलाओं में मौजूद विटामिन डी का स्तर जन्म के बाद उनके बच्चों में खाद्य एलर्जी का कारण बन सकता है।हेल्महोल्ट्ज के क्रिस्टीन वेबेज की टीम द्वारा किए गए अध्ययन में एलआईएनए के नमूनों का इस्तेमाल किया गया। इस नमूने को हेल्महोल्ट्ज सेंटर फॉर एन्वाइरमेंटल रिसर्च (जर्मनी) से लिया गया था।
अध्ययन में शामिल 622 माताओं और उनके 629 बच्चों का लंबे समय तक अध्ययन किया गया। अध्ययन में गर्भवती माताओं के रक्त और पैदा लेने वाले बच्चों के गर्भनाल में मौजूद विटामिन डी का परीक्षण किया गया। इसके बाद प्रथम दो साल में बच्चों में होने वाली खाद्य एलर्जी की घटना को दर्ज करने के लिए एक प्रश्नावली का इस्तेमाल किया गया। नतीजे में देखा गया कि जिन गर्भवती माताओं में विटामिन डी का स्तर निम्न था उनके बच्चों में खाद्य एलर्जी कम हुआ। इसका मतलब
हुआ कि विटामिन डी के उच्च स्तर वाली गर्भवती महिलाओं के बच्चों में खाद्य एलर्जी का ज्यादा जोखिम है।
ऐसा माना जाता है कि विटामिन डी हड्डियों को मजबूत बनाने के अलावा सर्दी के मौसम में संक्रमण से रक्षा करता है। यह तंत्रिका और स्नायु तंत्र के लिए भी मददगार है। हेल्महोल्ट्ज सेंटर के एक वक्तव्य के अनुसार रिकेट्स या सूखा रोग के इलाज और उसकी रोकथाम के लिए तकरीबन 50 वर्षो से पूरे विश्व में विटामिन डी शिशुओं को दिया जा रहा है। लेकिन हाल के वैज्ञानिक अनुसंधान इस 'हड्डियों के विटामिन" के सकारात्मक प्रभाव पर सवाल उठा रहे हैं। नब्बे के दशक के अंत में पहली बार विटामिन डी के उच्च स्तर और एलर्जी के बीच के संबंध ने लोगों का ध्यान खींचा था।
अध्ययन में शामिल 622 माताओं और उनके 629 बच्चों का लंबे समय तक अध्ययन किया गया। अध्ययन में गर्भवती माताओं के रक्त और पैदा लेने वाले बच्चों के गर्भनाल में मौजूद विटामिन डी का परीक्षण किया गया। इसके बाद प्रथम दो साल में बच्चों में होने वाली खाद्य एलर्जी की घटना को दर्ज करने के लिए एक प्रश्नावली का इस्तेमाल किया गया। नतीजे में देखा गया कि जिन गर्भवती माताओं में विटामिन डी का स्तर निम्न था उनके बच्चों में खाद्य एलर्जी कम हुआ। इसका मतलब
हुआ कि विटामिन डी के उच्च स्तर वाली गर्भवती महिलाओं के बच्चों में खाद्य एलर्जी का ज्यादा जोखिम है।
ऐसा माना जाता है कि विटामिन डी हड्डियों को मजबूत बनाने के अलावा सर्दी के मौसम में संक्रमण से रक्षा करता है। यह तंत्रिका और स्नायु तंत्र के लिए भी मददगार है। हेल्महोल्ट्ज सेंटर के एक वक्तव्य के अनुसार रिकेट्स या सूखा रोग के इलाज और उसकी रोकथाम के लिए तकरीबन 50 वर्षो से पूरे विश्व में विटामिन डी शिशुओं को दिया जा रहा है। लेकिन हाल के वैज्ञानिक अनुसंधान इस 'हड्डियों के विटामिन" के सकारात्मक प्रभाव पर सवाल उठा रहे हैं। नब्बे के दशक के अंत में पहली बार विटामिन डी के उच्च स्तर और एलर्जी के बीच के संबंध ने लोगों का ध्यान खींचा था।

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